प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 फरवरी, 2019 को हरियाणा में कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगे। वे स्वच्छ शक्ति-2019 में हिस्सा लेंगे। वे हरियाणा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।

स्वच्छ शक्ति-2019

प्रधानमंत्री स्वच्छ शक्ति – 2109 में हिस्सा लेंगे और स्वच्छ शक्ति-2019 पुरस्कार प्रदान करेंगे। वे कुरुक्षेत्र में स्वच्छ सुंदर शौचालय प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

स्वच्छ शक्ति-2019 एक राष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें देश भर की महिला पंच और सरपंच सम्मिलित होंगी। संभावना है कि इस वर्ष स्वच्छ शक्ति आयोजन में 15,000 महिलाएं हिस्सा लेंगी। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण है।

प्रथम स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम की शुरूआत अंतर्राष्टीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांधीनगर, गुजरात से की थी। दूसरे स्वच्छ शक्ति-2018 की शुरूआत लखनऊ, उत्तर प्रदेश से हुई और इसका तीसरा कार्यक्रम कुरुक्षेत्र में हो रहा है।

विकास परियोजनाएं

झज्जर में भाडसा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का लोकार्पण

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) एक उत्कृष्ट तीसरे स्तर का कैंसर और अनुसंधान संस्थान है, जो अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान झज्जर परिसर में निर्मित हुआ है। यह 700 बिस्तरों वाला अस्पताल है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एनेस्थेसिया, पेलिएटिव केयर और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा डॉक्टरों और कैंसर मरीजों के तीमारदारों के लिए रिहाइश की व्यवस्था भी है। एनसीआई देश में कैंसर संबंधी सभी गतिविधियों के लिए नोडल संस्थान होगा और क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों तथा अन्य कैंसर संस्थानों के साथ उसका संपर्क होगा। एनसीआई झज्जर देश का प्रमुख कैंसर संस्थान है तथा वह अनुसंधान तथा विकास के प्रमुख क्षेत्रों की निशानदेही करने की जिम्मेदारी निभाएगा। यह संस्थान मोलेक्यूलर बायोलॉजी, जेनोमिक्स, प्रोटियोमिक्स, कैंसर एपीडेमियोलॉजी, रेडियाएशन बायोलॉजी और कैंसर वैक्सीन में अनुसंधान का काम करेगा।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद का उद्घाटन

यह उत्तर भारत में पहला ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल होगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन ईएसआईसी के तहत बीमाधारी व्यक्तियों और उनके लाभार्थियों, विशेषकर कामगार आबादी तथा उनके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है।

पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का शिलान्यास

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना पंचकूला में श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर में की जा रही है। यह आयुर्वेदिक उपचार, शिक्षा और अनुसंधान का राष्ट्र स्तरीय संस्थान होगा। इसका निर्माण पूरा हो जाने के बाद यह संस्थान हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों के निवासियों के लिए बहुत लाभकारी होगा।

श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र का शिलान्यास

श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय हरियाणा में भारतीय चिकित्सा पद्धति से संबंधित पहला विश्वविद्यालय और भारत में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है।

पानीपत में ‘पानीपत संग्राम संग्राहलय’ का शिलान्यास

यह संग्राहलय पानीपत के विभिन्न युद्धों के नायकों का सम्मान करने के लिए बनाया जा रहा है। राष्ट्र निर्माण में महान योगदान करने वाले भारत के गुमनाम नायकों के सम्मान के संबंध में भारत सरकार की पहलों के अनुरूप यह संग्राहलय निर्मित किया जा रहा है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, करनाल का शिलान्यास

प्रधानमंत्री करनाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे।

इन कदमों से हरियाणा में शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सुविधाओं में तेजी आने की आशा है।

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India launches UPI in Greece, expands global digital payments footprint

Media Coverage

India launches UPI in Greece, expands global digital payments footprint
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के निर्माण को बीओटी (टोल) मोड पर 7145.14 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दी
July 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबराई एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड गलियारा है जिसमें भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी है। 7145.14 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल पूंजी लागत वाली इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर कार्यान्वित किया जाएगा, साथ ही एनएच-34 के मौजूदा कानपुर-कबराई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।

यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक आधुनिक पहुंच नियंत्रित आर्थिक गलियारा बनेगा और इस प्रकार इसमें सुधार होगा।

80-100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबराई के बीच यात्रा समय को 3.5 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे (58 प्रतिशत) कर देगा, साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा, वाहन परिचालन लागत को कम करेगा और यात्री एवं माल यातायात की कुशल आवाजाही को सुगम बनाएगा। यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप, यह परियोजना 16 आर्थिक नोड से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। यह 9 सोशल नोड, अर्थात् फतेहपुर, महोबा, कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर और जेके मंदिर से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटक स्थल, और 10 लॉजिस्टिक नोड, जिनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन, साथ में कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम गतिशक्ति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में रसद प्रतिस्पर्धात्मकता, औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास में सुधार करना इसका लक्ष्‍य है।

इस परियोजना से निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2028 तक इसकी वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) लगभग 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक आर्थिक, रसद और परिवहन महत्व को दर्शाता है। इस प्रकार प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

कॉरिडोर का नक्शा: