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मैं अपनी तीन दिवसीय जापान यात्रा को लेकर बहुत उत्‍साहित हूं। मेरे मित्र जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्‍मेलन के लिए इसका आमंत्रण भेजा था।

देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मेरी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। इस यात्रा में विदेश और आर्थिक नीतियों में जापान को दी जा रही उच्‍च प्राथमिकता पर ध्‍यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके अलावा यह यात्रा मेरे दृष्टिकोण और देश की विकास प्राथमिकताओं तथा एशिया में शांति, स्‍थायित्‍व और समृद्धि में जापान को दिए जा रहे व्‍यापक महत्‍व को भी बताती है।

जापान राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्‍कृतिक क्षेत्रों में भारत का नजदीकी सहयोगी है। वह हमारा क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच सद्भाव और आपसी प्रेम का भाव है। भारत से शुरू हुआ बौद्धमत एक सदी से जापान के लिए प्रेरणा का आधार बना हुआ है। भारत में हम एशिया में आधुनिकीकरण, पुनरोत्‍थान और पुनर्जीवन के लिए जापान की अग्रणी भूमिका से प्रेरणा लेते रहे हैं। भारत के नागरिक देश के आर्थिक, सामाजिक और ढांचागत विकास में जापान के उदार सहयोग के प्रति कृतज्ञ हैं।

मैं अपनी यात्रा का आगाज जापान की पूर्व राजधानी और हमारी सभ्‍यता की समृद्ध विरासत क्‍योतो से करूंगा। वहां मेरे साथ होने के लिए मैं जापान के प्रधानमंत्री का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। उनकी वहां उपस्थिति से आपसी संबंधों में विश्‍वास और सहयोग का भाव दिखता है। मेरी क्‍योतो यात्रा हमारे समकालीन संबंधों के प्राचीन आधार को दर्शाती है। इसके अलावा यह यात्रा शहरी नवीनीकरण तथा स्‍मार्ट विरासत वाले शहरों तथा वै‍ज्ञानिक शोध सहित हमारी राष्‍ट्रीय प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगी।

मैं इसके बाद यात्रा के दूसरे चरण में टोक्‍यो जाऊंगा। वहां प्रधानमंत्री आबे के साथ मेरी आगामी वर्षों में वैश्विक और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होने की आशा है।

इस यात्रा के दौरान मैं इतिहास की इन कड़ियों और हमारे लोगों के अनुभवों का जश्न मनाने, और उन्हें नए अर्थ प्रदान करने का प्रस्ताव देता हूं। हम पता लगाएंगे कि जापान किस प्रकार उत्पादक रुप से भारत के विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्रों के परिवर्तन सहित भारत में समावेशी विकास के मेरे दृष्टिकोण के साथ जुड़ सकता है । हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि किस तरह से दोनों देश घरेलू नीतियों के साथ-साथ रक्षा और सुरक्षा, रक्षा तकनीक, उपकरण और उद्योग के विकास में एक-दूसरे के सहायक हो सकते हैं। मैं उन अधूरे पड़े प्रोजेक्ट औऱ प्रस्तावों पर तेजी लाने की कोशिश करूंगा जिन पर दोनों देशों ने मिलकर काम शुरू किया है।

मैं कठिन वैश्‍विक चुनौतियों के मौजूदा दौर में प्रधानमंत्री आबे से मिलने जा रहा हूं। आर्थिक संकट का बरकरार रहना और दुनिया के विभिन्‍न हिस्‍सों में अशांति का माहौल भी इन चुनौतियों में शामिल हैं।

मैं जापान के माननीय सम्राट से रूबरू होने को लेकर भी उत्‍सुक हूं, जिन्‍होंने पिछले साल हमारे देश की बेहद यादगार यात्रा कर भारत के लोगों का मान बढ़ाया था। मुझे अपनी यात्रा के दौरान जापान के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं, क्षेत्रीय नेताओं, बिजनेस व उद्योग जगत के महारथियों और जापान में रह रहे भारत के मित्रों के साथ-साथ जापान में निवास एवं काम कर रहे भारतीय भाइयों एवं बहनों से भी चर्चा करने का मौका मिलेगा।

मुझे भरोसा है कि मेरी यात्रा एशिया के दो सबसे पुराने लोकतांत्रिक देशों के बीच प्रगाढ़ संबंधों का नया अध्‍याय लिखेगी। यह यात्रा इसके साथ ही आपसी रणनीतिक व वैश्‍विक भागीदारी को नए मुकाम पर पहुंचा देगी।

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PM calls on President
November 26, 2022
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has called on the President of India, Smt Droupadi Murmu.

Prime Minister's office tweeted;

"PM @narendramodi called on Rashtrapati Droupadi Murmu Ji earlier today."