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प्रगति मैदान पुनर्विकास परियोजना के अभिन्न अंग के रूप में मुख्य सुरंग और पांच अंडरपास समर्पित
"यह एक नया भारत है जो समस्याओं का समाधान निकालता है, नए संकल्प लेता है और उन वादों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करता है"
"यह परियोजना 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक प्रगति मैदान को बदलने के अभियान का हिस्सा है"
"भारत सरकार देश की राजधानी में अत्याधुनिक सुविधाओं, विश्व स्तरीय कार्यक्रमों के लिए प्रदर्शनी हॉल की दिशा में निरंतर रूप से कार्य कर रही है"
“केंद्र सरकार द्वारा विकसित आधुनिक बुनियादी ढाँचा दिल्ली का परिदृश्य बदलते हुए इसे आधुनिक बना रहा है, परिदृश्य में हो रहा बदलाव भावी नियति को परिवर्तित करने का भी एक माध्यम है”
"आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है"
"दिल्ली दुनिया की सबसे बेहतर संपर्क से जुड़ी राजधानियों में से एक के रूप में उभर रही है"
"गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान सबका विश्वास और सबका प्रयास का एक माध्यम है"
"पहली बार कोई सरकार शहरी योजनाओं को महत्व दे रही है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना की मुख्य सुरंग और पांच अंडरपास राष्ट्र को समर्पित किए। एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना प्रगति मैदान पुनर्विकास परियोजना का एक अभिन्न अंग है। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल, श्री हरदीप सिंह पुरी, श्री सोम प्रकाश, श्रीमती अनुप्रिया पटेल और श्री कौशल किशोर उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने परियोजना को केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा उपहार बताया। उन्होंने यातायात की भीड़ और महामारी के कारण परियोजना को पूरा करने में चुनौती की व्यापकता का स्मरण करते हुए परियोजना को पूरा करने के लिए न्यू इंडिया की नई कार्य संस्कृति और श्रमिकों एवं इंजीनियरों को इसका श्रेय दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक नया भारत है जो समस्याओं का समाधान निकालता है, नए संकल्प लेता है और उन वादों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सुरंग 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से प्रगति मैदान को बदलने के अभियान का हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि भारत को बदलने के बावजूद, देश को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्मित प्रगति मैदान राजनीतिक इच्छाशक्ति और पहल की कमी के कारण पिछड़ गया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से प्रगति मैदान की ज्यादा 'प्रगति' नहीं हुई । प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व में अत्यंत धूमधाम और प्रचार के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार देश की राजधानी में विश्व स्तरीय कार्यक्रमों के लिए प्रदर्शनी हॉलों और अत्याधुनिक सुविधाओं की दिशा में निरंतर रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने द्वारका में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और एक्सपो सेंटर और पुनर्विकास परियोजना जैसे प्रतिष्ठानों के बारे में चर्चा करते हुए इसे प्रगति मैदान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित आधुनिक बुनियादी ढाँचा दिल्ली का परिदृश्य बदलते हुए इसे आधुनिक बना रहा है। परिदृश्य में हो रहा यह बदलाव भावी नियति को बदलने का एक माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर दिया जा रहा यह ध्यान, आम लोगों के जीवन को आसान बनाने से प्रेरित है। उन्होंने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जलवायु के प्रति जागरूक बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता को भी दोहराया। प्रधानमंत्री ने अफ्रीका एवेन्यू और कस्तूरबा गांधी रोड पर नए रक्षा कार्यालय परिसर का उदाहरण दीर्घकाल से लंबित समस्याओं से निपटने, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण और देश के लिए कार्य करने वालों की देखभाल के एक दृष्टांत के रूप में दिया। उन्होंने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और कहा कि आने वाले दिनों में भारत की राजधानी विश्व स्तर पर चर्चा का विषय और भारतीयों के लिए गर्व की बात होगी।

