"PM describes entire Northeast region as a "Natural Economic Zone""
"PM outlines initiatives taken for development of the Northeast"
"प्रधानमंत्री ने पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक "प्राकृतिक आर्थिक क्षेत्र" बताया"
"प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के विकास के लिए उठाए जाने वाले कदमों की रूपरेखा बनाई"

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक "प्राकृतिक आर्थिक क्षेत्र" एनईजेड बताया, जिसकी क्षमताओं का अब तक दोहन नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पूर्वोत्तर के लोगों के लाभ के लिए एनईजेड का विकास करने की है। कोहिमा में हॉर्नबिल त्यौहार के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने नागालैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नागा लोगों की मजबूती, ईमानदारी, सरलता, अंदरुनी मजबूत चरित्र और कड़ी मेहनत के प्रति रुझान की सराहना की। उन्होंने इस त्यौहार के आयोजन के लिए नागालैंड के निवासियों को बधाई दी, जो राज्य के सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करते हैं।

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प्रधानमंत्री ने नागालैंड के राज्य बनने के दिवस पर लोगों को भी बधाई दी और उनसे आग्रह किया कि वे आत्ममंथन करें और देखें कि पिछले 50 वर्षों में क्या अर्जित किया गया है तथा अभी और क्या किया जाना शेष है।

प्रधानमंत्री ने राज्य की समृद्ध जैव विविधता और अंग्रेजी बोलने वाली युवाओं की आबादी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन और निवेश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को निश्चित रूप से वैश्विक आईटी आउटसोर्सिंग व्यवसाय का एक हिस्सा हासिल करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने मुक्केबाजी, तीरंदाजी, फुटबॉल और ताइक्वोंडो के खेलों में राज्य की क्षमता का भी जिक्र किया और कहा कि इस क्षमता का पूरा दोहन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नागालैंड की यात्रा की थी। उन्होंने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए इतना लंबा इंतजार अब नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह यह देखने के लिए फिर से आएंगे कि जिसका उन्होंने जिक्र किया है, वह वास्तविकता में बदल गया है या नहीं।

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प्रधानमंत्री ने पिछले छह महीनों के दौरान पूर्वोत्तर के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के 10,000 छात्रों के लिए इशान उदय विशिष्ट छात्रवृत्तियां, हर वर्ष देश के अन्य हिस्सों की यात्रा के लिए पूर्वोत्तर के 2,000 छात्रों और महाविद्यालयों के 500 संकाय सदस्यों के लिए इशान विकास योजना का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य में एक आधुनिक अपैरल वस्त्र निर्माण केन्द्र की स्थापना की जाएगी, जिसकी शुरूआत नागालैंड, असम और सिक्किम से होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए केन्द्रीय बजट में 53,000 करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं। संपर्क को बढ़ावा देने के लिए नई रेललाइनों के निर्माण के लिए 28,000 करोड़ रुपए का निर्धारण किया गया है। अंतःराज्य बिजली पारेषण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपए और 2जी मोबाइल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इतनी ही राशि निर्धारित की गई है।

मणिपुर में एक राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय और क्षेत्र में 6 नये कृषि महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी।

नगालैंड में हॉर्नबिल महोत्सव में प्रधानमंत्री के भाषण के अंश

सुप्रभात। देवियों और सज्जनों, यहां विश्व प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव मनाने के लिए एकत्र मैत्रीपूर्ण नगा समुदाय के बीच उपस्थित होना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मैं इस खुशी के पर्व पर आपको शुभकामना देता हूं। मैं इस आश्चर्यजनक महोत्सव को आयोजित करने के लिए नगा समुदाय को बधाई देता हूं। जिसका उद्देश्य अनोखी सांस्कृतिक विविधता और नगालैंड की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और इसकी रक्षा करना है।

मैं नगालैंड को राज्य का दर्जा मिलने की 51 वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोगों को बधाई देता हूं। इस पावन दिन, मैं नगा समुदाय से अनुरोध करता हूं कि राज्य बनने के 55 वर्ष बाद पीछे मुड़कर देखिए ! पुनरावलोकन कीजिए ! और अब तक हासिल उपलब्धियों और जो बाकी हासिल करना है, उस पर गौर कीजिए। मैंने आज आपके समाज की ताकत देखी है। यह बहुत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसे प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

आपकी संस्कृति को न सिर्फ रंगारंग नृत्य और गीतों के रूप में समझाया जाना चाहिए बल्कि आपके सभी आचार-व्यवहार में झलकती मजबूती, ईमानदारी, सादगी की नगा संस्कृति को भी लोगों को समझाया जाना चाहिए। जीवन जीने का नगा समुदाय का तरीका आपके सशक्त चरित्र और आपके मेहनत भरे दृष्टिकोण में गर्व से बसा है।

मैं यह भी जानता हूं कि आपकी बहुत समृद्ध जैवविविधता है। आपका क्षेत्र दुनिया के 25 प्रसिद्ध जैव-विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है। इसे हर कीमत पर संरक्षित किया जाना चाहिए। लोग निवेश या पर्याटन के लिए आपके राज्य में आएंगे और आपकी आश्चर्यजनक जैव-विविधता और स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के कारण वे ऐसा करेंगे।

नगालैंड को अंग्रेजी भाषा में शिक्षित सबसे अधिक युवा आबादी का आशीर्वाद हासिल है। यह ऐसा लाभ है जिसका उपयोग किया जाना चाहिए। आपको देश के इस भाग में दुनिया के आईटी आउटसॉर्सिंग बिजनस में हाथ आजमाने चाहिए।

मैं नगा समुदाय में नगा महिलाओं को मिली समान हैसियत की भी प्रशंसा करता हूं। मुझे याद है कि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान तैनात की गई नगा युवतियों ने कितनी मुस्तैदी से अपना फर्ज निभाया था।

नगा खेल प्रेमी होते हैं और मुक्केबाजी, ताइ क्वांडो, फटबॉल और तीरंदाजी में खूब संभावनाएं हैं। मुझे महसूस होता है कि सही दिशा देते हुए, क्षेत्र के लोगों की इस संभावना को साकार करने के लिए व्यवस्थित ढंग से इन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

मैं जानता हूं कि एक दशक से अधिक समय पहले प्रधानमंत्री वाजपेयी नगालैंड आए थे। मैं सोचता हूं कि यदि कोई दिल्ली से नगालैंड आना चाहे या यदि कोई यहां से दिल्ली जाना चाहे तो मुश्किल से 10-15 घंटे लगते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को यहां पहुंचने में 10 से अधिक वर्ष लग गए। मैं नगालैंड के लोगों को आश्वासन देता हूं कि आपको प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए फिर से इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मैं अकसर नगालैंड के लोगों से मिलने में खुशी महसूस करूंगा।

मैं यह देखने के लिए वापस आऊंगा कि जो मैंने कहा है वह हकीकत में बदल जाए।

आइए हम सब मिलकर, नया गतिमान, शक्तिशाली और अधिक समृद्ध भारत के साथ-साथ नगालैंड का निर्माण करें।

मित्रों, पिछले 2-3 वर्ष से, मैं हमारे देश के इस भाग में रहा हूं। मुझे लगता है कि पहली बार भारत का प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर में 3 दिन रहा है। भारत में सेज शब्द बहुत प्रचलित है। विशेष आर्थिक क्षेत्र। लेकिन पिछले तीन दिन यहां रहकर, मुझे यही कहना है कि यह सिर्फ सेज नहीं बल्कि नेज है। जब मैं नेज कहता हूं तो उसका मतलब है नेचुरल इकोनोमिक जोन यानी प्राकृतिक आर्थिक क्षेत्र। भारत के अन्य भागों में मानव निर्मित विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने होंगे लेकिन यहां प्राकृतिक आर्थिक क्षेत्र पहले ही विद्यमान है। लेकिन दुर्भाग्य से उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया है।

