कांग्रेस के नेता स्टील प्लांट को अपने बच्चों और रिश्तेदारों की तिजोरी भरने का माध्यम बनाना चाहते हैं: जगदलपुर में पीएम मोदी
बस्तर के जगदलपुर में पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने 'लोकतंत्र' को 'लूटतंत्र' और 'प्रजातंत्र' को 'परिवारतंत्र' बना दिया है।
कांग्रेस को अब ऐसे लोग चला रहे हैं जो देश विरोधी ताकतों से मिले हुए हैं। कांग्रेस हर कीमत पर देश के हिंदुओं को बांटकर भारत को बर्बाद करना चाहती है: पीएम मोदी
जातिगत आरक्षण की मांग पर कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों के स्नेह और आशीर्वाद के साथ ही संगठन में काम करने के दौरान इस प्रदेश से अपने रिश्ते का जिक्र करते हुए बलिराम कश्यप जी को याद किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान आजकल कांग्रेस का अलग राग अलापने का जिक्र करते हुए कहा, “कांग्रेस के नेता कहते हैं - जितनी आबादी उतना हक। मैं कहता हूं कि इस देश में अगर सबसे बड़ी कोई आबादी है तो वो गरीब है, इसलिए मेरे लिए गरीब ही सबसे बड़ी आबादी है और गरीब का कल्याण ही मेरा मकसद है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी तो कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला हक माइनॉरिटी का है, अल्पसंख्यकों का है, और उसमें भी मुसलमानों का है।” पीएम ने कहा कि अगर आबादी के ही हिसाब से तय होना है कि पहला हक किसका होगा। तो आबादी किसकी ज्यादा है? जरा कांग्रेस वाले स्पष्ट करें। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस हटाना चाहती है क्या? सबसे बड़ी आबादी वाले हिंदू अब आगे बढ़कर अपने सारे हक ले लें क्या? प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पांच सालों में ही छत्तीसगढ़ का बेड़ा गर्क कर रखा है। छत्तीसगढ़ की हालत क्या हो गई है वो पूरा देश देख रहा है। कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों के कारनामों से हर कोई त्रस्त है। कभी-कभी तो लगता है कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कहां सबसे ज्यादा हत्याएं होती है, कहां सबसे ज्यादा महिलाओं पर अत्याचार होते हैं। आज छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से हर व्यक्ति यही कह रहा है... अउ नइ सहिबो, बदल के रहिबो!

प्रधानमंत्री ने प्रदेश और देश के आदिवासियों के लिए भाजपा सरकार द्वारा किए गए हितकारी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी भाई-बहनों के इच्छानुसार ही अटल जी की सरकार ने अलग छत्तीसगढ़ का निर्माण किया। भाजपा सरकार ने ही केंद्र में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया। उनके विकास के लिए अलग बजट बनाया, इतना ही नहीं एक नया विभाग बनाया। जबकि कांग्रेस ने दशकों तक बस्तर को नजरअंदाज किया। पीएम ने कहा कि उन्हें गर्व है कि देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाने का गौरव भाजपा को मिला है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा सरकार आदिवासी समाज के लिए 5 गुना ज्यादा बजट देती है। भाजपा सरकार ने ही 15 नवंबर यानि भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। भाजपा की केंद्र सरकार ने जनजाति वर्ग के छात्रों को दी जा रही छात्रवृति को भी ढाई गुना किया। बीते 9 वर्ष में 300 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जनजातीय बच्चों के लिए खोले हैं। भाजपा सरकार देश में जो आकांक्षी जिला कार्यक्रम चला रही है उसमें बस्तर संभाग के भी अनेक जिले शामिल हैं। आज भी यहां 26-27 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स छत्तीसगढ़ को मिले हैं। प्रधानमंत्री देश के आधुनिकतम स्टील कारखाने के लोकार्पण पर प्रदेश के मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के नहीं आने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर मोदी के सामने जाना है तो आकंठ भ्रष्टाचारी मोदी से आंख नहीं मिला सकता है, इसलिए वे लोग नहीं आए और भाग गए।