प्रधानमंत्री ने समय और ईंधन की बचत के मामले में एकीकृत कॉरिडोर से होने वाले व्यापक लाभों पर चर्चा करते हुए एक अनुमान के अनुसार यातायात में कमी होने से 55 लाख लीटर ईंधन की बचत और 5 लाख पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभांश मिलने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीवन को आसान बनाने के लिए ये स्थायी समाधान समय की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में हमने दिल्ली-एनसीआर की समस्याओं के समाधान के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। पिछले 8 वर्षों में, दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो सेवा का विस्तार 193 किमी से 400 किमी तक हो गया है, जो दोगुने से भी अधिक है। उन्होंने लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत डालने को कहा। इसी तरह ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ने दिल्ली के नागरिकों की बहुत सहायता की है। काशी रेलवे स्टेशन पर नागरिकों और अन्य हितधारकों के साथ अपने वार्तालाप का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आम आदमी की मानसिकता में बहुत बदलाव आया है और सरकार उस बदलाव के अनुसार काम करते रहने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-चंडीगढ़ एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे दिल्ली को दुनिया की सबसे अच्छी संपर्क से जुड़ी राजधानियों में से एक बना रहे हैं। उन्होंने भारत की राजधानी के रूप में दिल्ली की पहचान को मजबूत करने वाले उपायों के हिस्से के रूप में स्वदेशी तकनीक द्वारा बनाई गई दिल्ली मेरठ रैपिड रेल प्रणाली की भी चर्चा की और इससे पेशेवरों, आम लोगों, छात्रों, युवाओं, स्कूल और कार्यालय जाने वाले यात्रियों, टैक्सी-ऑटो चालकों और व्यापारिक समुदाय को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के विजन के माध्यम से बहुआयामी संपर्क बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान सबका विश्वास और सबका प्रयास का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने राज्यों द्वारा गति शक्ति को अपनाने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की, जैसा कि उन्हें हाल ही में धर्मशाला में मुख्य सचिव सम्मेलन में जानकारी दी गई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'अमृत काल' के दौरान देश के मेट्रो शहरों का दायरा बढ़ाना और टियर-2, टियर-3 शहरों में बेहतर प्लानिंग के साथ काम करना जरूरी है। आने वाले 25 वर्षों में भारत के तेजी से विकास के लिए, हमें शहरों को हरा-भरा, स्वच्छ और मैत्रीपूर्ण बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर हम शहरीकरण को एक चुनौती के बजाय एक अवसर के रूप में लेते हैं, तो यह देश के कई गुना विकास में योगदान देगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि कोई भी सरकार पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर शहरी नियोजन को महत्व दे रही है। शहरी गरीबों से लेकर शहरी मध्यम वर्ग तक सभी को बेहतर सुविधाएं देने का काम किया जा रहा है। पिछले 8 वर्षों में 1 करोड़ 70 लाख से अधिक शहरी गरीबों को पक्के मकान सुनिश्चित किए गए हैं। लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को भी उनके घर के निर्माण के लिए मदद दी गई है। यदि शहरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान देते हुए सीएनजी आधारित गतिशीलता और विद्युत गतिशीलता के बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की एफएएमई योजना इसका एक अच्छा उदाहरण है।

अपने वाहन से उतरकर पैदल ही सुरंग का अवलोकन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरंग में निर्मित कलाकृतियों का सृजन बेहद उत्कृष्टता के साथ किया गया है और यह एक भारत श्रेष्ठ भारत का एक महान अध्ययन केंद्र है। उन्होंने कहा कि शायद यह दुनिया में कहीं भी सबसे लंबी कला दीर्घाओं में से एक है। उन्होंने सुझाव दिया कि रविवार को कुछ घंटों के लिए सुरंग को विशेष रूप से स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों को इन कलाकृतियों और इनमें निहित भावना के दृश्यावलोकन की सराहना करने के लिए समय निर्धारित करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

परियोजना का विवरण:

प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना को 920 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है और यह पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इसका उद्देश्य प्रगति मैदान में विकसित किए जा रहे नए विश्व स्तरीय प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर तक बिना किसी बाधा के सुगमता के साथ पहुंच प्रदान करना है, जिससे प्रगति मैदान में होने वाले कार्यक्रमों में दर्शकों और आगंतुकों की आसानी से भागीदारी हो सके।

