प्रधानमंत्री मोदी जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाक़ात करेंगे, चौथे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री मोदी जर्मनी के राष्ट्रपति डॉ फ्रैंक-वॉल्टर स्टेनमियर से मुलाकात करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पेन का दौरा करेंगे, तीन दशकों में स्पेन जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी स्पेन के राष्ट्रपति मैरियानो राजॉय से मुलाकात करेंगे, द्विपक्षीय मुद्दों पर होगी बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी मेक इन इंडिया में भागीदारी बढ़ाने के लिए स्पैनिश उद्योग के शीर्ष सीईओ से मिलेंगे
प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, रूस के विभिन्न क्षेत्रों के गवर्नर्स से भी मिलेंगे
प्रधानमंत्री राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच को संबोधित करेंगे
पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों से मुलाकात करेंगे, सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता पर चर्चा करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जर्मनी, स्‍पेन रूस और फ्रांस की यात्रा पर जाने से पूर्व प्रधानमंत्री के वक्‍तव्‍य का पाठ निम्‍नानुसार है :

मैं चौथे भारत-जर्मनी, अन्‍त: सरकारी विचार-विमर्श (आईजीसी) के लिए जर्मन चांसलर अंजेला मार्केल के निमंत्रण पर 29-30 मई 2017 को जर्मनी का दौरा करूंगा।

भारत और जर्मनी विशाल लोकतंत्र , प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍थाएं तथा क्षेत्रीय एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय परिप्रेक्ष्‍य में महत्‍वपूर्ण देश हैं। हमारी नीतिगत साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्‍य तथा उन्‍मुख, समावेशी एवं नियम आधारित वैश्विक व्‍यवस्‍था पर आधारित है। हमारी विकासात्‍मक गतिविधियों में जर्मनी हमारा महत्‍वपूर्ण साझेदार है। भारत के कायाक्‍ल्‍प के लिए मेरे दृष्टिकोण के साथ जर्मनी की क्षमतायें उपयुक्‍त बैठती है।

मैं जर्मनी में बर्लिन के पास मेसबर्ग से अपने दौरे की शुरूआत करूंगा, जहां चांसलर मार्केल ने मुझे आदर सहित आमन्त्रित किया है।

30 मई को चांसलर मार्केल और मैं पारस्‍परिक द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की समीक्षा के लिए चतुर्थ आईजीसी की बैठक करेंगे। हम व्‍यापार, निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद, नवाचार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दक्षता विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रेलवे, नागर विमानन, स्‍वच्‍छ ऊर्जा, विकासात्‍मक सहयोग, स्‍वास्‍थ्‍य एवं वैकल्पिक औषधि पर केन्द्रित सहयेाग का भावी रोड मैप भी तैयार करेंगे।

मैं जर्मनी गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति महामहिम डॉ. फ्रेंक-वाल्‍टर स्‍टेनमीयर से भी मुलाकात करूंगा। जर्मनी हमारा व्‍यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश क्षेत्र में अग्रणी साझेदार है। बर्लिन में चांसलर और मैं दोनों देशों के शीर्षस्‍थ उद्योगपतियों से अपने व्‍यापार व निवेश को और मजबूती देने के लिए उनके साथ वार्ता करेंगे।

मुझे विश्‍वास है कि इस दौरे से जर्मनी के साथ हमारे द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में एक नए अध्‍याय की शुरूआत होगी और हमारी नीतिगत साझेदारी और सुदृढ़ होगी।

30-31 मई 207 को मैं स्‍पेन की सरकारी यात्रा पर रहूंगा। प्राय: तीन दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान मुझे महामहिम राजा फेलीप से मुलाकात करने का भी अवसर मिलेगा।

31 मई को मैं राष्‍ट्रपति मारियो रजोय से मुलाकात की उत्‍सुकता से प्रतीक्षा में हूं। हम आर्थिक क्षेत्र व आम हित के अंतर्राष्‍ट्रीय विषयों, विशेषकर हम आतंकवाद से लड़ाई में सहयोग पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में विचार-विमर्श करेंगे।

द्विपक्षीय व्‍यापार तथा निवेश को मजबूत बनाने में यह एक उल्‍लेखनीय अवसर होगा। आधारभूत संरचना, स्‍मार्ट सिटी, डिजीटल अर्थव्‍यवस्‍था, नवीकरणीय उर्जा, रक्षा और आतंकवाद सहित विभिन्‍न द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए यह एक अनुकूल अवसर है।

मैं स्‍पेनिश उद्योग के शीर्षस्‍थ सीईओ से भी मुलाकात करूंगा और उन्‍हें अपने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में साझेदारी करने के लिए प्रोत्‍साहित करूंगा।

