सीईओज ने हाल ही में विश्व बैंक की डूइंग बिज़नेस रिपोर्ट में भारत के रैंक में हुए बड़े पैमाने पर सुधार के लिए पीएम मोदी को बधाई दी 
मुख्य कार्यकारी अधिकारी कृषि से होने वाली आय दुगुनी करने के प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रेरित 
भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग और सरकार की नीति आधारित पहल से खाद्य प्रसंस्करण में सभी हितधारकों के लिए अवसर खुल रहे हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने खाद्य एवं प्रसंस्‍करण व संबद्ध क्षेत्रों में संलग्‍न विश्‍व भर की शीर्षस्‍थ कंपनियों के सीईओ के साथ आज बातचीत की।

इस बैठक में अमेजान (इंडिया), एम्‍बे, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज, कारगिल एशिया पेसिफिक, कोका-कोला इंडिया, डेनफॉस, फ्यूचर ग्रुप, गलेक्‍सो स्मिथ-क्‍लाईन, इसे फूडस, किक्‍कोमैन, लुलु ग्रुप, मैकेन, मेट्रो कैश एंड कैरी, मोंडलेडा इंन्‍टरनेशनल नेस्‍ले, ओएसआई ग्रुप, पेप्‍सी कं. इंडिया, सील्‍ड एअर, शर्राफ ग्रुप, स्‍पार इंटरनेशनल, दी हैन सेलेस्‍टीयल ग्रुप, दी हार्शले कंपनी, ट्रेंट लि. और वालामार्ट इंडिया के अग्रणी सीईओ और अधिकारी मौजूद थे।

खाद्य प्रसंस्‍करण मंत्री श्रीमती हरसिमरन कौर बादल खाद्य प्रसंस्‍करण राज्‍य मंत्री साध्‍वी निरंजन ज्‍योति तथा केंद्र सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।

इन लोगों ने विश्‍व बैंक की हाल में प्रकाशित कारोबार सुगमता रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में भारी सुधार पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। अनेक सीईओ ने पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में कृषि आय दुगुना करने के उनके दृष्टिकोण से प्रभावित होने तथा आर्थिक सुधार की गति और प्रगति पर उसकी सराहना की। उन्‍होंने विशेषकर संरचनागत सुधारों और जीएसटी जैसे साहसिक कदम व विदेशी पूंजी निवेश प्रक्रिया को उदार बनाने के कदमों को सराहा।

सहभागियों ने कृषि उत्‍पादकता, खाद्य एवं पौषाहार सुरक्षा, रोजगार बढ़ाने व कृषि उत्‍पाद की उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में खाद्य प्रसंस्‍करण क्षेत्र को महत्‍वपूर्ण बताया। सीईओ ने भारत के खाद्य प्रसंस्‍करण लाजिस्टिक्‍स और रिटेल क्षेत्रों में समावेशी विकास में उनकी सहभागिता और पहलों को रेखांकित किया। उन्‍होंने फसलों की कटाई के बाद आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए यहां उपलब्‍ध अवसरों के प्रति काफी रूचि दिखाई। उन्‍होंने भारत के विकास का अंग बनने के प्रति अपनी वचनबद्धता को पुन: दोहराया।

प्रधानमंत्री ने उनके साथ अपने विचार सांझा करने के लिए सीईओ का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि उनके विचार भारत के संबंध में भारी उत्‍साह के घोतक हैं। प्रधानमंत्री ने सीईओ द्वारा केंद्रीकृत प्रभावों को भी सराहा।

प्रधानमंत्री ने कृषि उत्‍पादकता बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए सहभागियों द्वारा किए नए उपायों का स्‍वागत किया, विशेषकर उन्‍होंने कहा कि भारत के आगे बढ़ते मध्‍य वर्ग तथा नीति-संचलित सरकार की पहलें खाद्य प्रसंस्‍करण अर्थ प्रणाली में सभी स्‍टेक होल्‍डरों के लिए अनेक विन-विन अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए आदानों की लागत कम करने और कृषि उत्‍पादों की बर्बादी के फलस्‍वरूप नुकसान समाप्‍त करने हेतु केंद्र सरकार के संकल्‍प को रेखांकित किया। उन्‍होंने विश्‍वभर के सीईओ से भारत के साथ कहीं गहरे और ज्‍यादा सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया।

इससे पूर्व श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने खाद्य प्रसंस्‍करण के क्षेत्र में सरकार की नीतियों और निवेश को बढ़ावा देने के संबंध में विस्‍तार से बताया।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।