Published By : Admin |
October 30, 2020 | 15:11 IST
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में समन्वित विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। श्री मोदी ने आरोग्य वन, आरोग्य कुटीर, एकता मॉल और बाल पोषण पार्क का उद्घाटन किया।
आरोग्य वन एवं आरोग्य कुटीर
आरोग्य वन 17 एकड़ क्षेत्र में फैला है और यहां 380 विभिन्न प्रजातियों के 5 लाख पेड़ है। आरोग्य कुटीर में एक पारम्परिक उपचार सुविधा संथीगिरी वेलनेस सेंटर है जिसमें आयुर्वेद, सिद्ध, योग एवं पंचकर्म आधारित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी।
Aarogya Van, inaugurated by PM @narendramodi focuses on India’s rich floral traditions, diverse plants as well as traditional methods of wellness and good health. pic.twitter.com/73K3gALDoO
एकता मॉल 35,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसमें विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्पों और पारम्परिक वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला है जो देशभर के विभिन्न राज्यों से जुड़ी हैं और यह विविधता में एकता का प्रतीक है। इस मॉल में 20 एम्पोरिया (हाट) हैं जो देश के विशिष्ट राज्य का प्रतिनिधित्व करती है और इसे मात्र 110 दिनों में बनाया गया है।
बाल पोषण पार्क एवं दर्पण भूल-भूलैया
यह विश्व का अब तक का सबसे पहला तकनीकोन्मुखी बाल पोषण पार्क है जो 35000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है। इस पार्क में एक न्यूट्री ट्रेन चलती है, जो विभिन्न आकर्षक थीम वाले स्टेशनों पर आधारित है जिसमें ‘फाल्सका गृहम’, ‘पायोनागरी’, ‘अन्नपूर्णा’, ‘पोषण पुराण’ और ‘स्वस्थ भारतम्’ शामिल हैं। यह दर्पण भूल-भूलैया, 5डी वर्चुअल रियलिटी थिएटर और संवर्धित वास्तविक खेलों जैसी विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के जरिए पोषण जागरूकता को प्रेरित करेगा।
The Children Nutrition Park in Kevadia is a creative effort to spread awareness on aspects relating to nutrition. One of the attractions here is a train ride, which will take you to different stations and showcase various exhibits. pic.twitter.com/QX3i1REHhJ
भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में उभर रहे हैं: भारत-वियतनाम संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी
May 06, 2026
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Your Excellency, जनरल सेक्रेटरी एण्ड प्रेसीडेंट तो लम, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
सिन चाओ!
President तो लम का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। वियतनाम के President बनने के बाद, एक महीने के भीतर ही उनका भारत आना, और एक high-level delegation समेत कई business leaders के साथ आना, यह स्पष्ट करता है कि वे भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने भारत यात्रा की शुरुआत, बोध गया से की है। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और हमारी सार्थक चर्चाओं से, हम अपनेआपसी good-will को कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।
Friends,
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास - दोनों का महत्व है। पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की पाप्युलैशन के 15 पर्सेन्ट लोगों ने किया था। हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का रेस्टोरैशन कर रहे हैं। अब हम चम्पा सभ्यता की manuscripts को digitalize करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।
Friends,
एक दशक पहले, मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम आसियान में, भारत का पहला Comprehensive Strategic Partner बना था। तब से, हमारे संबंधों ने तेज़ और व्यापक प्रगति की है। Civilizational ties के साथ-साथ, हमारे Trade, technology और tourism संबंध भी और मजबूत हुए हैं।
इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊँचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। Culture, connectivity और capacity building के साथ-साथ, security, sustainability और supply chain resilience - हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा।
Friends,
भारत और वियतनाम का बाइलैटरल ट्रेड, पिछले एक दशक में डबल होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हमारी ड्रग अथॉरिटीज़ के बीच MOU से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के एग्रीकल्चर, फिशरीज़ और एनिमल प्रोडक्ट्स का भी, वियतनाम तक एक्सपोर्ट और सुगम होने जा रहा है। बहुत जल्द, वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा, और हम वियतनाम के डूरियन और पोमेलो का।
इतना ही नहीं, हमने भारत-आसियान ट्रेड एग्रीमेंट "आईटिगा” को वर्ष के अंत तक अपडेट करने पर भी सहमति बनाई है। इससे भारत और आसियान के सभी देशों के बीच, ट्रेड और इनवेस्टमेंट को नई ऊर्जा मिलेगी। क्रिटिकल मिनरल्स, रेअर अर्थ और एनर्जी सहयोग में नई पहलों से, हम दोनों देशों की इकोनॉमिक सिक्योरिटी और सप्लाई चैन रिज़िल्यन्स सुनिश्चित करेंगे।
Friends,
कनेक्टिविटी और कपैसिटी बिल्डिंग, हमारी पार्ट्नर्शिप के अहम स्तंभ हैं। हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को भी बूस्ट करने के लिए, आज हमने अपने सेंट्रल banks के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया है। भारत के UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम भी जल्द ही लिंक होने जा रहे हैं। साथ ही, अब हम दोनों देशों के बीच स्टेट to स्टेट और सिटी to सिटी को-ऑपरेशन को भी मजबूत करने जा रहे हैं।
Friends,
वियतनाम भारत की ऐक्ट-ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा common outlook है। हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, rule-of-law, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे। वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा।
Your Excellency,
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने, और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में,अपने talent, good governance और economic reforms के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती economies के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी enhanced strategic partnership के माध्यम से, हम एक-दूसरे की rapid growth के सहायक बनेंगे।
जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि "यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।”
इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के vision और goals को support करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे।
हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।
बहुत बहुत धन्यवाद।
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास- दोनों का महत्व है।
पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की population के 15% लोगों ने किया था: PM @narendramodi