प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस और पाँच मध्य एशियाई देशों की ऐतिहासिक यात्रा संपन्न
प्रधानमंत्री ने ताजिकिस्तान का दौरा किया, राष्ट्रपति एमामोली रहमान और ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसुलजोदा से मुलाकात की
प्रधानमंत्री ने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति को 17वीं सदी के भारतीय कवि अब्दुल कादिर बेदिल के मकबरे का लघु चित्र उपहारस्वरूप दिया
भारत और ताजिकिस्तान ने उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर की स्थापना का स्वागत किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि सहयोग की एक विशेष कार्यशाला को संबोधित किया
श्री नरेन्द्र मोदी ने ताजिकिस्तान में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का अनावरण किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जुलाई को ताजिकिस्तान पहुंचे। श्री मोदी का स्वागत करने के लिए ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री श्री कोहिर रसुलजोदा स्वयं हवाई अड्डे पर उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने हार्दिक स्वागत करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

13 जुलाई की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति श्री एमामोली रहमान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जिसके बाद वे उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में भारत और ताजिकिस्तान के बीच सहयोग मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने में राष्ट्रपति रहमान की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और नेतृत्व के लिए उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 17वीं सदी के भारतीय कवि अब्दुल कादिर बेदिल के मकबरे का विशेष रूप से निर्मित लघु चित्र उपहारस्वरूप दिया।

Presented President Rahmon a specially commissioned miniature painting of the tomb of the 17th century Indian poet Abdul...

Posted by Narendra Modi on Monday, July 13, 2015

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

संयुक्त प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और ताजिकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं। उन्होंने ताजिकिस्तान को सभी मध्य एशियाई देशों के बीच भारत का नजदीकी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्य की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर की स्थापना पर अपनी सहमति जताई।

भारत और ताजिकिस्तान ने संयुक्त रूप से आतंकवाद और उग्रवाद का मुकाबला करने में सहयोग को बढ़ाने पर भी अपनी सहमति जताई। दोनों देशों ने प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान रक्षा और सामरिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

दुशान्बे में कृषि सहयोग की एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। श्री मोदी ने पहली बार बड़े पैमाने पर इस तरह के आयोजन पर अपनी ख़ुशी जताई। भारत में हरित क्रांति की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी कृषि के विकास में उत्प्रेरक का काम कर सकती है। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में भारत-ताजिकिस्तान सहयोग के विभिन्न पहलुओं की भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताजिकिस्तान में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

Bust of Gurudev Tagore highlights the deep cultural & spiritual links between India & Tajikistan.

Posted by Narendra Modi on Monday, July 13, 2015

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ताजिकिस्तान मैत्री अस्पताल का भी दौरा किया।

ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया था। श्री मोदी ने आशा जताई कि आगे आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

अपनी यात्रा के समापन से पहले श्री मोदी ने अपने हार्दिक स्वागत एवं आतिथ्य के लिए ताजिकिस्तान की सरकार और वहां की जनता को धन्यवाद दिया। ताजिकिस्तान श्री नरेन्द्र मोदी की पाँच मध्य एशियाई देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव था। उन्होंने आशा जताई है कि भारत और मध्य एशिया के बीच मजबूत संबंध संपूर्ण क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।

 

 

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।