प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 05 फरवरी से 07 फरवरी, 2016 तक असम, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का तीन दिवसीय दौरा करेंगे।
05 फरवरी को प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़, असम पहुंचेंगे। वे लेपेटकाटा में ब्रह्मपुत्र क्रैकर और पॉलिमर लिमिटेड का उद्घाटन करेंगे। यह पूरे पूर्वोत्तर में पहली पेट्रो-रसायन परियोजना है।
इसी आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नुमालीगढ़ शोधशाला लिमिटेड में घरेलू प्रौद्योगिकी वाली वैक्स उत्पादक इकाई को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह भारत में सबसे अधिक वैक्स उत्पादन करने वाली इकाई है।
प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के निकट मरान में चाय कामगारों को संबोधित करेंगे। वे सिबसागर में श्रीमंत शंकरदेव संघ के 85वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री गुवाहाटी में 12वें दक्षिण एशियाई खेलों का उद्घाटन करेंगे। आठ देश: अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।
छह फरवरी को प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शिरकत करेंगे। वे एक सामुद्रिक प्रदर्शनी का दौरा भी करेंगे।
सात फरवरी को प्रधानमंत्री भुवनेश्वर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। श्री नरेन्द्र मोदी पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर जाएंगे।
प्रधानमंत्री पारादीप में अत्याधुनिक इंडियन ऑयल रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पारादीप रिफाइनरी की कुल क्षमता 15 एमएमटीपीए हो जाएगी। रिफाइनरी में इंडेन मैक्सिमाइजेशन या इंडमैक्स इकाई लगाई गई है, जो घरेलू प्रौद्योगिकी से उच्च मात्रा में एलपीजी का उत्पादन करती है।
उम्मीद की जाती है कि रिफाइनरी से हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में औद्योगिकीकरण की नई लहर शुरू होगी और पूर्वी भारत में आर्थिक विकास तेज होगा। प्रधानमंत्री रिफाइनरी में मुख्य नियंत्रण कक्ष और इंडमैक्स इकाई का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री 07 फरवरी की दोपहर में विशाखापत्तनम पहुंचेंगे। यहां वे इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में इंटरनेशनल सिटी परेड तथा परिचालन प्रदर्शन का अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री का संबोधन भी होगा।
Explore More
Media Coverage
Nm on the go
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।
प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:
आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।
Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 14, 2026
At the same time,…
"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।
उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”
It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की… pic.twitter.com/lzLu5wbiXb
— Narendra Modi (@narendramodi) August 14, 2026