हालांकि, परियोजना का प्रभाव प्रगति मैदान के अलावा आमजन को यातायात में होने वाली दैनिक समस्याओं को दूर करने में भी होगा, क्योंकि इस सुरंग के माध्यम से बिना किसी बाधा के वाहनों की मुक्त आवाजाही को सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों के समय और लागत को काफी हद तक बचाने में मदद मिलेगी। यह शहरी बुनियादी ढांचे को बदलने के माध्यम से लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण का एक हिस्सा है।

 

 

 

 

 

मुख्य सुरंग प्रगति मैदान से गुजरने वाले पुराना किला मार्ग के माध्यम से रिंग रोड को इंडिया गेट से जोड़ती है। छह लेन में विभाजित इस सुरंग के कई परियोजन हैं, जिसमें प्रगति मैदान की विशाल बेसमेंट पार्किंग तक पहुंच शामिल है। सुरंग का एक अनूठा घटक यह भी है कि पार्किंग स्थल के दोनों ओर से यातायात की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्य सुरंग में सड़क के नीचे ही दो क्रॉस सुरंगों का निर्माण किया गया है। यह सुरंग के अंदर स्मार्ट फायर प्रबंधन, आधुनिक वेंटिलेशन और स्वचालित जल निकासी, डिजिटल रूप से नियंत्रित सीसीटीवी और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसे यातायात की सुचारू आवाजाही की नवीनतम वैश्विक मानक सुविधाओं से लैस है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह सुरंग भैरों मार्ग के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी, जो अपनी वाहन क्षमता से काफी अधिक भार उठा रहा है और इस सुरंग के माध्यम से भैरों मार्ग के आधे से अधिक यातायात भार को कम करने की उम्मीद है।

सुरंग के साथ-साथ छह अंडरपास होंगे- चार मथुरा रोड पर, एक भैरों मार्ग पर और एक रिंग रोड और भैरों मार्ग के चौराहे पर।

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हिमाचल के युवाओं की ऊर्जा, उनका जोश और नेतृत्व कौशल निरंतर देश के काम आ रहा है : पीएम मोदी
September 24, 2022
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हिमाचल के वैश्विक फार्मा हब बनने से विश्व फार्मेसी के रूप में भारत की पहचान और मजबूत होगी: पीएम मोदी
हर बड़े क्षेत्र से जुड़े देश के सभी प्रमुख संस्थान आज यहां हिमाचल में हैं: पीएम मोदी
कुल्लू शॉल हो, किन्नौरी शॉल, चंबा रुमाल, कांगड़ा पेंटिंग, चंबा चप्पल या लाहुली हॉट सॉक्स, इन सभी को जीआई टैग किया गया है: पीएम मोदी

हिमाचल प्रदेश के मेरे सभी युवा साथियों,


तय कार्यक्रम के तहत मुझे अब तक मंडी पहुंच जाना था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। मैं सबसे पहले तो क्षमाप्रार्थी हूं। अब मैं दिल्ली से ही आप सभी के साथ संवाद कर रहा हूं। स्वभाव से मुझे जब भी हिमाचल आने की बात तय होती है तो मैं हफ्ते पहले से ही बड़े उत्साह में आ जाता हूं, चलिए हिमाचल जा रहा हूं मेरे दूसरे घर जा रहा हूं। पुराने साथियों को मिलूंगा, गप-शप लगाउंगा, मौसम का भी थोड़ा फायदा उठाउंगा। तो जैसा ये आपको न मिल पाना, रू-ब-रू आकर के आपका दर्शन नहीं कर पाना, वो जितना मेरे लिए दुखद है, उतना ही मेरे हिमाचल न जाने का मोह छूट जाना हिमाचल न पहुंच पाने की मेरे मन में कसक रह जाती है। खैर आने वाले दिनों में मैं आकर के इसका फायदा तो ले ही लूंगा और मिल भी लूंगा। और मैं देख रहा था कि सारे नौजवान, जबकि बारिश है और हिमाचल की बारिश का मतलब ज्यादा ठंड लेकर के आती है। धड़ाम से टेंपरेचर गिर जाता है। और आप दूर से आए हैं, वहा ठंड का मौसम भी है, वहां पर पानी गिर रहा है और आप कुर्सी को ही छाता बनाकर के खड़े हैं। यह आपका प्यार, आपका उत्साह और उमंग ये यहां साफ-साफ मैं अनुभव कर रहा हूं।