मेरी प्राथमिकता पूर्वोत्तर के लिए इस नेज को बढ़ावा देना है। एनई यानी पूर्वोत्तर एनइजेड के लिए है। नेज एनई के लिए है।

मैंने छह महीने पहले ही प्रधानमंत्री का पदभार संभाला। और मैं कुछ उन प्रयासों का उल्लेख कराना चाहूंगा जो पिछले 6 महीनों में पूर्वोत्तर के लिए किए गए हैं। मुझे यकीन है कि इन प्रयासों के उल्लेख करने का यह सही समय है क्योंकि हम हॉर्नबिल महोत्सव मना रहे हैं और क्रिसमस की तैयारी कर रहे हैं।

ईशान उदय स्कीम पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के लिए विशेष स्कोलरशिप है जिसके तहत 10,000 विद्यार्थियों को फायदा होगा। ईशान विकास स्कीम इंटर्नशिप के लिए अवसर उपलब्ध कराएगी तथा पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों को अवकाश के दौरान भारत के अन्य भागों में आइआइटी, एनआइटी, एनआइएफटी में जाने का मौका मिलेगा। प्रत्येक वर्ष 2,000 विद्यार्थी और 500 शिक्षकों को इस स्कीम से लाभ होगा।

हमने पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य में एक-एक आधुनिक अपैरल गारमेंट निर्माण केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। हम जानते हैं कि यहां कपड़े के क्षेत्र में समृद्ध विरासत है। यहां बुनकरी के मास्टर हैं। हमारी महिलाएं इस कला को उंगलियों में रखती हैं और हमें इस क्षेत्र के विकास के लिए इस क्षमता का उपयोग करना है। और उसके लिए हमने नगालैंड, असम और सिक्किम से शुरुआत करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार इस नए कार्यक्रम के लिए 20 करोड़ रूपये खर्च करेगी।

वाजपेयी सरकार के कार्यकाल के दौरान, अटल जी ने अनोखा निर्णय लिया था। उस समय यह फैसला किया गया था कि वार्षिक योजना बजट का 10 प्रतिशत पूर्वोत्तर राज्यों में खर्च किया जाएगा। मेरी सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए केंद्रीय बजट में 53,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 28,000 करोड़ रुपये 14 नई रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए दिए जाएंगे। यह श्रेष्ठ पर्यटन स्थल है और यहां देश विदेश से बहुत से पर्यटक आते हैं। हमें यहां पर्यटन विकसित करने के लिए सड़क, रेल और वायु संपर्क विकसित करने की जरूरत है।

ऊर्जा जीवन रेखा है। ऊर्जा या बिजली के बिना हम कुछ नहीं कर सकते। पूर्वोत्तर क्षेत्र बिजली प्रणाली सुधार परियोजना के लिए नगालैंड सहित छह पूर्वोत्तर राज्यों में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य साल भर रात-दिन बिजली आपूर्ति करना है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए व्यापक दूरसंचार विकास योजना के तहत, हमने इस क्षेत्र और दुनिया के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए 2 जी मोबाइल कवरेज के वास्ते 5,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

हमने मणिुपर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का फैसला किया है और नगालैंड के लोग इस खेल विश्वविद्यालय के प्राथमिक लाभार्थी होंगे।

हमने पूर्वोत्तर में 6 नए कृषि महाविद्यालय स्थापित करने का फैसला किया है। मुझे यकीन है कि पूर्वोत्तर भारत की आर्गेनिक खेती की राजधानी बन सकता है।

मित्रों, इस हॉर्नबिल महोत्सव में हिस्सा लेना मेरे लिए बहुत अच्छा अवसर है। हम अपना पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के बारे में बहुत उत्सुक हैं।