भारत-स्‍पेन के सीईओ फोरम की पहली बैठक मेरे दौरे के साथ-साथ आयोजित होगी। मैं भारत-स्‍पेन आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाने के लिए उनके मूल्‍यवान सुझावों की प्रतीक्षा में हूं।

मैं 18वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता के लिए 31 मई से 2 जून तक सेंट पीटर्सबर्ग, रूस का दौरा करूंगा।

अक्‍तूबर 2016 में गोवा में सम्‍पन्‍न विगत शिखर वार्ता से आगे मैं राष्‍ट्रपति पुतिन के साथ विस्‍तृत विचार-विमर्श करूंगा। आर्थिक संबंधों के परिप्रेक्ष्‍य में राष्‍ट्रपति और मैं मिलकर दोनों देशों का सी ई ओ के साथ विचार-विमर्श करेंगे।

अगले दिन मैं रूस के राष्‍ट्रपति के साथ सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्‍ट्रीय आर्थिक फोरम (एसपीआईएफ) को संबोधित करेंगे। मैं इस वर्ष के फोरम के लिए मुझे सम्‍मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने पर आभार व्‍यक्‍त करता हूं। इस वर्ष एस पी आई एफ के लिए भारत एक अतिथि-राष्‍ट्र है।

इस प्रकार की पहली बैठक में मैं विभिन्‍न रूसी परिक्षेत्रों से आए तथा अन्‍य विविध स्‍टेक होल्‍डरों के साथ अपने दौरे की शुरूआत में मैं पिस्‍कारोवकोए सिमेट्री जाउंगा, जहां लेनिनग्राड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा। मुझे विश्‍व प्रसिद्ध स्‍टेट हर्मिटेज म्‍यूजियम और इंस्‍टीट्यूट ऑफ ओरियंटल जाने का भी सुअवसर प्राप्‍त होगा।

दोनों देश हमारे राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ आयोजित कर रहे हैं, अतएव द्विपक्षीय संबंधों को लेकर इस विशेष वर्ष में सेंट पीटर्सबर्ग का मेरा दौरा एक विशेष महत्‍व रखता है।

मैं 2-3 जून 2017 को मैं फ्रांस के दौरे पर रहूंगा, इस दौरे के दौरान मैं फ्रांस के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति महामहिम इम्‍मानुएल मैक्रोल से 3 जून को सरकारी तौर पर मुलाकात करूंगा।

फ्रांस हमारा सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण नीतिगत साझेदार है।

मैं राष्‍ट्रपति मैक्रोन से मुलाकात और पारस्‍परिक हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का इच्‍छुक हैं। मैं फ्रांस के राष्‍ट्रपति के साथ संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद सुधार व संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्‍थाई सदस्‍यता तथा विभिन्‍न निर्यात नियंत्रण क्षेत्रों में सहायता, आतंकवाद, सहयोग, जलवायु परिवर्तन में सहभागिता व अंतर्राष्‍ट्रीय सौर-सहयोग सहित महत्‍वपूर्ण अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान करूंगा।

फ्रांस हमारा 9वां सबसे बड़ा निवेशक और रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु, और नवीकरणीय ऊर्जा, शहरों विकास और रेलवे के क्षेत्र में विकासात्‍मण पहल में महत्‍वपूर्ण साझेदार देश है। मैं फ्रांस के साथ हमारी बहुआयामी साझेदारी को बड़े पैमाने पर सुदृढ़ बनाने के लिए वचनबद्ध हूं।

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इस साल का केंद्रीय बजट आर्थिक विकास को टिकाऊ और सुदृढ़ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है: पीएम मोदी
March 03, 2026
इस वर्ष का केंद्रीय बजट आर्थिक विकास बरकरार रखने और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को और पुष्ट करता है: प्रधानमंत्री
हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक संपर्क स्थापित करें, अधिक निर्यात करें: प्रधानमंत्री
दुनिया विश्वसनीय और सामर्थ्यवान विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है और आज भारत के पास इस भूमिका को ठोस तरीके से निभाने का अवसर है: प्रधानमंत्री
भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, हमारे लिए अवसरों के बहुत बड़े द्वार खुल गए हैं और ऐसी स्थिति में गुणवत्ता से कभी समझौता न करना हमारी जिम्मेदारी है: प्रधानमंत्री
कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज मिशन एक महत्वपूर्ण पहल है, स्थिरता को मुख्य व्यावसायिक रणनीति में जोड़ना आवश्यक होगा: प्रधानमंत्री
जो उद्योग समय रहते स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बनाने में सक्षम होंगे: प्रधानमंत्री
आज विश्व अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है, क्योंकि बाजार अब न केवल लागत बल्कि स्थिरता पर भी ध्यान दे रहे हैं: प्रधानमंत्र

नमस्कार !

गत् सप्ताह, बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ, और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा, और बजट प्रावधानों के Implementation को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए, सबकी सक्रिय भागीदारी का मैं स्वागत करता हूं और आज इस सीरीज के दूसरे वेबिनार का आयोजन हो रहा है। और मुझे बताया गया कि आज हजारों की तादाद में, ढेर सारे विषयों पर अनगिनत लोग अपने सुझाव देने वाले हैं। विषय के जो एक्सपर्ट्स हैं, वे भी हमसे जुड़ने वाले हैं। इतनी बड़ी तादाद में बजट पर चर्चा, ये अपने आप में एक बहुत सफल प्रयोग है। आप सब समय निकाल करके इस वेबिनार में जुड़े। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं, आपका स्वागत करता हूं। इस वेबिनार की थीम देश की Economic Growth को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी हुई है। आज जब भारत अपनी मजबूत economy से पूरे विश्व की उम्मीद बना हुआ है, आज जब ग्लोबल सप्लाई चैन re-shape हो रही है, तब अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति विकसित भारत का भी बहुत बड़ा आधार है। हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, Build more, produce more, connect more और अब जरूरत है Export more, और निश्चित तौर पर इसमें आज आपके बीच जो मंथन होगा, इस मंथन से जो सुझाव निकलेंगे, उनकी बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

आप सब जानते हैं, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, हमारे MSME's, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, इतना ही नहीं, हमारे छोटे-बड़े शहर, ये अर्थव्यवस्था के पिलर्स के तौर पर दिखने में तो अलग-अलग लगते हैं, लेकिन वे सभी interconnected हैं। जैसे, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नए अवसर तैयार करती है, और इससे निर्यात में बढ़ोतरी होती है। Competitive MSMEs से flexibility और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। बेहतर लॉजिस्टिक्स से लागत कम होती है। Well-planned शहर investment और talent दोनों को अपनी ओर खींचते हैं। इन सभी पिलर्स को इस साल के बजट ने बहुत मजबूती दी है।

लेकिन साथियों,

कोई भी दिशा अपने आप परिणाम नहीं बन जाती, जमीन पर बदलाव तब आता है, जब industry, financial institutions, राज्य सरकारें, मिलकर उसे वास्तविकता बनाते हैं। मेरी अपेक्षा है, इस वेबिनार में आप सभी अपने मंथन में कुछ विषयों को जरूर प्राथमिकता दें, जैसे मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉडक्शन, ये कैसे बढ़े, Cost structure को कैसे कंपटीटिव बनाया जा सकता है, निवेश का प्रवाह कैसे तेज हो, और विकास कैसे देश के कोने-कोने तक पहुंचे। इस दिशा में आपके सुझाव बहुत अहम साबित होंगे।

साथियों,

मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आज देश कोर इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। और इस मार्ग में जो चुनौतियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है। Dedicated Rare Earth Corridors, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, ऐसे सेक्टर्स पर फोकस करके हम अपने ट्रेड इकोसिस्टम को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति मिशन की घोषणा भी की गई है। इस मिशन का उद्देश्य है, भारत को biologics और next-generation थेरेपीज के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाना। हम Advanced Biopharma Research और मैन्युफैक्चरिंग में लीडरशिप की ओर बढ़ना चाहते हैं।

साथियों,

आज दुनिया विश्वसनीय और resilient manufacturing partners की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए। इसके लिए आप सभी स्टेकहोल्डर्स को बहुत आत्मविश्वास के साथ निवेश करना होगा, नई टेक्नोलॉजी अपनानी होगी और रिसर्च में जो कंजूसी करते हैं ना, वो जमाना चला गया, अब हमें रिसर्च में बड़ा इनवेस्टमेंट करना होगा, और ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप क्वालिटी भी सुनिश्चित करनी होगी, और मैं बार-बार कहता हूं कि अब हमें आगे बढ़ने के जब अवसर आए हैं, तो हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए, क्वालिटी-क्वालिटी-क्वालिटी।

