""I am going to make an India of your dreams" "
"Spirit of hope and change about India, across the world "
"Unique combination of strengths: democracy, demography and demand which will help us transform India "
"Let us make development a mass movement"
"PM announces sweeping changes in procedures to facilitate travel between America and India"
"“मैं भारत को आपके सपनों का देश बनाने जा रहा हूं”"
"दुनियाभर में भारत के बारे में उम्मीद और परिवर्तन की भावना है"
"लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और मांग की शक्तियों का विशिष्ट संयोजन भारत को बदलने में हमारी मदद करेगा"
"आइए हम विकास को जनआंदोलन बनाएं"
"प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिका और भारत के बीच यात्रा सुगम बनाने के लिए प्रक्रियाओं में व्यापक परिवर्तन लाने की घोषणाएं "

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक जनआंदोलन के रूप में विकास के प्रयास में शामिल होने के लिए भारतीयों का आह्वान किया। भारतीय अमेरिकी समुदाय का भारत के विकास प्रयास में शामिल होने का अनुरोध करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भारत को आपके सपनों का देश बनाने जा रहा हूं। प्रधानमंत्री न्यूयार्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में 18,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद भारत के बारे में आशा और उम्मीद की नई भावना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि आज सभी अमेरिकी भारतीय भारत के साथ अपने संबंधों को नवीकृत करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत के पास मौजूद तीन महान शक्तियों- लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और मागं के विशिष्ट संयोजन का उल्लेख किया और कहा कि भारत के लिए लोकतंत्र केवल शासन की प्रणाली ही नहीं है बल्कि यह एक विश्वास की बात है।

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श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि चुनाव जीतना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वह भारत को विकसित देश बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 125 करोड़ के आशीर्वाद से उन्हें विश्वास है कि आम आदमी की आशाओँ और उम्मीदों को पूरा किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मै ऐसा कोई कार्य नहीं करूंगा जिससे आपको शर्म महसूस हो। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने के लिए अब देश में क्षमता, संभावना और अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सबसे युवा राष्ट्र और सबसे प्राचीन सभ्यता वाला देश है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास केवल जनभागीदारी के माध्यम से ही किया जाता है और वह विकास को उसी तरह एक जनआंदोलन बनाना चाहते हैं जिस प्रकार महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक जनआंदोलन बना दिया था। उन्होंने नई सरकार द्वारा शुरु की गई प्रधानमंत्री जन-धन-योजना, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत और स्वच्छ गंगा सहित विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।

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प्रधानमंत्री ने मंगल ग्रह परिक्रमा मिशन की सफलता की उदाहरण के रूप में भारतीय युवा प्रतिभा का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि भारत जल्दी ही कुशल कर्मियों जैसे नर्स और शिक्षकों की विश्वस्तर पर आपूर्ति करने वाले देश के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को mygov.in मंच के माध्यम से अपने-अपने सुझाव साझा करने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का प्रमुख कार्य पुराने कानूनों को समाप्त करना है, अगर वह हर दिन इस संबंध में कुछ प्रगति ला सके तो यह उनके लिए खुशी की बात होगी। उन्होंने कहा कि शासन को आम आदमी की उम्मींद पूरी करनी चाहिए। लोगों ने उन्हें आसान काम करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 महात्मा गांधी का भारत लौटने का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने सभी प्रवासी भारतीयों को इस समारोह में भाग लेने और भारत को विकसित करने में अपना सहयोग देने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारतीयों को गांधी जी को स्वच्छ भारत के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए किए गए अपने प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में प्रवासी भारतीय गंगा में आस्था रखते है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ गंगा से भारत की उस 40 प्रतिशत जनसंख्या की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा जिसके लिए गंगा एक जीवन रेखा के समान है। प्रधानमंत्री स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर “सभी के लिए आवास” की अपनी अवधारणा के बारे में भी बताया।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से अमेरिका की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य  हेतु सहूलियतों की अनेक पहलों का भी खुलासा किया।

उन्होंने पीआईओ (भारतीय मूल का व्यक्ति) और ओसीआई (भारत के प्रवासी नागरिक) योजनाओ के बीच कुछ विशिष्ट अन्तरों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीआईओ कार्डधारकों आजीवन वीजा दिया जाएगा और दोनों योजनाओं को एक साथ मिलाकर नई योजना की जल्दी ही घोषणा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत में लम्बे समय तक ठहरने वाले लोगों को अब पुलिस स्टेशन जाने की कोई जरूरत नहीं होगी।

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प्रधानमंत्री ने अमेरिकी नागरिकों के लिए लम्बी अवधि का पर्यटक वीजा देने की घोषणा की और कहा कि अमेरिकी पर्यटकों को आगमन पर वीजा देने की योजना की भी जल्दी ही घोषणा की जाएगी।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of courage and perseverance
August 03, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that one should never lose courage even when fortune turns unfavourable, for patience and perseverance can help a person regain lost ground. He noted that just as a skilled sailor whose ship breaks apart in the middle of the ocean does not lose hope but continues striving to survive by swimming, determination and steadfast effort enable one to overcome adversity.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव।। ”

The Subhashitam conveys that one should not lose patience even when fortune is adverse, for through patience, one can always regain a lost favorable situation. Just as a skilled sailor, even when his ship breaks apart in the middle of the ocean, focuses solely on his actions, namely, the effort to survive and swim, without losing heart.

The Prime Minister wrote on X;

“त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।।”