प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज माई गवर्नमेंट लांच कि‍या जो ऐसा प्‍लेटफॉर्म है जो भारत के नागरि‍कों को सुशासन की दि‍शा में योगदान देने के लि‍ए अधि‍कार संपन्‍न बनाता है। इस अवसर पर, जो नई सरकार के 60 दि‍नों के पूरे होने को भी चि‍न्‍हि‍त करता है, प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता लोगों की भागीदारी के बि‍ना असंभव है। अतीत में लोगों तथा सरकार की प्रक्रि‍या के बीच अंतर की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पि‍छले 60 दि‍नों में सरकार का यह अनुभव रहा है कि अनेक लोग राष्‍ट्र नि‍र्माण में योगदान देना चाहते हैं और अपना समय तथा ऊर्जा लगाना चाहते हैं। उन्‍हें केवल चमक का अवसर देने और उनके योगदान को दि‍खाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि माईगवर्नमेंट मंच तकनीकी प्रेरि‍त माध्‍यम है जो सुशासन में योगदान करने का अवसर देगा।

mygov_screen
प्रधानमंत्री ने वि‍श्‍वास व्‍यक्‍त कि‍या कि लोग इस प्रयास का स्‍वागत करेंगे1 उन्‍होंने इस मंच को मजबूत बनाने तथा सुधारने के लि‍ए सुझाव भी मांगे। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि देश को आगे ले जाने तथा गरीब-गरीब से लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति‍ इस मंच से जुड़ेगे। उन्‍होंने कहा है कि इस मि‍शन सफलता के प्रति‍ आश्‍वस्‍त हैं कि क्‍योंकि उन्‍हें 125 करोड़ भारतीय लोगों की शक्‍ति‍ और क्षमता पर भरोसा है।

mygov1 684
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लोगों के सुझाव, उसकी राय तथा वि‍चार के प्रति‍ आशान्‍वि‍‍त हैं। माई गवर्नमेंट मंच लोगों को विचार देने तथा काम करने का मौका देता है। माई गवर्नमेंट पर विषय आधारि‍त अनेक चर्चाएं होंगी जहां लोग अपने वि‍चार साझा कर सकेंगे। कि‍सी वि‍षय पर वि‍चार देने वाले की राय पर व्‍यापक वि‍चार-वि‍मर्श होगा और इससे रचनात्‍मक फीडबैक मि‍लेगा।

जो लोग वि‍चार-वि‍मर्श से आगे बढ़कर जमीनी योगदान देना चाहते हैं उनके लि‍ए माई गवर्नमेंट पोर्टल अनेक अवसर देता है। नागरि‍क वि‍भि‍न्‍न कायों के लि‍ए स्‍वयं आगे बढ़ सकते हैं और अपनी प्रवृष्‍टि‍यां दे सकते हैं। फि‍र इन कार्यों की समीक्षा अन्‍य सदस्‍य तथा वि‍शेषज्ञ करेंगे। मंजूरी के बाद इन कार्यों को पूरा करने वाले लोगों तथा माई गवर्नमेंट के अन्‍य सदस्‍यों से साझा कि‍या जाएगा। प्रत्‍येक मंजूर कार्यों को पूरा करने के लि‍ए प्रोत्‍साहन अंक मि‍लेंगे।



नेशनल इंफोरमेटि‍क्‍स सेंटर (एनआईसी) तथा इलैक्‍ट्रॉनि‍क्‍स एवं सूचना प्रौद्योगि‍की वि‍भाग माई गवर्नमेंट मंच का क्रि‍यान्‍वयन और प्रबंधन करेंगे और इससे सुशासन में नागरि‍कों की भागीदारी में मदद मि‍लेगी।

समूह और कॉर्नर माई गवर्नमेंट के प्रमुख हि‍स्‍सा हैं। इस मंच को स्‍वच्‍छ गंगा, बालि‍का शि‍क्षा, स्‍वच्‍छ भारत, कौशलपूर्ण भारत, डीजि‍टल भारत और रोजगार सृजन जैसे वि‍भि‍न्‍न समूहों में बांटा गया है। प्रत्‍येक समूह को ऑनलाइन तथा ऑनग्राउंड कार्य दि‍ए गए हैं जि‍से योगदानकर्ता अपने हाथ में लेंगे। इसका उद्देश्‍य लोगों की भागीदारी के जरि‍ए गुणात्‍मक परि‍वर्तन लाना है। संचार तथा सूचना प्रौद्योगि‍की, वि‍धि और न्‍याय मंत्री श्री रवि‍शंकर प्रसाद तथा भारत सरकार के वरि‍ष्‍ठ अधि‍कारी इस अवसर पर मौजूद थे।


mygov2 684
mygov3 684

भवि‍ष्‍य की राह

माई गवर्नमेंट का लांच होना सुशासन के प्रति लोगों की भागीदारी के लि‍ए एकल केंद्र बनाने की दि‍शा में व्‍यापक मि‍शन है। आने वाले समय में समूह, कार्य तथा वि‍चार-वि‍मर्श में भी वृद्धि होगी। इसका उपयोग व्‍यापक ज्ञान भंडार के रूप में भी होगा जि‍समें देश के प्रबुद्ध लोगों की राय होगी।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects

Media Coverage

India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।