साथियों,

भारत ने बहुत सारे देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। हमारे लिए अवसरों का, यानि अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम क्वालिटी पर कभी भी समझौता ना करें, अगर किसी एक चीज पर सबसे ज्यादा ताकत, बुद्धि, शक्ति, समझ लगानी है, तो हमें क्वालिटी पर बहुत ज्यादा जोर देना चाहिए। हमारे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड, इतना ही नहीं, उससे भी बेहतर हो। और इसके लिए हमें दूसरे देशों की जरूरतों को, वहां के लोगों की अपेक्षाओं को भी, उसका अध्ययन करना पड़ेगा, रिसर्च करनी पड़ेगी, उसे समझना होगा। हमें दूसरे देशों के लोगों की पसंद और उनके कंफर्ट को स्टडी करना, ये सबसे बड़ी आवश्यकता है, और रिसर्च करनी चाहिए। मान लीजिए कोई छोटा पुर्जा मांगता है, और वो बहुत बड़ा जहाज बना रहा है, लेकिन हम पुर्जे में चलो भेज दो, क्या है? तो कौन लेगा आपका पुर्जा? भले आपके लिए वह छोटा पुर्जा है, लेकिन उसकी एक बहुत बड़ी जो मैन्युफैक्चरिंग की यूनिट है, उसमें बहुत बड़ा महत्व रखता है। और इसलिए आज दुनिया में हमारे लिए क्वालिटी ही इस कंपिटिटिव वर्ल्ड के अंदर सुनहरा अवसर बना देती है। हमें उनके हिसाब से यूजर फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाने होंगे। तभी हम उन अवसरों का लाभ उठा पाएंगे, और जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तैयार हो चुका है, अब ये विकास का महामार्ग आपके लिए तैयार है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस वेबिनार में इस विषय पर फोकस करते हुए भी आप सब जरूर चर्चा करेंगे।

साथियों,

हमने MSME classification में जो Reforms किए, उसका व्यापक प्रभाव दिख रहा है। इससे enterprises का ये डर खत्म हुआ है कि वो अपना विस्तार करेंगे, तो उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले फायदे बंद हो जाएंगे। क्रेडिट तक MSME's की आसान पहुंच बनाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने और कपैसिटी बिल्डिंग की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं।

लेकिन साथियों,

इन प्रयासों का असर तभी दिखाई देगा, जब MSMEs ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन में उतरेंगे, और विजयी होने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे। अब समय है कि MSMEs अपनी प्रोडक्टिविटी और बढ़ाएं, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को ऊंचा करें, डिजिटल प्रोसेस और मजबूत वैल्यू चैन से जुड़ें। इस दिशा में, इस वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स हमारी growth strategy के कोर पिलर्स हैं। इस वर्ष के बजट में रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रस्ताव है। High-capacity transport systems का निर्माण, रेलवे, हाइवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, वाटरवे के बीच बेहतर तालमेल, अलग-अलग फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का विस्तार, ये सभी कदम खर्च कम करने और efficiency improve करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, नए वाटरवेज, शिप रिपेयर फैसिलिटी और Regional Centres of Excellence हमारे लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकास के ग्रोथ कनेक्टर बनने वाले हैं। लेकिन आप भी जानते हैं, इस इंफ्रास्ट्रक्चर का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उद्योग और निवेशक अपनी रणनीतियों को इस विजन के अनुरूप में ढालेंगे। ये रणनीतियां क्या होगी, इस पर भी आपको विस्तार से चर्चा करनी चाहिए, और मुझे पूरा विश्वास है कि आप जरूर इन बातों पर ध्यान देंगे।

साथियों,

भारत की विकास यात्रा में अर्बनाइजेशन, शहरीकरण का भी बहुत अहम रोल है। भारत की future growth इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपने शहरों को कितना effectively plan और manage करते हैं। हमारे Tier-II और Tier-III शहर, नए growth anchors कैसे बनें, इसके लिए भी इस बजट वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन चल रहा है। बाजार अब केवल लागत नहीं देखते हैं, वे sustainability भी देखते हैं। इस दिशा में Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission एक महत्वपूर्ण पहल है। अब sustainability उसको आपको core business strategy का हिस्सा बनाना ही होगा। जो उद्योग समय रहते क्लीन टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए-नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बना पाएंगे। इस साल बजट ने नई दिशा दी है। मेरा आग्रह है कि उद्योग, निवेशक और विभिन्न संस्थान मिलकर इस पर आगे बढ़ें।

साथियों,

विकसित भारत का लक्ष्य collective ownership से ही हासिल किया जा सकता है। ये बजट वेबिनार भी सिर्फ discussion का प्लेटफॉर्म ना बने, सिर्फ अपने ज्ञान को हम बटोरते रहे, ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें collective ownership दिखे, ये बहुत जरूरी है। बजट ने framework दिया है, अब आपको मिलकर momentum पैदा करना है। आपको हमारे प्रयासों में सहभागी बनना है। आपका हर सुझाव, हर अनुभव जमीन पर बेहतरीन नतीजें लाने की क्षमता रखता है। आपके सुझाव देश की प्रगति में माइलस्टोन बनें, इसी विश्वास के साथ आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार !