प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 मार्च, 2019 को तमिलनाडु में कन्याकुमारी का दौरा करेंगे। वे वहां कन्याकुमारी और तमिलनाडु के लिए कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। यह परियोजनाएं पूरे तमिलनाडु में रेल और सड़क संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

रेलवे

प्रधानमंत्री कन्याकुमारी में विभिन्न रेल परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें शामिल हैं-

* मदुरै से चेन्नई तक तेजस एक्सप्रेस को रवाना करना।

तेजस एक्सप्रेस से मदुरै और चेन्नई के बीच सीधी और तेज संर्पकता होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस तेजस एक्सप्रेस से इस खंड के यात्रियों को दिन के समय काफी लाभ मिलेगा।

यह दूसरी तेजस एक्सप्रेस सेवा होगी। इसकी पहली सेवा मुंबई से करमाली तक शुरू की गई थी।

* रामेश्वरम और धनुषकोडी के बीच रेल संपर्कता बहाल करने के कार्य का शिलान्‍यास।

रामेश्वरम और धनुषकोडी तमिलनाडु के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल हैं।

धनुषकोडी रेलवे स्टेशन 1964 में रामेश्वरम चक्रवात में नष्ट हो गया था और तब से ऐसा ही पड़ा हुआ है।

इस क्षेत्र में रेल संपर्कता बहाल होने से पर्यटन क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र में आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को लाभ होगा।

* पम्बन पुल के जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखना (पंबन मार्ग सेतु पार पुल)

पम्बन पुल के जरिए मुख्य भूमि और रामेश्वरम द्वीप के बीच रेल संपर्कता उपलब्‍ध होती है।

वर्तमान पुल 104 वर्ष पुराना है। पुराने के स्‍थान पर नया पुल वर्तमान रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा।

इस पुल से रामेश्वरम क्षेत्र की पर्यटन क्षमता बढ़ेगी।

सड़क परिवहन

प्रधानमंत्री पट्टिका का अनावरण कर कन्याकुमारी में विभिन्न सड़क परिवहन परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-87 के मदुरै-रामनाथपुरम खंड़ को 2/4 लेन बनाने के कार्य को राष्‍ट्र को समर्पित करेंगे।

यह खंड तमिलनाडु के तीन जिलों- मदुरै, शिवगंगा और मारतंडम जंक्शन पर फ्लाईओवर तथा कन्याकुमारी जिले में एनएच -47 के पार्वतीपुरम जंक्शन को कवर करता है। एनएच-44 के पनागुड़ी से कन्याकुमारी तक के खंड़ को चार लेन का बनाना।

एनएच -785 के मदुरै- चेट्टीकुलम खंड को चार लेन बनाने के कार्य का शिलान्‍यास।

एनएच-785 के चेट्टीकुलम-नाथम खंड को चार लेन का बनाना और कन्याकुमारी में सड़क सुरक्षा पार्क और परिवहन संग्रहालय का शुभारम्‍भ।

इन ढ़ांचागत सड़क परियोजनाओं से तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुदृढ़ होगा। इनसे यात्रियों के लिए सुरक्षित और तेज यात्रा सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री कन्याकुमारी में सभा को भी संबोधित करेंगे।

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प्रधानमंत्री 13 फरवरी को सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन करेंगे
February 12, 2026
इस उद्घाटन से देश की प्रशासनिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय स्थित हैं
कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा आदि कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 फरवरी, 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 तथा कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

यह उद्घाटन देश की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

दशकों से, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य करते रहे। प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा।

सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।

कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं।

दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी। 4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिज़ाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। इन उपायों से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा। भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा।