यह सोचना और योजना बनाना महत्वपूर्ण है कि हम आगामी टेक्नोलॉजी क्रांति के साथ जीवन को कैसे बेहतर बनाएं : प्रधानमंत्री
सरकार के रूप में हम आईटी और दूरसंचार सेक्टर की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए भी काम कर रहे हैं: पीएम मोदी
भारत मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र के रूप में सबसे पसंदीदा जगह बन रहा है : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से वर्चुअल इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2020 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। आईएमसी 2020 का विषय : "समावेशी नवाचार - स्मार्ट, सुरक्षित, स्थायी" है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत', 'डिजिटल समावेशिता', एवं 'सतत विकास, उद्यमिता और नवाचार' के विजन को बढ़ावा देने में मदद करना है। इसका उद्देश्‍य विदेशी और स्थानीय निवेश संचालित करना, दूरसंचार और उभरते हुए प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अनुसंधान तथा विकास को प्रोत्साहित करना भी है।

इस आयोजन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दूरसंचार उपकरण, डिजाइन, विकास एवं विनिर्माण के लिए भारत को एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्‍होंने यह चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकीय उन्‍नयन के कारण हमारे पास हैंडसेट्स और गैजेट्स बार बार बदलने की संस्‍कृति है। उन्‍होंने प्रति‍निधियों से यह विचार करने के लिए कहा कि क्‍या उद्योग इलेक्‍ट्रॉनिक अपशिष्‍ट से बेहतर रूप से निपटने और एक सर्कुलर अर्थव्‍यवस्‍था का सृजन करने के बारे में सोचने के लिए कार्यबल का गठन कर सकता है। उन्‍होंने भविष्‍य में लंबी छलांग लगाने के लिए 5जी का समय पर शुभारंभ सुनिश्चित करने और लाखों भारतीयों को सशक्‍त बनाने के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आ रही प्रौद्योगिकी क्रांति के साथ जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचना और योजना बनाना बहुत महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि किसानों को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, बेहतर शिक्षा, बेहतर जानकारी और अवसरों तथा छोटे व्‍यापारियों को बेहतर बाजार पहुंच उपलब्‍ध कराना हमारे कुछ लक्ष्‍य हैं जिनके बारे में कार्य किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने दूरसंचार क्षेत्र के प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि महामारी के बावजूद दुनिया उनके नवाचार और प्रयासों के कारण काम करती रही। उन्‍होंने कहा कि उनके प्रयासों के कारण एक बेटा अलग शहर में रहने वाली अपनी माता के साथ जुड़ा रहा, एक विद्यार्थी कक्षा में गए बिना अपने शिक्षक से सीखता रहा, बीमार व्यक्ति ने घर बैठते हुए अपने डॉक्टर से सलाह मशवरा किया और एक व्यापारी दूसरे जगह के उपभोक्ता से जुड़ा रहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के युवा लोगों के लिए कोड है जो उत्पाद को विशेष बनाता है, कुछ उद्यमियों के लिए यह विचार है जो अधिक महत्व रखता है, निवेशक सुझाव देते हैं कि एक उत्पाद के पैमाने के लिए पूंजी अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बल देते हुए कहा कि अक्सर अपने उत्पादों के प्रति दृढ़ विश्वास युवाओं के लिए सर्वाधिक महत्व का होता है। कभी-कभार दृढ़ता मुनाफे के साथ बाहर निकलने और विशालता के बीच खड़ा हो जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल टेक्नोलॉजी के कारण हम लाखों भारतीयों को कई बिलियन डॉलर के लाभ प्रदान करने में सक्षम हैं। हम महामारी के दौरान गरीबों और कमजोर लोगों को शीघ्रता से मदद करने में सक्षम रहे और हम लाखों कैशलेस लेनदेन देख रहे हैं जो औपचारिकता तथा पारदर्शिता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि हम टोल बूथों पर सहज संपर्क रहित बनाने में सक्षम होंगे।

प्रधानमंत्री ने भारत में मोबाइल बनाने में प्राप्त सफलता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल उत्पादन के लिए भारत एक पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में दूरसंचार उपकरण उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादकता से जुड़ी प्रोत्साहन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में प्रत्येक गांव में हाई स्पीड की फाइबर ऑप्टिक कनेक्टिविटी देना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उन स्थानों पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है जो ऐसी कनेक्टिविटी का सर्वाधिक लाभ उठा सकें- आंकाक्षी जिले, चरम पंथ प्रभावी जिले, पूर्वोत्तर राज्य, लक्ष्यद्वीप आदि। उन्होंने कहा कि निर्धारित लाइन की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी तथा सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा।

 

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विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया
March 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

श्री मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा-

विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

"आज विश्व वन्यजीव दिवस है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें प्राणियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है...

निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।

तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”