"Highlights progress achieved in bilateral ties in last 100 days"
"Urges Nepal to adopt a Constitution by consensus"
"पिछले 100 दिन में आपसी संबंधों में हुई प्रगति का उल्‍लेख किया "
"नेपाल से आम सहमति से संविधान स्‍वीकृत करने का आग्रह"

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज पिछले 100 दिन में नेपाल के साथ आपसी संबंधों में हुई तीव्र और बहुमुखी प्रगति पर प्रकाश डाला। काठमांडू में आज राष्‍ट्रीय ट्रामा सेंटर को औपचारिक रूप से सौंपने और उसके उद्घाटन के अवसर पर आयोजित समोराह में श्री मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच संबंध अब विश्‍वास के इंजन की ऊर्जा से आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्‍य है कि वह थोड़ी अवधि के बाद एक बार फिर नेपाल पहुंचे हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस दौरान उन्‍होंने विश्‍व में कई स्‍थानेां का दौरा किया लेकिन वे नेपाल से मिले प्रेम को कभी नहीं भुला पायेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रामा सेंटर से खतरे से जूझ रहे जीवन बचाये जा सकेंगे इसलिए यह दोनों देशों के बीच आशा और मैत्री का अनूठा प्रतीक है। उन्‍होंने कहा कि भारत आवश्‍यकता पड़ने पर ट्रामा सेंटर को उन्‍नत बनाने के लिए नेपाल का हमेशा साथ देगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे जनकपुर, लुंबनी और मुक्तिनाथ के लोगों की निराशा और दुख को समझते हैं। वे इन स्‍थानों पर जाना चाहते थे लेकिन अपने महत्‍वपूर्ण कार्यक्रमों के कारण ऐसा नहीं कर सके। उन्‍होंने यह भी कहा कि वे निकट भविष्‍य में इन स्‍थानों की यात्रा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री, राजनीतिक दलों और वहां के अधिकारियों की पिछले 25 से 30 वर्ष के दौरान लंबित कार्यों की बाधायें हटाने और काम में तेजी लाने के लिए सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे संतुष्‍ट हैं क्‍योंकि प्रसन्‍न नेपाल को देखकर भारत के लिए भी प्रसन्‍न होना स्‍वभाविक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पनबिजली परियोजनाओं और ट्रांसमिशन लाइनों का काम अब आगे बढ़ रहा है। उन्‍होंने एक अरब डालर की ऋण लाइन और काठमांडू-दिल्‍ली बस सेवा का उल्‍लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्‍होंने अधिकारियों से ऐसी बसों में वाई-फाई सुविधा लगाये जाने की संभावना का पता लगाने को कहा है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने फोन कॉल की दरों में 35 प्रतिशत तक की कटौती की है और उन्‍होंने नेपाल से आग्रह किया कि वह भी इस दिशा में कदम उठाये। श्री मोदी ने कहा कि नेपाल को एक चल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला उपहार में दी जायेगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि अब नेपाल में 25 हजार रूपये के मूल्‍य तक के 500 और 1000 रूपये के भारतीय नोट लाना संभव होगा।

प्रधानमंत्री ने जनता से जनता के सम्‍पर्क और युवा आदान प्रदान कार्यक्रमों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि नेपाल से विश्‍व विद्यालयों के 450 विद्यार्थियों का पहला दल इस समय भारत में है। श्री मोदी ने कहा कि उन्‍हें ई-पुस्‍तकालय स्‍थापित करने के कई अच्‍छे सुझाव मिले हैं। प्रधानमंत्री ने नेपाल के अपने पिछले दौरे में ई-पुस्‍तकालय का उल्‍लेख किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, नेपाल के राजमार्गों पर भी ध्‍यान देगा और इसके लिए जोड़ने वाली सड़कों पर भी ध्‍यान दिया जायेगा तथा आई-वेज पर भी ध्‍यान केन्द्रित किया जायेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनेां देशों के बीच रक्षा संबंध भी सघन हो रहे हैं। उन्‍होंने आज नेपाल को ध्रुव हेलीकॉप्‍टर सौंपे जाने का भी उल्‍लेख किया।

प्रधानमंत्री ने नेपाल को भावपूर्ण आग्रह किया कि वे अपने संविधान को अंतिम रूप देने का काम पूरा करे। इसे बहुमत के बजाय आम सहमति के आधार पर बनाया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि यह नेपाल के हित में होगा और संविधान सभा के सदस्‍यों में ऐसा करने के लिए ऋषियों जैसे उदार मन की जरूरत होगी।

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पीएम मोदी ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा श्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी के सम्मान में आयोजित राजाजी उत्सव की सराहना की
February 23, 2026

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर स्थापित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस पहल को सराहनीय प्रयास बताया, जो राष्ट्र के भाग्य को आकार देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा कि राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे, जिनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'राजाजी उत्सव' में भी भाग लिया। राजाजी उत्सव के तहत, 24 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक राष्ट्रपति भवन में राजाजी के जीवन और कार्यों पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती है। उन्‍होंने लोगों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने और उनके जीवन तथा आदर्शों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने राष्ट्रपति द्वारा उपर्युक्त पहलों के संबंध में किए गए एक्‍स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्‍स पर लिखा;

“यह एक सराहनीय प्रयास है, जो उन लोगों को सम्‍मानित करने के संकल्प को दर्शाता है जिन्‍होंने हमारे भाग्य को आकार दिया और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाया।”

राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे। उनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।

 

“राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है, जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप इसका अवलोकन करें और इससे प्रेरणा लें!”