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पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं : ब्रिक्स वर्चुअल समिट में पीएम मोदी
आज हम दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावशाली आवाज हैं: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी
ब्रिक्स ने न्यू डेवलपमेंट बैंक, आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था और एनर्जी रिसर्च कॉरपोरेशन प्लेटफॉर्म जैसे मजबूत संस्थान बनाए हैं : पीएम मोदी
हमने ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म एक्शन प्लान अडॉप्ट किया है: ब्रिक्स वर्चुअल समिट में पीएम मोदी

Your Excellencies, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी, राष्ट्रपति रामाफोसा, राष्ट्रपति बोल्सोनारो,
नमस्कार।

ब्रिक्स शिखर वार्ता में आप सभी का बहुत स्वागत है। ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर इस summit की अध्यक्षता करना मेरे लिए, और भारत के लिए, खुशी की बात है। आज की इस बैठक के लिए हमारे पास विस्तृत एजेंडा है। बैठक का एजेंडा आप सभी के पास है। यदि आप सभी की सहमति हो तो हम इस एजेंडा को अपना सकते हैं। एजेंडा को स्वीकार किया जाता है।

Excellencies,

एजेंडा के पारित होने के बाद, हम सभी संक्षिप्त में अपने opening remarks दे सकते हैं। पहले मैं अपने opening remarks दूंगा, और फिर बारी-बारी से आप सभी को आमंत्रित करूँगा।

Excellencies,

भारत की अध्यक्षता के दौरान हमें सभी ब्रिक्स partners से भरपूर सहयोग मिला है। इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ। पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है।

ब्रिक्स ने New Development Bank, Contingency Reserve Arrangement और Energy Research Cooperation Platform जैसी मजबूत संस्थाओं का सृजन किया है। निसंदेह, गर्व करने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। मगर यह भी महत्वपूर्ण है कि हम आत्मसंतुष्ट न हों। हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो।भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुना है, वह यही प्राथमिकता दर्शाता है - "BRICS at 15: Intra-BRICS Cooperation for Continuity, Consolidation and Consensus”.ये चार C , एक प्रकार से हमारी ब्रिक्स भागीदारी के मूल सिद्धांत हैं। इस वर्ष, COVID कि विवशताओं के बावजूद, 150 से अधिक ब्रिक्स बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें से 20 से अधिक मंत्री स्तर पर थे।

परंपरागत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ हमने ब्रिक्स एजेंडा का विस्तार करने का भी प्रयत्न किया। इस संदर्भ में इस साल ब्रिक्स ने कई "Firsts” हासिल किए। यानि, कई चीज़ें पहली बार हुई। हाल ही में पहले "ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन” का आयोजन हुआ। Technology की मदद से health access बढ़ाने के लिए यह एक innovative कदम है।

नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे। यह भी पहली बार हुआ कि BRICS ने "Multilateral systems की मजबूती और सुधार” पर एक साझा position ली। हमने ब्रिक्स "Counter Terrorism Action Plan” भी अडॉप्ट किया है। हमारी अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच "Remote Sensing Satellite Constellation” समझौते से सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।

हमारे customs विभागों के बीच सहयोग से Intra-BRICS व्यापार आसान होगा। एक वर्चुअल नेटवर्क के रूप में "ब्रिक्स वैक्सीन अनुसंधान और विकास केन्द्र” शुरू करने पर भी सहमति बनी है। "ब्रिक्स Alliance on Green Tourism” एक और नयी पहल है।

Excellencies,

इन सभी नए initiatives से न सिर्फ हमारे नागरिकों को लाभ मिलेगा, हमारा BRICS संगठन भी आने वाले सालों में प्रासंगिक रहेगा ।मुझे विश्वास है कि आज की बैठक BRICS को भविष्य में और उपयोगी बनाने के लिए उपयुक्त दिशा देगी। हम महत्वपूर्ण वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

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संसद सत्र को कार्यों और चर्चाओं के आधार पर तौला जाए, न कि व्यवधानों के आधार पर : पीएम
November 29, 2021
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नमस्कार साथियों,

संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। हिन्दुस्तान में चारों दिशाओं में से इस आज़ादी के अमृत महोत्सव के नीमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं, कदम उठा रहे हैं, और आजादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का अपना कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है। यह खबरे अपने आप में भारत के उज्जवल भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

कल हमने देखा है। पिछले दिनों संविधान दिवस भी, नए संकल्प के साथ संविधान के spirit को चरित्रार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है इन सबके परिपेक्ष में हम चाहेगें, देश भी चाहेगा, देश का हर सामान्य नागरिक चाहेगा कि भारत का यह संसद का यह सत्र और आगे आने वाला भी सत्र आजादी के दीवानों की जो भावनाएं थी, जो spirit था, आजादी के अमृत महोत्सव का जो spirit है, उस spirit के अनुकूल संसद भी देश हित में चर्चा करे, देश की प्रगृति के लिये रास्ते खोजे, देश की प्रगृति के लिए नये उपाय खोजें और इसके लिए यह सत्र बहुत ही विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक निर्णय करने वाला बने। मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा contribution किया उस तराजू पर तौला जाएं, ना कि किसने किताना जोर लगाकर के संसद के सत्र को रोक दिया यह मानदंड़ नहीं हो सकता। मानदंड यह होगा कि संसद में कितने घंटे काम हुआ, कितना सकारात्मक काम हुआ। हम चाहते हैं, सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और आजादी के अमृत महोत्सव में हम यह भी चाहेंगे कि संसद में सवाल भी हो, संसद में शंति भी हो।

हम चाहते हैं, संसद में सरकार के खिलाफ, सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज़ प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा, चेयर की गरिमा इन सबके विषय में हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए। पिछले सत्र के बाद करोना की एक विकट परिस्थिति में भी देश ने 100 करोड़ से अधिक डोज़ेज, करोना वैक्सीन और अब हम 150 करोड़ की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नए वैरिएंट की खबरें भी हमें और भी सर्तक करती हैं, और सजग करती है। मैं संसद के सभी साथियों को भी सतर्क रहने की प्रार्थना करता हूँ। आप सभी साथियों को भी सतर्क रहने के लिए प्रार्थना करता हूँ। क्योंकि आप सबका उत्तम स्वास्थ्य, देशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य ऐसी संकट की घड़ी में हमारी प्राथमिकता है।

देश की 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को इस करोनाकाल के संकट में और अधिक तकलीफ न हो इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से अनाज मुफ्त में देने की योजना चल रही है। अब इसे मार्च 2022 तक समय आगे कर दिया गया है। करीब दो लाख साठ हजार करोड़ रुपये की लागत से, अस्सी करोड़ से अधिक देशवासियों को गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे इसकी चिंता की गई है। मैं आशा करता हूँ कि इस सत्र में देश हित के निर्णय हम तेजी से करे, मिलजुल करके करें। सामान्य मानव की आश- अपेक्षाओं को पूर्ण करने वाले करें। ऐसी मेरी अपेक्षा है।... बहुत- बहुत धन्यवाद।