साथियो,


हिमाचल की युवाशक्ति ने हमेशा अलग-अलग मोर्चों पर देश को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है। पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम समेत हिमाचल के अनेक सेनानियों ने आज़ादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज़ादी के तुरंत बाद, जम्मू कश्मीर पर हुए हमले से लेकर करगिल युद्ध तक, हिमाचल के जांबाज़ों ने सर्वोच्च बलिदान देकर मां भारती का सिर ऊंचा रखा है। देश की रक्षा के साथ-साथ देश को सम्मान दिलाने वालों में भी हिमाचल के युवा कमाल करते रहे हैं।


हाल ही में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ खेलों में हिमाचल की प्रियंका ने क्रिकेट में, भाई वरुण ने हॉकी में और भाई विकास ने वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन किया। खेल का मैदान हो या कला जगत, पार्टी हो या सरकार, हिमाचल के युवाओं की ऊर्जा, उनका जोश, उनका नेतृत्व कौशल, निरंतर देश के काम आ रहा है।

साथियों,


युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देना, हमेशा से भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री हों, सांसद हों, मंत्री हों, भाजपा देश का वो राजनीतिक दल है जिसमें हर जगह युवाओं का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा, देश के युवाओं पर, हिमाचल के युवाओं पर सबसे अधिक भरोसा करती है। अब देश की यही युवाशक्ति मिलकर आजादी के अमृतकाल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा करेगी। मंडी में हो रहा ये आयोजन, इसी युवा शक्ति का, युवाओं पर देश के इसी विश्वास का प्रतीक है।

मेरे नौजवान साथियो,


आज दुनिया में भारत की साख जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे भारत को जानने, समझने के लिए, भारत से जुड़ने के लिए पूरी दुनिया लालायित हो रही है। इसके पीछे एक बहुत महत्वपूर्ण कारण है। हिंदुस्तान के नागरिक, जागरूक नागरिक, हिंदुस्तान के मतदाता इसका पूरा श्रेय उनको जाता है। कारण क्या है बताऊं आपको। बहुत दशकों तक हमारे देश में सरकारें अस्थिर रही किसी को बहुमत नहीं था। मिलीजुली सरकारें थीं, कितना दिन चलेगी, कुछ करेगी कि नहीं करेगी, कुछ कर पाएगी कि नहीं कर पाएगी। भारत के मतदाताओं, नागरिकों के मन में ही नहीं दुनिया के मन में आशंका होती थी। और इसके कारण कोई भारत की किसी बात पर विश्वास करने से पहले 50 बार सोचने में पड़ जाता था। लेकिन आठ साल पहले 2014 में आप सब जागरूक मतदाताओं ने, मेरे हिमाचल के मतदाताओं ने दिल्ली में मजबूत और स्थिर सरकार दी। सबकी सब लोकसभा की सीटें हिमाचल ने जीतकर के दी, 14 में दी 19 में दी और उसी का परिणाम है कि दिल्ली में स्थिर सरकार बनी। उस स्थिरता के कारण नीतियों में भी स्थिरता आई, वर्क कल्चर में भी स्थिरता आई। बदलाव के लिए एक मजबूत फाउंडेशन तैयार हो गया। और उसी के कारण भारत का एक सामान्य नागरिक भी आज शासन व्यवस्था पर भरोसा करता है सरकार पर भरोसा करता है वैसे ही दुनिया भी हम पर ज्यादा भरोसा करने लगी है। स्थिर सरकार के लाभ को देखते हुए अब देश के अंदर भी हम देख रहे हैं राज्यों में लोग बढ़चढ़ कर के इस महत्व को समझ रहे हैं। हमने देखा कि पहले उत्तर प्रदेश में और उत्तराखंड में यही कथा थी कि हर पांच साल में सरकार बदली जाएगी, लेकिन उत्तर प्रदेश ने, उत्तराखंड ने उस सारी सोच को ही बदल दिया और सरकार स्थिर होने की दिशा में उन्होंने अपना निर्णय दोहराया। पांच साल बाद सरकार बदलने वाली सोच को यूपी और उत्तराखंड के लोगों ने उखाड़ कर के फेंक दिया, बदल दिया। मुझे खुशी है कि हिमाचल के लोग, हिमाचल के युवा भी, भाजपा सरकार की वापसी का मन बना चुके हैं। हिमाचल के युवा जानते हैं कि, साफ नीयत के साथ, ईमानदार नीयत के साथ हिमाचल का विकास अगर कोई कर सकता है, तो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है।

