प्रधानमंत्री मोदी ने छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री के साथ राज्य में सूखे और पानी की कमी की स्थिति की समीक्षा की
केंद्र द्वारा उपलब्ध कराये गए अतिरिक्‍त कोष की मदद से पाइपों द्वारा जलापूर्ति योजना दोबारा शुरू की गई
मुख्‍यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को 2022 तक कृषि आय को दोगुना करने के लिए राज्‍य की रणनीति के बारे में जानकारी दी
पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए छत्‍तीसगढ़ द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सराहना की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज यहां छत्‍तीसगढ़ के कुछ हिस्‍सों में सूखे और पानी की कमी का जायजा लेने के लिए एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक की अध्‍यक्षता की। बैठक में छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे। बैठक में केंद्र सरकार और छत्‍तीसगढ़ के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी हिस्‍सा लिया।

राज्‍य के बकाए को समायोजित करने के बाद राष्‍ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के तहत राज्‍य को 835.695 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह धनराशि वर्ष 2015-16 के लिए राज्‍य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ)के केंद्रीय हिस्से के रूप में राज्य को जारी किए गए 249.725 करोड़ रुपये के अतिरिक्‍त है। वर्ष 2016-17 के लिए राज्‍य आपदा राहत कोष की पहली किस्‍त के तौर पर 94.875 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त धनराशि भी जारी की गई है।

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री ने राज्‍य द्वारा जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इन उपायों में 8055 जल स्रोतों और तालाबों के पानी को शुद्ध करना, 44,181 नए सिंचाई तालाबों का निर्माण तथा भू-जल रीचार्ज करने के लिए 9851 संरचनाओं का निर्माण शामिल है। राज्‍य द्वारा शुरू किए जाने वाले सूखा राहत कार्यों में प्रत्‍येक गांव में पेय जल और खाद्यान की व्‍यवस्‍था शामिल है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि प्रत्‍येक पंचायत में एक क्विंटल चावल का भंडारण किया गया है ताकि गांव में कोई भूखा न रहे। राज्‍य सिंचाई योजनाएं बनाने और वाटरशेड की निशानदेही करने के लिए दूरसंवेदी तकनीक का इस्‍तेमाल कर रहा है।

मुख्‍यमंत्री ने 14वें वित्‍त आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि स्‍थानीय निकायों को जो अतिरिक्‍त कोष उपलब्‍ध कराया गया है उसकी वजह से पाइपों द्वारा जलापूर्ति योजना दोबारा शुरू की गई है। यह योजना कोष की कमी से लंबित थी। अब राज्‍य में पाइपों द्वारा जलापूर्ति की सभी योजनाएं चालू हो गई हैं।

मुख्‍यमंत्री ने छोटे बांधों के निर्माण संबंधी राज्‍य की योजना और वनीकरण के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने 2022 तक कृषि आय को दोगुना करने के लिए राज्‍य की रणनीति का भी खुलासा किया।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए छत्‍तीसगढ़ द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य राज्‍य भी छत्‍तीसगढ़ के मॉडल का अध्‍ययन कर सकते हैं।

बैठक केंद्र और राज्‍य द्वारा मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता के साथ समाप्‍त हुई।

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प्रधानमंत्री ने जड़ों की रक्षा के महत्व पर संस्कृत सुभाषितम साझा किया
February 25, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें ज्ञान की मूलभूत जड़ों तथा दैनिक अनुशासन की रक्षा के निर्णायक महत्व पर बल दिया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषित इस प्रकार है:

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥

“एक बुद्धिमान व्यक्ति वृक्ष के समान होता है। उस ज्ञान स्‍वरूपी वृक्ष की जड़ दैनिक उपासना है। वेद उसकी शाखाएँ हैं और सत्कर्म उसके पत्ते हैं। अतः जड़ की सावधानीपूर्वक रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि यदि जड़ नष्ट हो गई तो न शाखाएँ रहेंगी और न ही पत्ते।”

एक्स पर प्रधानमंत्री ने लिखा;

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