एक तरफ कांग्रेस और BRS है तो दूसरी तरफ बीजेपी है। उनकी मानसिकता लोगों पर राज करने की है जबकि बीजेपी लोगों की सेवा के लिए समर्पित है: पीएम मोदी
केवल भाजपा ही तेलंगाना के लोगों को सामाजिक न्याय की गारंटी दे सकती है। केवल भाजपा ही तेलंगाना को विकास के स्वर्णिम रास्ते पर ले जा सकती है: सिकंदराबाद में पीएम मोदी
भाजपा ने SC और ST पर होने वाले अत्याचारों को लेकर कानूनों को सख्त बनाया और गरीबों को बैंक एकाउंट्स, गैस कनेक्शन, शौचालय तथा आवास की उपलब्धता भी सुनिश्चित की: पीएम मोदी
BRS ने दिल्ली की AAP सरकार के साथ मिलीभगत कर हजारों करोड़ का शराब घोटाला किया। ये लोग जनता के काम में नहीं बल्कि करप्शन में कोऑपरेशन करते हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि तेलंगाना आज इतिहास के एक बेहद अहम मोड़ पर है। दशकों के आंदोलन के बाद 10 साल पहले जो सरकार यहां बनी, वो तेलंगाना के गौरव और सम्मान की रक्षा नहीं कर पाई। इन सालों में तेलंगाना सरकार ने मादिगा समुदाय के साथ ही हर किसी से विश्वासघात किया है। जब आंदोलन के समय वादा किया गया था कि किसी दलित को ही तेलंगाना का पहला सीएम बनाया जाएगा। लेकिन जैसे ही राज्य बन गया, दलितों की आकांक्षाओं को कुचलकर KCR ने सीएम की कुर्सी पर कब्जा कर लिया।

पीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में भी कांग्रेस और बीआरएस अलग नहीं हैं। भारत में राज्य, विकास योजनाओं के लिए दूसरे राज्यों के साथ Cooperation करते हैं। लेकिन बीआरएस की सरकार ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपये के शराब घोटाले को अंजाम दिया। ये लोग काम में नहीं, Corruption में Cooperation करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि BRS ने दलित बंधु स्कीम के तहत हजारों करोड़ रुपये देने की बात कही थी। लेकिन इसका लाभ किसे हुआ? सच्चाई ये है कि ये स्कीम BRS विधायकों के रिश्तेदारों की स्कीम बन गई है। कोर्ट तक को ये कहना पड़ा कि दलित बंधु स्कीम के लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष होना चाहिए। यहां की सरकार ने किसानों के लोन माफ करने का भी वादा किया था। लेकिन किसानों को इसका भी लाभ नहीं मिला। यहां की सरकार ने Irrigation Schemes के बदले आप लोगों को Irrigation Scams दिए हैं।

गरीबों और वंचितों के कल्याण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीजेपी जिस मंत्र पर चलती है, वो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। हमारी सरकार सोशल जस्टिस-सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए हम तेलंगाना की धरती के महान सपूत गुर्रम जशुवा जी और उनके सामाजिक न्याय के कार्यों को अपनी प्रेरणा मानते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडी अलायंस में शामिल बिहार के मुख्यमंत्री जातिवादी राजनीति का झंडा लेकर घूमते हैं। अभी हमने दो दिन पहले ही देखा है कि बिहार के उन्हीं सीएम ने विधानसभा में एक वरिष्ठ दलित नेता और वहां के पूर्व मुख्यमंंत्री जीतन राम मांझी जी का अपमान किया है, जो दलितों में भी अति दलित हैं। बहुत ही निर्लज्जता के साथ यह जताने की कोशिश की गई कि जीतन बाबू सीएम पद के योग्य नहीं थे।

बीआरएस और कांग्रेस की तुलना करते हुए पीएम ने कहा कि तेलंगाना के मादिगा समुदाय को जितना BRS से सतर्क रहना है उतना ही कांग्रेस से भी सावधान रहना है। BRS तो दलित विरोधी है ही कांग्रेस भी उससे रत्ती भर कम नहीं है। BRS ने नए संविधान की मांग करके बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया है तो कांग्रेस का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है। ये कांग्रेस ही है जिसने बाबा साहेब का पीठ पीछे विरोध करके उन्हें दो बार चुनाव नहीं जीतने दिया। कांग्रेस ने दशकों तक पुरानी संसद भवन के सेंट्रल हॉल में न तो बाबा साहब की फोटो लगने दी और न ही उनको भारत रत्न दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि तेलंगाना की इस विकास यात्रा में मादिगा समुदाय के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे बीजेपी भली-भांति समझती है। और वह जल्द से जल्द इस अन्याय का अंत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही एक कमेटी का गठन करेंगे, जो इस समुदाय के सशक्तिकरण का नया रास्ता बनाएगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, और संविधान ने जिस सामाजिक न्याय का दायित्व हमें दिया है, हम उसे हर हाल में सुनिश्चित करेंगे। पूरी मजबूती के साथ हमारी सरकार मादिगा समुदाय के साथ खड़ी रही है और खड़ी रहेगी।

 

 

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!