भाइयों और बहनों,


अमृतकाल में भारत की प्रगति को गति देना, इसे गति देने का हर आधार, हर सामर्थ्य और हर अवसर हिमाचल में मौजूद हैं। वर्ल्ड फार्मेसी के रूप में भारत की पहचान तब और मज़बूत होगी जब हिमाचल एक वैश्विक फार्मा हब बनेगा। देश में दवाओं के रॉ मटीरियल में आत्मनिर्भरता के लिए आज जो काम चल रहा है, उसके लिए 3 राज्यों को चुना गया है। जिसमें से एक है अपना हिमाचल प्रदेश है, जहां बल्क ड्रग्स पार्क बनाया जा रहा है। इसी प्रकार देश के जिन 4 राज्यों में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाए जा रहे हैं, उसमें भी हिमाचल एक है।
मुझे बहुत खुशी है कि हिमाचल के बेटे-बेटियां स्टार्ट अप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत फंड, इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। अब तो IIT मंडी भी युवा जोश से सराबोर है, स्टार्ट अप इंडिया मिशन को मज़बूत कर रही है।

मेरे युवा साथियो,


बीते 8 वर्षों में देश में उच्च शिक्षा के लिए अनेकों नए संस्थान शुरू किए जा चुके हैं। इनमें IIT मंडी के अलावा, सिरमौर में IIM, ऊना में IIIT(ट्रिपल आईटी) और बिलासपुर में AIIMS, कौन हिमाचली होगा जिनको इन पर गर्व नहीं होगा। अब शिमला के बाद मंडी में भी यूनिवर्सिटी है और धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय भी है। यानि हर बड़े सेक्टर से जुड़े देश के जितने प्रीमियम संस्थान हैं, वो आज हिमाचल में भी है। इसका बहुत बड़ा लाभ हिमाचल के मेरे नौजवानों को, हिमाचल की मेरी बेटियों को और हिमायर के हमारे युवाओं को होने वाला है।
8-10 साल पहले जो सोचना भी असंभव था, उसे आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार करके दिखा रही है।

साथियो,
अमृतकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को, देश में रोज़गार निर्माण को एक बड़ा बल जिस सेक्टर से मिलने वाला है, वो है हमारा टूरिज्म सेक्टर। मैं खुद भी हिमाचल की देव संस्कृति और हिमाचल के हस्तशिल्पियों से बहुत अभीभूत रहता हूं। हिमाचल की इसी विशेषता को प्रोत्साहन देने के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कुल्लू शॉल हो, किन्नौरी शॉल हो, चंबा रुमाल हो, कांगड़ा पैंटिंग्स हों, चंबा चप्पल्स हों, या लाहूली गर्म जुराबें, इन सभी को GI Tag किया गया है। दुनिया में इसकी प्रतिष्ठा बढ़ी है। मेरा ये भी प्रयास रहता है कि जब भी विदेशी मेहमानों से मेरा जब मिलना हो जाता है, जब किसी कान्फ्रेंस में जाता हूं तो हिमाचल के इन उत्पादों को लेकर के जाता हूं और उनको उपहार के रूप में देता हूं और बताता हूं कि हमारा इस हिमाचल से नाता क्या रहा है। ताकि पूरी दुनिया को हिमाचल के विषय में पता चले, यहां के कौशल के विषय में पता चले।

