प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 18 दिसंबर से 20 दिसंबर, 2015 तक गुजरात के कच्छ जिले की आधिकारिक यात्रा पर होंगे।
प्रधानमंत्री भुज जाएंगे। वह ‘बार’ में श्यामजी कृष्णा वर्मा की मरणोपरांत बहाली का प्रमाणपत्र गुजरात की मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल को सुपुर्द करेंगे जिसे लंदन की ऑनरेबल सोसाइटी ऑफ द इनर टेंपल ने प्रदान किया है। प्रधानमंत्री को यह प्रमाणपत्र नवंबर 2015 में ब्रिटेन की उनकी यात्रा के दौरान लंदन में प्राप्त हुआ था।
इसके बाद प्रधानमंत्री ढोरदो के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री 18 दिसंबर से 20 दिसंबर, 2015 तक ढोरदो में पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में भाग लेंगे
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया है, जिसका अर्थ है उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को अपने कार्यों में लगातार सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अटूट उत्साह उन सभी प्रयासों को सफलता की ओर ले जाता है जिन्हें कोई व्यक्ति पूरा करने का संकल्प लेता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"कर्मशील और ऊर्जावान देशवासी ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जिनके परिश्रम से विकास की नई राहें तय होती हैं। इनके प्रयासों से देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उन्नति के शिखर को छूता है।
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः।
करोति सफलं जन्तोः कर्म यच्च करोति सः॥"
उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को अपने कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करती है। यही अटूट उत्साह उन सभी प्रयासों को सफलता की ओर ले जाता है जिन्हें पूरा करने का व्यक्ति संकल्प करता है।
कर्मशील और ऊर्जावान देशवासी ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जिनके परिश्रम से विकास की नई राहें तय होती हैं। इनके प्रयासों से देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उन्नति के शिखर को छूता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 30, 2026
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः।
करोति सफलं जन्तोः कर्म यच्च करोति सः॥ pic.twitter.com/DmPu2cRrNz

