प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी देशवासियों से आह्वान किया है कि वे इस त्यौहारी मौसम में स्वदेशी उत्पादों को खरीदकर 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, रचनात्मकता और नवाचार का सम्मान करें। उन्होंने कहा, “आइए, भारतीय उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें – यह स्वदेशी है!”

प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से यह भी अनुरोध किया कि वे अपने द्वारा खरीदे गए स्वदेशी उत्पादों को सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस अभियान को और सशक्त बनाएं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया है:

“आइए, इस त्यौहार के अवसर पर 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत, रचनात्मकता और नवाचार का उत्सव मनाएं।

आइए, भारतीय उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें – यह स्वदेशी है!

अपने द्वारा खरीदे गए स्वदेशी उत्पादों को सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस अभियान को और सशक्त बनाएं।”

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प्रधानमंत्री ने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 13, 2026
प्रधानमंत्री ने 1998 के परमाणु परीक्षणों को हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज मई 1998 में पोखरण में भारत द्वारा किए गए ऐतिहासिक परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए उन्हें हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया। श्री मोदी ने कहा, “11 मई के परीक्षणों के बाद, पूरी दुनिया ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन हमने यह सिद्ध कर दिया कि कोई भी शक्ति भारत को झुका नहीं सकती।”

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा;

“1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।

एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”