मेरे नौजवान साथियो,


आज जिस प्रकार हिमाचल का टूरिज्म सेक्टर बढ़ रहा है, वो उत्साह बढ़ाने वाला है। और आपने देखा होगा कि हमारी विदेश नीति का एक अहम पहलू क्या रहा है। हमने कई देशों के साथ ई-वीजा शुरू किया है। ई-वीजा शुरू करने का सबसे बड़ा लाभ टूरिज्म को होता है। लोगों को आसानी से जब वीजा मिलना शुरू हो जाता है, और देखा होगा आपने कोरोना के पहले तो धमाधम दुनिया से लोगों का आना शुरू हो गया। और अभी भी मौका बहुत बड़ा है, अभी भी दुनिया के कई देश हैं, जहां टूरिज्म खुला ही नहीं है। हिमाचल के तो दोनों हाथ में लड्डू है। साथियों कोरोना की मुश्किलों से टूरिज्म सेक्टर जल्द से जल्द बाहर निकल सके इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार और खासकर के हिमाचल की सरकार ने टीकाकरण का अभियान जो सफलतापूर्वक चलाया उसने देश भर के और विदेशों के टूरिस्टों को भी एक विश्वास दिया कि हिमाचल सेफ है। मुद्रा योजना ने जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश में होम स्टे, रेस्टोरेंट और दूसरे उद्यमों को गति दी है, वो अभूतपूर्व है। देशभर में मुद्रा योजना के तहत अभी तक 19 लाख करोड़ रुपये के बिना गारंटी के बैंक लोन दिए जा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी मुद्रा योजना के तहत बिना बैंक गारंटी लगभग 14 हजार करोड़ रुपये लोगों को दिए जा चुके हैं। हमारे हिमाचल में रोज़गार और स्वरोजगार के हज़ारों नए अवसर बने हैं।

साथियो,


पर्यटन हो, खेती हो, या फिर मैन्युफेक्चरिंग, इन सारे कामों में, इन सारे सेक्टर में सबसे ज्यादा युवा जुड़ते हैं। सबसे ज्यादा अवसर युवाओं के लिए होता है। और ये वहीं फलते-फूलते हैं, जहां कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है। हिमाचल तो प्रदेश ही किसानों-बागबानों का है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में हिमाचल की संभावनाओं को केंद्र की योजनाओं से बहुत बल मिल रहा है। FPO यानि किसान उत्पादक संघ बनाने पर भी केंद्र सरकार बल दे रही है। हिमाचल में इंट्रीग्रेटेड कोल्ड चेन, एग्रो-प्रोसेसिंग क्ल्स्टर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और फूड टेस्टिंग लैब का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

मेरे नौजवान साथियो,


ये सब कुछ आपके उज्जवल भविष्य के लिए किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के ऐसे हर काम से युवाओं को रोज़गार मिलता है, स्वरोजगार के अवसर बनते हैं। पिछले 8 वर्षों में केंद्र सरकार ने हिमाचल में नेशनल हाईवे के रख-रखाव और विस्तार के लिए करीब-करीब 14 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। जबकि 2014 से पहले के 8 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से 2 हजार करोड़ रुपए से भी कम मिलते थे। यानि हमारी सरकार ने नेशनल हाईवे के लिए हिमाचल को पहले की सरकार के मुकाबले 7 गुना ज्यादा राशि दी है। अब आप देख रहे होंगे, आते-जाते समय देखने को मिलता होगा, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। ये नेशनल हाईवे, खेती और टूरिज्म से जुड़े हज़ारों नौजवानों के लिए बहुत अवसर लेकर आया है।

साथियो,


इस वर्ष के केंद्रीय बजट में दो बड़े प्रोग्राम घोषित किए हैं, जिनका हिमाचल प्रदेश को बहुत अधिक लाभ होने वाला है। वर्तमान प्रोजेक्ट के तहत पहाड़ी प्रदेशों के लिए रोप-वे के नेटवर्क को विस्तार देने की योजना है। जिसका लाभ हिमाचल के पर्यटक स्थलों को हो रहा है। इसी प्रकार वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज प्रोग्राम के तहत आखिरी छोर पर सीमा पर जो गांव है उनका विशेष रूप से विकास किया जा रहा है।

