प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल विज्ञान भवन में अखिल भारतीय प्राचार्य सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
ये सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल विज्ञान भवन में अखिल भारतीय प्राचार्य सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
ये सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीने के महत्व पर जोर डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि सच्ची वीरता और ताकत किसी भी परिस्थिति में समझौता किए बिना अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर दृढ़ रहने में निहित है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।
अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”
इस सुभाषितम् का यह संदेश है कि व्यक्ति को सदैव आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीना चाहिए। सच्ची वीरता और ताकत इसमें है कि किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता किए बिना सत्य, धैर्य और आत्म-गौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।
अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”
उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।
— Narendra Modi (@narendramodi) August 18, 2026
अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥ pic.twitter.com/J3RmJqQXun