‘आपूर्ति श्रृंखला का निर्बाध प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विश्वास बहाली उपाय अत्‍यंत आवश्‍यक हैं’
‘क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद के जरिए अंतिम आदमी तक पहुंचने पर आगे भी फोकस रहेगा’

‘कोविड-19’ के फैलाव के परिणामस्वरूप उभर रही चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों के उच्‍चाधिकार प्राप्त समूहों की एक बैठक आज प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस महामारी के प्रतिकूल प्रभावों का सामना करने के लिए मौजूदा समय में जारी प्रयासों पर करीबी नजर रखने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा विभिन्न स्तरों पर समय-समय पर आयोजित की जाने वाली समीक्षाओं की श्रृंखला में यह नवीनतम बैठक थी।
प्रधान सचिव ने उच्‍चाधिकार प्राप्त समूहों द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों की समीक्षा की। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के लिए आपूर्ति श्रृंखला (सप्‍लाई चेन) एवं लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन, संबंधित हितधारकों के लाभ के लिए किए गए प्रयासों, सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए किसानों को अपनी फसलों की कटाई में सहायता करने के लिए उठाए गए कदमों, विश्वास बहाली के लिए आगे और आवश्यक उपाय करने तथा गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का प्रचार-प्रसार जमीनी स्तर तक सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर उपस्थित शीर्ष अधिकारियों ने विस्तृत परीक्षण (टेस्टिंग) प्रोटोकॉल एवं प्रक्रिया की समीक्षा की और उन पर संतोष व्यक्त किया, जिसके तहत (अब तक) 1,45,916 सैंपल का परीक्षण किया गया है।

इस अवसर पर यह जानकारी दी गई कि राज्यों के सभी मुख्य सचिवों को प्रवासियों और बेघरों जैसे कमजोर समूहों या तबकों के लिए आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके अलावा, केंद्र इस सबंध में राज्यों के साथ निरंतर संपर्क में है और जिला स्तर पर निगरानी की जा रही है। निजी सुरक्षात्‍मक उपकरणों (पीपीई) का उत्पादन स्‍तर बढ़ाया जा रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है। गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सिविल सोसायटी समूहों को भी एकजुट किया जा रहा है। प्रधान सचिव ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर गैर सरकारी संगठनों के साथ सही ढंग से समन्वय किया जाए, ताकि ओवरलैप (एक ही काम कई व्‍यक्‍ति‍यों या एजेंसियों द्वारा करना) से बचने के साथ-साथ संसाधनों का प्रभावकारी उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सके।

‘पीएम गरीब कल्याण योजना’ के तहत आर्थिक राहत पैकेज के माध्यम से कल्याणकारी उपायों की दिशा में अब तक हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधान सचिव ने यह बात रेखांकित की कि डेटा की शुद्धता या सटीकता अत्‍यंत महत्वपूर्ण है, ताकि‍ सभी निर्दिष्‍ट लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सके।

देश भर में समय पर सूचनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई और इसके साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद के जरिए अंतिम आदमी तक पहुंचना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रौद्योगिकी और डेटा प्रबंधन पर चर्चा के दौरान ‘आरोग्य सेतु’ एप की लॉन्चिंग पर संतोष व्यक्त करते हुए यह महसूस किया गया कि इस एप के साथ उपयोगकर्ताओं (यूजर) का जुड़ाव बढ़ाने की आवश्यकता है।

इस बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ भारत सरकार के अधीनस्‍थ अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम के उद्घाटन और चारधाम यात्रा के शुभारंभ की शुभकामनाएं दीं
April 22, 2026
प्रधानमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति एक पत्र के माध्यम से अपने भाव व्‍यक्‍त किए

प्रधानमंत्री ने आज उत्तराखंड देवभूमि में स्थित श्री केदारनाथ धाम के द्वार खुलने के पवित्र अवसर पर श्रद्धा व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनांए दीं। इसके साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा भी प्रारंभ हो गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में यात्रा के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को लिखे गए अपने पत्र के माध्यम से अपनी भावपूर्ण अभिव्‍यक्‍ति‍ के साथ उनके कुशल मंगल के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की।

इस अवसर के आध्यात्मिक महत्व का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा भारत की अटूट आस्था, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का दिव्य उत्सव है। उन्होंने कहा कि इन तीर्थयात्राओं से देश की शाश्वत विरासत और आध्यात्मिक चेतना के दर्शन होते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।

केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं।

इस वर्ष चारधाम यात्रा के आरंभ उत्सव पर, उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मैंने एक पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।

मेरी कामना है कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें।

हर-हर महादेव!"