मुझे यकीन है कि हॉर्नबिल महोत्सव नगालैंड के पर्यटन क्षेत्र में सुधार करेगा और नगालैंड की जनता इस वृद्धि के लाभार्थी होंगे। और जब नगालैंड के लोग समृद्ध होंगे तो पूरे देश को इससे फायदा होगा।

मैं आभारी हूं कि मुख्यमंत्री ने मुझे इस महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुझे यकीन है कि इस महोत्सव के अगले 10 दिन में लाखों लोग इस महोत्सव का हिस्सा बनने आएंगे। आपका हार्दिक धन्यवाद !

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May 13, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा एमआईएल (मिहान इंडिया लिमिटेड) को पट्टे पर दी गई भूमि की लीज अवधि को 06.08.2039 से आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, ताकि एमआईएल वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) से 30 वर्षों के लिए नागपुर हवाई अड्डे का लाइसेंस रियायतग्राही, अर्थात् जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) को दे सके।

यह नागपुर हवाई अड्डे के लिए नागपुर में मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब और एयरपोर्ट (मिहान) परियोजना के तहत क्षेत्रीय विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वर्ष 2009 में एएआई और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमएडीसी) द्वारा 49:51 के इक्विटी अनुपात में एक संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवीसी) - एमआईएल का गठन किया गया था। हालांकि एएआई की हवाई अड्डे की संपत्तियां वर्ष 2009 में हवाई अड्डे के संचालन के लिए एमआईएल को हस्तांतरित कर दी गई थीं, लेकिन भूमि सीमांकन संबंधी मुद्दों के कारण लीज डीड में देरी हुई। बाद में, एएआई की भूमि 06.08.2039 तक एमआईएल को लीज पर दी गई है।

वर्ष 2016 में एमआईएल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हवाई अड्डे के संचालन के लिए एक भागीदार की पहचान हेतु वैश्विक निविदा जारी की। जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड (जीएएल) 5.76 प्रतिशत के राजस्व हिस्से के साथ उच्चतम बोलीदाता के रूप में उभरी। बाद में इसे संशोधित करके सकल राजस्व का 14.49 प्रतिशत कर दिया गया। इसके बाद, एमआईएल ने मार्च 2020 में बोली प्रक्रिया रद्द कर दी। जीएएल ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में इस रद्द करने को चुनौती दी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी जीएएल के पक्ष में फैसला सुनाया। 27 सितंबर, 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, एमआईएल ने 8 अक्टूबर, 2024 को अन्‍य संयुक्त उद्यम, जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए।

नागपुर हवाई अड्डे के एक नए युग की शुरुआत:

एएआई द्वारा एमआईएल को लीज पर दी गई भूमि की अवधि 06.08.2039 के बाद बढ़ाए जाने से, यह जीएनआईएएल की 30 वर्षीय रियायत अवधि के साथ समाप्त हो जाएगी, जिससे हवाई अड्डे को दूसरे संयुक्त उद्यम-जीएनआईएएल को सौंपने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे नागपुर हवाई अड्डे के विकास और अवसंरचना उन्नति के एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र की दक्षता और सरकारी निगरानी के साथ, हवाई अड्डे में महत्वपूर्ण निवेश, आधुनिकीकरण और बेहतर यात्री एवं माल ढुलाई सेवाओं की संभावना है - जो सरकार की विमानन क्षेत्र में मजबूत इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर विकास की परिकल्पना का हिस्सा है।

जीएनआईएएल नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विश्व स्तरीय सुविधा में बदलने का कार्य शुरू करेगा। चरणबद्ध विकास के तहत इसकी अंतिम क्षमता 30 मिलियन यात्रियों को प्रतिवर्ष संभालने की होगी, जिससे यह मध्य भारत के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा। यह परिवर्तन न केवल विदर्भ क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, बल्कि इसके आर्थिक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा। इससे माल ढुलाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।