प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह ब्रसेल्स में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी
पूरा भारत बेल्जियम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत न सिर्फ एक बाजार बल्कि प्रतिभाओं के भंडार के रूप में भी बहुत बड़ा अवसर प्रदान करता है: प्रधानमंत्री
आर्थिक अवसरों के आधार पर भारत आज विश्व में अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक: प्रधानमंत्री
मैं बेल्जियम सरकार और कंपनियों को भारत की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं से जुड़ने का आमंत्रण देता हूँ: प्रधानमंत्री
जलवायु परिवर्तन मानव जाति के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक; हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में हमारे सहयोग बढ़ाने पर सहमत: पीएम मोदी

महामहिम प्रधानमंत्री चार्ल्स मिशेल,

देवियों और सज्जनों

आप के कथन के लिए धन्यवाद।

पिछला सप्ताह बेल्जियम के लिए दुखद सप्ताह रहा है। महामहिम प्रधानमंत्री, मैं कहना चाहूंगा कि पिछले आठ दिनों में बेल्जियम की जनता के दुख को हम गहराई से साझा करते हैं। पिछले सप्ताह ब्रुसेल्स में हुए आंतकी हमले में अपनी जान गवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। अनेक अवसरों पर आतंकी हिंसा के हमारे अनुभव के कारण आप के दुख को साझा करते हैं। महामहिम प्रधानमंत्री, संकट की इस घड़ी में भारत एकजुटता के साथ बेल्जियम की जनता के समर्थन में खड़ा है। आपनी व्यवस्ता के बावजूद आपके द्वारा मेरा स्वागत करने और समय देने के लिए मैं हृदय से आभारी हूं। सामान चुनौतियों का उत्तर देने के लिए अपने प्रयासों के रूप में हम पारस्परिक कानूनी सहायता संधि पर विचार शुरू कर सकते है। प्रर्त्यपण संधि और सजायाफ्ता कैदियों की अदला-बदली पर बातचीत तेजी से पूरी की जा सकती है।

मित्रों,

हमारे दोनों देशों की मित्रता इतिहास का बहुत लंबा है। सौ वर्ष पहले प्रथम विश्व युद्ध में भारत के 130,000 सैनिकों ने आप के देश की जनता के साथ युद्ध में भाग लिया था। 9 हजार से अधिक भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिए। अगले वर्ष हम भारत-बेल्जियम राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे। हमारी मित्रता में इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को उत्सव के रूप में मनाने के लिए हम अगले वर्ष अधिराज फिलीप की भारत यात्रा की आशा करते हैं। इस उत्सव को हम एक-दूसरे देशों में संयुक्त कार्यक्रमों के माध्यम से भी मनाएंगे। आज मैंने प्रधानमंत्री चार्ल्स मिशेल के साथ अपने संबंधों के सभी पहलुओं पर बातचीत की। द्विपक्षीय विदेश नीति विमर्श प्रणाली हमारे साझेदारी को ऊंचा उठाने में ठोस कदम उठाने की सिफारिश करेगी। 

मित्रों,

भारत को आज दुनिया में दीप्तिमान आर्थिक अवसरों में शुमार किया जाता है। हमारे देश के व्यापक आर्थिक बुनियादी तत्‍व अत्‍यंत मजबूत हैं और 7 फीसदी से भी ज्‍यादा की आर्थिक विकास दर के साथ हम दुनिया की सर्वाधिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। मेरा यह मानना है कि बेल्जियम की क्षमताओं और भारत के आर्थिक विकास का संयोजन दोनों ही पक्षों के कारोबारियों के लिए आशाजनक अवसर पैदा कर सकता है। प्रधानमंत्री और मैंने आज ही कुछ समय पहले बेल्जियम के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और औद्योगिक हस्तियों के साथ लाभकारी बातचीत की है। मैं बेल्जियम की सरकार और कंपनियों को डिजिटल इंडिया, स्‍टार्ट अप इंडिया और स्किल इंडिया समेत भारत की महत्‍वाकांक्षी विकास परियोजनाओं से पूरी सक्रियता के साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। बेल्जियम के उद्योगपति भारत में निर्माण करके अपनी वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को और ज्‍यादा किफायती बना सकते हैं। बुनियादी ढांचे विशेषकर रेलवे एवं बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और 100 से भी ज्‍यादा स्‍मार्ट सिटी बनाने संबंधी भारत का लक्ष्‍य भी बेल्जियम की कंपनियों के लिए अनूठा निवेश अवसर पेश करता है। इन भागीदारियों से हमें अपनी व्‍यापारिक एवं वाणिज्यिक भागीदा‍री में नई ऊंचाइयों को छूने में मदद मिल सकती है। मैंने प्रधानमंत्री मिशेल को बेल्जियम के उद्योगपतियों के साथ भारत आने का न्‍योता दिया है, ताकि वे भारत के आर्थिक एवं राजनीतिक वादे की सच्‍चाई से रूबरू हो सकें। स्‍पष्‍ट रूप से यह मात्र हीरा नहीं है, जो हमारी भागीदारी में नई चमक ला सकता है। जलवायु परिवर्तन मानवता के समक्ष एक सबसे बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री और मैंने नवीकरणीय ऊर्जा में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई है। हम ऊर्जा के लिए कचरे के दोहन, छोटे पवन टर्बाइनों एवं शून्‍य उर्त्‍सजन वाली इमारतों जैसे क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारियों को और मजबूत करेंगे। हम इन क्षेत्रों में बेल्जियम के सहयोग का स्‍वागत करते हैं। प्रधानमंत्री मिशेल और मैंने अभी कुछ ही समय पहले अत्‍यंत दूर से भारत के सबसे बड़े ऑप्टिकल टेलीस्‍कोप को सक्रिय किया है। भारत-बेल्जियम सहयोग का यह उत्‍पाद इस तथ्‍य का एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि हमारी भागीदारी क्‍या-क्‍या हासिल कर सकती है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, श्रव्‍यदृश्‍य (ऑडियो-विजुअल) उत्‍पादन, पर्यटन, जैव प्रौद्योगिकी और शिपिंग एवं बंदरगाहों के क्षेत्रों में अन्‍य समझौतों पर भी कार्य जारी है।

मित्रों,

अब से चन्‍द घंटे बाद मैं यूरोपीय संघ के नेताओं से 13वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्‍मेलन के लिए मुलाकात करूंगा। भारत के लिए, यूरोपीय संघ हमारे मजबूत रणनीतिक भागीदारों में से एक है। हमारे विचार-विमर्श के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्‍यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधी भागीदारी पर मुख्‍य रूप से चर्चा होगी। मुझे लगता है कि भारत और यूरोपीय संघ के व्‍यापार और निवेश समझौते के प्रति प्रगतिशील मार्ग और रचनात्‍मक मानसिकता, बेल्जियम सहित सभी यूरोपीय देशों को भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि से लाभांवित होने में सक्षम बना सकती है। मैं एक बार फिर से प्रधानमंत्री चार्ल्‍स मिशेल की ओर से मुझे दिए गए समय, उनके स्‍वागत और आतिथ्‍य के लिए उनका तहेदिल से आभार प्रकट करता हूं। मैं भारत में उनका स्‍वागत करने के लिए उत्‍सुक हूं।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।