प्रधानमंत्री मोदी सिविल सेवा दिवस पर सिविल सेवकों को पुरस्कार प्रदान करेंगे
#CivilServicesDay: सरकार के प्राथमिकता वाले चार कार्यक्रमों के तहत 10 जिलों को सम्मानित किया जाएगा
#CivilServicesDay: केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों को उनके असाधारण और अभिनव कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग 21 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 10वां सिविल सेवा दिवस समारोह आयोजित कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेटडीवाई), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वच्छ विद्यालय तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसे सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को लागू करने के लिए सरकारी अधिकारियों को पुरस्‍कार देंगे। पहली बार प्राथमिकता वाले कार्यक्रम को लागू करने में उत्‍कृष्‍टता की एक नए श्रेणी बनाई गई है और इसके लिए लोक प्रशासन में उत्‍कृ‍ष्‍ट कार्य के लिए पुरस्‍कार प्रदान किये जाएंगे। प्राथमिकता वाले चार कार्यक्रमों के अंतर्गत इस वर्ष कुल दस जिलों को प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। ये पुरस्‍कार तीन ग्रुपों में दिए जाएंगे।

पहले ग्रुप में 8 पूर्वोत्‍तर राज्‍य तथा तीन पर्वतीय राज्‍य उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तथा जम्‍मू और कश्‍मीर को रखा गया है। शेष 18 राज्‍य दूसरे ग्रुप में होंगे। तीसरे ग्रुप में सात केंद्र शासित क्षेत्र होंगे। चार प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के अंतर्गत पहले और दूसरे ग्रुप को 8 पुरस्‍कार दिए जाएंगे। लेकिन 7 केंद्र शासित प्रदेश वाले ग्रुप सी के लिए दो कार्यक्रमों – स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के लिए कोई पुरस्‍कार नहीं दिया जाएगा। प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग ने पुरस्कारों के लिए व्‍यापक विश्‍लेषण और मूल्‍यांकन किया है। इसमें प्रत्‍येक चरण में प्राथमिकता वाले चार कार्यक्रमों से संबंधित मंत्रालयों को शामिल किया गया। मंत्रालयों ने प्राथमिकता वाले सभी चार कार्यक्रमों – प्रधानमंत्री जन धन योनजा (पीएमजेडीवाई-20), स्‍वच्‍छ विद्यालय-20, स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) -17 तथा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड-17 में 74 शीर्ष जिलों की सूची प्रस्‍तुत की। इसके बाद प्रत्‍येक जिला अधिकारी का प्रजेंटेशन हुआ। प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग ने नागरिकों द्वारा व्‍यक्‍त की गई राय का विश्‍लेषण करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी भारतीय गुणवत्‍ता परिषद (क्‍यूसीआई) की सेवा ली। बीएसएनएल के माध्‍यम से एक कॉल सेंटर बनाया गया और प्राथमिकता वाले चार कार्यक्रमों के बारे में तीन लाख से अधिक लोगों का सर्वेकिया गया। लोगों से मिली राय का विश्‍लेषण किया गया और इसे मूल्‍यांकन प्रक्रिया में शामिल किया गया। मार्च 9-12, 2016 के दौरान 38 चयनित जिलों में निदेशक/ उपनिदेशक स्‍तर के अधिकारियों को फील्‍ड स्‍टडी के लिए भेजा गया। इन दलों ने विभिन्‍न हितधारकों के साथ बहु-स्‍तरीय बातचीत की। लोगों से बातचीत करने से जिला अधिकारियों के प्रजेंटेशन में किए गए दावों की पुष्टि करने में मदद मिली। प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग के सचिव श्री देवेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति ने कैबिनेट सचिव श्री प्रदीप कुमार सिन्हा के नेतृत्व में अधिकार सम्पन्न समिति को 24 जिलों के नामों की सिफारिश की। समिति ने प्रधानमंत्री को अंतिम सिफारिश भेजी।

पिछले वर्ष की तरह ही सिविल सेवा दिवस समारोह दो दिनों तक भव्य तरीके से मनाया जाएगा। 20 अप्रैल, 2016 को उद्घाटन समारोह में रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु मुख्य अतिथि होंगे। समारोह की अध्यक्षता पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह करेंगे। उद्घाटन सत्र के बाद प्राथमिकता वाले चार क्षेत्रों में पिछले वर्ष प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को दोहराने के बारे में आठ पैनल संवाद होगा। इन सत्रों की अध्यक्षता केन्द्रीय मंत्रियों/प्रख्यात लोगों द्वारा की जाएगी।

सिविल सेवा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन सरकारी अधिकारी लोगों के प्रति और लोकसेवा के प्रति अपने को फिर से समर्पित करते हैं। 21 अप्रैल को ही 1947 में नई दिल्ली के मेटकॉफ हाउस में अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण स्कूल में प्रशासनिक सेवा के पहले बैच के प्रोबेशनरों को लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने संबोधित किया था। इस दिन लोक प्रशासन में उत्कृष्ठता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार दिया जाता है। सिविल सेवा दिवस का आयोजन पहली बार 2006 में किया गया था। तब से प्रत्येक वर्ष प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग यह समारोह आयोजित करता आ रहा है। लोक प्रशासन में उत्कृष्ठता के लिए दिये जाने वाले ये पुरस्कार नागरिकों के कल्याण के लिए केन्द्र तथा राज्य सरकारों के अधिकारियों के असाधारण तथा नवाचारी कार्यों को विशेष पहचान देने के लिए दिये जाते हैं।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की शक्ति को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
March 06, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that the people of India, through their firm resolve, make even the most difficult tasks possible. He noted that with tireless effort in the right direction, they achieve even the biggest goals.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्। तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”

The Subhashitam conveys that no matter how far, difficult, or out of reach a goal may seem, it can be achieved through firm determination and continuous hard work. Determination and patience are the forces that turn the impossible into possible.

The Prime Minister wrote on X;

“भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से किसी भी कार्य को संभव बना देते हैं। सही दिशा में अपनी अथक मेहनत से वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर दिखाते हैं।

यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्।

तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”