युवा साथियो,


सरकार ने वर्क फ्रॉम होम के लिए जो नीतियां बनाई है, हिमाचल का टूरिज्म सेक्टर एक बड़ा लाभार्थी है। इसका कारण बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी भी है। अब तो 5G सेवाएं भी शुरु होने वाली हैं, जिससे टूरिज्म सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती जैसे अनेक क्षेत्रों में, आरोग्य जैसे क्षेत्रों में हिमाचल को विशेष लाभ होने वाला है। मुझे खुशी है कि हिमाचल उन प्रदेशों में है जिसने अपनी ड्रोन नीति बनाई है। और इसके लिए मैं हिमाचल सरकार के दूरंदेशी निर्णय के लिए और अगुवाई करने के लिए हिमाचल भाजपा सरकार को बधाई देता हूं। ड्रोन से सामान पहुंचाने में, खेती-बागबानी में भी बहुत मदद मिलने वाली है। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए, युवाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग देने के लिए कई कोर्स भी शुरू किए गए हैं। इसलिए कनेक्टिविटी के साथ-साथ हेल्थ और वेलफेयर से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हिमाचल आज आगे बढ़ रहा है। बिलासपुर का एम्स अब बनकर तैयार हो चुका है। मोहाली में कुछ सप्ताह पहले जिस कैंसर अस्पताल का उद्घाटन हुआ है, टाटा के मुंबई का जो कैंसर अस्पताल है यह उसी का एक हिस्सा है। इसका सबसे बड़ा लाभ हिमाचल को मिलने वाला है। शुद्ध पेयजल, उत्तम स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। जल जीवन मिशन के तहत पिछले 3 साल में देश के 7 करोड़ से अधिक नए घरों को नल से जल मिलने लगा है। हिमाचल के 8 लाख से ज्यादा परिवारों को भी नल से जल की सुविधा मिली है।

साथियो,


कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिमाचल के हाटी समुदाय को एसटी सूची में जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय के हजारों युवा साथियों को इस निर्णय से अनेक नए अवसर मिलने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार के ऐसे ही प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश के लोग, यहां के युवा आज भारतीय जनता पार्टी को अपने सर आंखों पर बिठाकर के भाजपा के हर कार्यकर्ता को आशीर्वाद दे रहे हैं। अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण के लिए, हिमाचल के विकास के लिए, युवा पीढी के आशीर्वाद, हिमाचल के युवाओं, हिमाचल की बेटियों का आशीर्वाद ऐसे ही निरंतर बना रहेगा, आपका ये जोश, उमंग, उत्साह निरंतर बना रहेगा, निरंतर बढ़ता रहेगा ये मेरा विश्वास है।

मैं फिर एक बार आप सबसे क्षमा चाहता हूं, क्योंकि आप सबके बीच आ नहीं पाया, मौसम के कारण रुकावटें आईं, लेकिन हिमाचल का प्यार, हिमाचल का आशीर्वाद, हिमाचल के प्रति मेरा लगाव उसमें तो कभी मौसम भी बीच में नहीं आ सकता, मुसीबतें भी बीच में नहीं आ सकती। और इसलिए आपका आशीर्वाद मेरे लिए हमेशा-हमेशा एक बहुत बड़ी शक्ति है, बहुत बड़ी ऊर्जा है। फिर एक बार आप सब को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। नौजवान, आप बहुत लंबी यात्रा करके आए हैं। हिमाचल में यात्रा करके आने का मतलब, तराई के लोगों को ये अंदाज नहीं आता है कि कितना कठिन होता है। और पानी गिर रहा है, आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना, आवश्यक जो भी प्रबंध, आप पहाड के लोगों को तो इसकी सारी टेक्निक भी मालूम होती है। अपनेआप को संभालना, बहुत संभल कर के घर वापिस लौटना। यही मेरी आप सबसे अपेक्षा रहेगी। आप सबको मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।