राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लॉन्च किया "आकाशवाणी मैत्री" चैनल
भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को मजबूती प्रदान करेगा "आकाशवाणी मैत्री" चैनल
"आकाशवाणी मैत्री" चैनल भारत और बांग्लादेश के श्रोताओं के लिए एक भागीदारी कंटेंट क्रिएशन प्लेटफॉर्म के रूप में सेवाएं प्रदान करेगा
"आकाशवाणी मैत्री" चैनल से भारत और बांग्लादेश के मध्य मज़बूत होगी सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और भावनात्मक साझेदारी

भारतीय राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कोलकाता के राज भवन में एक कार्यक्रम के दौरान आज “आकाशवाणी मैत्री” चैनल को लॉन्च किया। यह चैनल ऑल इंडिया रेडियो के द्वारा प्रसारित किया जाने वाला अपनी तरह का एकदम भिन्न उद्यम है और इसका उद्देश्य भारत व बांग्लादेश, दो पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों को मज़बूती प्रदान करना है।

“आकाशवाणी मैत्री” चैनल की मुख्य विशेषताएं

  • चैनल की खासियत “बांग्लादेश बेतार” और “आकाशवाणी मैत्री” के मध्य कन्टेंट को शेयर करने में निहित है।
  • भारत और बांग्लादेश में श्रोताओं के लिए participatory content creation प्रदान करने के लिए यह एक कॉमन प्लेटफॉर्म होगा।
  • चैनल का प्राथमिक उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और भावनात्मक सम्बन्धों को मज़बूती प्रदान करना है।
  • इस सर्विस को पश्चिम बंगाल के चिनसुराह में स्थापित 1000 किलोवाट के राज्य के अत्याधुनिक सुपर पावर ट्रांसमीटर से लॉन्च किया गया है।
  • चैनल की आवृत्ति (फ्रिक्वेंसी) 594 किलो हर्ट्ज/505 मीटर है।
  • चैनल की कालावधि 16 घंटे प्रति दिन होगी।

आकाशवाणी मैत्री के प्रतिदिन दो प्रसारण होंगे।

पहला प्रसारणः 6:00 बजे सुबह से 2:30 बजे दोपहर

दूसरा प्रसारणः 3:30 बजे दोपहर बाद से 11:00 बजे रात


इस मौके पर अपना वक्तव्य देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि “आकाशवाणी मैत्री चैनल समग्र बंगाली सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षण प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है जो कि बंगाली भाषियों के लिए उनकी भौगोलिक स्थिति की परवाह किए बिना गौरवशाली विरासत को बनाए रखने की बात है।

इस मौके पर एआईआर के महानिदेशक श्री एफ. शहरयार ने कहा कि इस चैनल को लॉन्च करने की प्रेरणा आदरणीय भारतीय प्रधानमंत्री के पिछले ढाका दौरे के दौरान कही गई बातों से मिली थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑल इंडिया रेडियो और बांग्लादेश बेतार को दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों में शांति व विकास के लिए एक साथ मिलकर सद्भाव, एकता और आपसी सहयोग के एक पुल का निर्माण करना चाहिए और एक साथ मिलकर ही किसी संयुक्त प्रसारण उद्यम की शुरुआत करनी चाहिए।

“आकाशवाणी मैत्री” रियलिटी शो, संगीत, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विचार विमर्श आदि जैसे कार्यक्रमों का प्रसारण करेगा। चैनल दोनों देशों की तरफ से आने वाले भागीदारों को प्रोत्साहित करेगा।

यह चैनल पूरे बांग्लादेश को, ज़्यादातर पूरे दक्षिण-पूर्वी एशिया को और पूर्वोत्तर के भारतीय भाग को कवर करेगा। ऑल इंडिया रेडियो ने airworldservice.org/bangla के नाम से बांग्ला भाषा में एक मल्टीमीडिया वेबसाइट भी बनाई है। इस पर सीधे प्रसारण को भी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है और इससे केवल बांग्लादेश के श्रोताओं को ही नहीं बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में स्थित बंगाली प्रवासी भारतीयों तक भी पहुंचाने का काम किया गया है।

 

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प्रधानमंत्री ने मां कात्यायनी का आशीर्वाद लेकर संस्कृत सुभाषितम् और भक्ति पाठ साझा किया
March 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने माँ कात्यायनी का आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि माँ जगदम्बे की आराधना मन को असीम ऊर्जा और आंतरिक शक्ति से भर देती है, जबकि उनकी दिव्य आभा हृदय को उच्च चेतना से आलोकित करती है। उन्होंने प्रार्थना की कि दिव्यता और पराक्रम की अधिष्ठात्री देवी की कृपा से उनके सभी भक्तों को अपार शक्ति और आत्मविश्वास प्राप्त हो।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया-

“चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥”

प्रधानमंत्री ने देवी की स्तुति में एक पाठ भी साझा किया।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा;

“मां कात्यायनी को वंदन! दिव्यता और पराक्रम की अधिष्ठात्री देवी मां की कृपा से उनके सभी भक्तों में अपार शक्ति और आत्मविश्वास का संचार हो।

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥”

“मां जगदम्बे की उपासना से मन अनंत ऊर्जा और आत्मबल से भर जाता है। देवी मां का अलौकिक ओज हृदय को दिव्य चेतना से आलोकित कर देता है।