कांग्रेस के भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री रमण सिंह हमेशा इस स्टील कारखाने के निर्माण की बात जोर से उठाते थे। लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपकी मांग इसलिए नहीं मानी कि इसके पीछे कांग्रेस के कट, कमीशन और करप्शन की सोच रही है। लंबे समय तक कांग्रेस की नीति रही है कि कच्चा माल विदेश भेजो और फिर उसी कच्चे माल से बना सामान महंगे दाम पर आयात करो। उन्होंने कहा कि बस्तर इलाके का आयरन ओर दुनिया का उत्तम आयरन ओर है। फिर भी यहां आयरन ओर से स्टील बनाने की बजाए यहां का कच्चा माल विदेश भेज दिया। लेकिन हमारी सरकार ने तय किया है कि इस स्टील प्लांट की क्षमता को और ज्यादा बढ़ाना है और पूंजी लगानी है, ताकि ज्यादा लोगों को काम मिल सके। पीएम मोदी ने कहा, आज छत्तीसगढ़ का नौजवान रोजगार के लिए बाहर जाता है। एक दिन ऐसा आएगा हिंदुस्तान के नौजवान रोजगार के लिए बस्तर आना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेसवाले इस स्टील प्लांट को लेकर झूठ फैला रहे हैं, लेकिन मेरी गारंटी है कि बस्तर के इस स्टील प्लांट के मालिक सिर्फ और सिर्फ बस्तर के मेरे भाई-बहन है। इस पर कांग्रेस के नेताओं को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड दिखाता है कि उसे छत्तीसगढ़ के लोगों की परवाह नहीं है। उसकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ छत्तीसगढ़ की संपदा को लूटना है। यहां की खनिज संपदा को लूटने में भी उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ कांग्रेस सरकार के किए गए अन्याय का खुलासा करते हुए पीएम ने कहा कि वन-उपज हमारे जनजातीय समाज के आर्थिक जीवन का हिस्सा रहा है। लेकिन जब तक दिल्ली में कांग्रेस सरकार थी, तब तक ये लोग सिर्फ 10-12 वन उपजों पर ही एमएसपी देते थे। जबकि आज भाजपा सरकार करीब-करीब 90 वन-उपज को एमएसपी के दायरे में ला चुकी है। भाजपा सरकार ने वनधन केंद्र बनाकर, वन उपज के बेहतर दाम देने का रास्ता खोला है। आज छत्तीसगढ़ के हज़ारों आदिवासी बहन-भाइयों को वनधन केंद्रों में रोजगार मिला है। भाजपा सरकार ने तेंदुपत्ता के काम से जुड़े परिवारों के लिए जो भी कल्याणकारी कार्यक्रम बनाए थे, वो कांग्रेस ने बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि जैसे ही यहां भाजपा सरकार बनेगी, वैसे ही तेंदुपत्ता संग्राहकों के लिए पहले की तरह ही, बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी। इतना ही नहीं कांग्रेस धान की कीमतों के नाम पर भी किसानों को धोखा दे रही है। सच्चाई ये है कि छत्तीसगढ़ के धान किसानों का दाना-दाना केंद्र सरकार खरीदती है। भाजपा सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के धान किसानों को दिए हैं। भाजपा सरकार बनेगी तो धान किसानों का पूरा ध्यान रखने की गारंटी है।

कांग्रेस और भाजपा सरकार की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले दिल्ली में जो सरकार थी, उसके अखबारों में सिर्फ बड़े-बडे घोटाले ही छपते थे। पूरी दुनिया में देश का नाम बदनाम कर रखा था। 2014 में आपने केंद्र में भाजपा सरकार बनाई। तब से घोटालों के बजाय दुनिया में भारत के गौरव और उसके सामर्थ्य की चर्चा होती है। आज दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि आप कांग्रेस की सरकार बदलिए, भाजपा इस पूरे लूटतंत्र को बदल देगी। भाजपा सरकार बनते ही PCS घोटाले की जांच होगी। गुनहगार कितना भी ताकतवर हो, मोदी उसको जेल में डालकर के रहेगा। हर नौजवान, हर सरकारी कर्मचारी को पूरा न्याय मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कांग्रेस के वर्तमान और भविष्य के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अब कांग्रेस के लोग नहीं चला रहे हैं। उसके बड़े नेताओं से न तो कुछ पूछा जाता है न वे बोलने की हिम्मत कर रहे हैं। अब तो कांग्रेस को आउटसोर्स कर दिया गया है। कांग्रेस को अब ऐसे लोग चला रहे हैं, जो देश-विरोधी ताकतों से मिले हुए हैं। कांग्रेस देश के हिंदुओं को बांटकर, भारत को तबाह कर देना चाहती है। वह गरीबों को बांटना चाहती है। उन्होंने कहा कि आज तक कांग्रेस ने ये खुलासा नहीं किया है कि उसने किसी देश के साथ क्या गुप्त समझौता किया है? पीएम ने देशवासियों को आगाह किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की नई साजिश से सतर्क रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, जहां तक पहले हक की बात है तो देश के संसाधनों पर पहला हक भारत के गरीब का है। गरीब चाहे दलित हो, पिछड़ा हो, आदिवासी हो या फिर सामान्य वर्ग से हो, सबसे बडी जाति मेरे लिए गरीब है। हमें गरीब की चिंता करनी है, हमें गरीब का जीवन बदलना है। कांग्रेस, देश के लोगों में आपसी खाई बढ़ाना चाहती है, वैर-भाव बढ़ाना चाहती है। इसलिए वह अब नई भाषा बोलने लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दशकों के शासन ने देश को सिर्फ गरीबी दी है। आज भी यहां छत्तीसगढ़ में अलग-अलग समाज के लोग अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस की सरकार साजिश के तहत उन्हें जेल में डाल देती है। उनकी आवाज को दबाने में जुटी है। जबकि भाजपा सरकार सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह से समर्पित है। हाल में ही संसद से महरा-माहरा समाज को एससी का दर्जा दिया गया है। इस समाज की ये मांग भी भाजपा सरकार ने ही पूरी की है। वर्षों तक अपने अधिकारों से वंचित रहे 12 आदिवासी वर्गों को ST का दर्जा देकर, भाजपा सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ भी दशकों तक आरक्षण के नाम पर धोखा किया। जबकि भाजपा सरकार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के हस्ताक्षर से कानून बन गया है। अब यहां के SC/ST समाज सहित सभी बहनों के लिए विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हो गई हैं। इसलिए कांग्रेस के कुशासन को हटाना है और भाजपा के सुशासन को लाना है।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।