भारत-बांग्लादेश संबंधों में असाधारण बदलाव आपके मजबूत और निर्णायक नेतृत्व का स्पष्ट उदाहरण: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को पीएम मोदी
1971 युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को सम्मानित करने का आपका निर्णय पूरे भारत के लिए गर्व की बात: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को पीएम मोदी
भारत बांग्लादेश और वहां के लोगों की समृद्धि के लिए हमेशा खड़ा रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत बांग्लादेश की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में हमेशा एक इच्छुक भागीदार: पीएम मोदी
नए बॉर्डर हाट खोलने के लिए हुआ समझौता व्यापार के जरिए सीमा समुदायों को सशक्त बनाएगा और उनकी आजीविका में योगदान करेगा: प्रधानमंत्री
बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान भारत के प्रिय मित्र और एक सर्वमान्य नेता थे: प्रधानमंत्री मोदी

महामहिम,

प्रधानमंत्री शेख हसीना,

मीडिया के सदस्य,


भारत में महामहिम प्रधानमंत्री शेख हसीना का स्वागत करना वास्‍तव में खुशी की बात है।

महामहिम,

आपकी भारत यात्रा पोयला बोईशाख के आगमन से ठीक पहले बिल्‍कुल शुभ समय पर हुई है। मैं इस अवसर पर आपको और बांग्‍लादेश के लोगों को शुवोनबा बर्षो की बधाई देता हूं। आपकी यात्रा हमारे देश और हमारे लोगों के बीच दोस्‍ती का एक अन्‍य शोनाली अध्‍याय जोड़ेगी। हमारे संबंध और हमारी साझेदारी की उपलब्धियों में असाधारण बदलाव आपके मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की स्पष्ट पहचान हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम में अपनी जान न्‍योछावर करने वाले भारतीय सैनिकों को सम्‍मानित करने का आपका निर्णय भारत के लोगों के दिलों को छुआ है। हरेक भारतीय यह जानकार गौरवान्वित महसूस करता है कि बांग्‍लादेश को आतंक के शासन से मुक्त कराने के लिए भारतीय सैनिक और बीरमुक्तिजोधा ने साथ मिलकर लड़ाई की थी।

मित्रों,

आज महामहिम शेख हसीना और मैंने हमारी साझेदारी की पूरी श्रृंखला पर उत्पादक एवं व्यापक चर्चा की है। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमारे सहयोग का एजेंडा उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई पर केंद्रित होना चाहिए। हमने विशेष तौर पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने में नए अवसरों को भुनाने और नई राह बनाने पर ध्‍यान केंद्रित किया है। हम नए क्षेत्रों खास तौर पर उन उच्‍च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं जो हमारे दोनों समाजों में युवाओं के साथ गहराई से जुड़ी हैं। इनमें इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्‍योरिटी, अंतरिक्ष अन्‍वेषण, नागरिक नाभिकीय ऊर्जा और अन्‍य क्षेत्र शामिल हैं।

मित्रों,

भारत हमेशा से बांग्‍लादेश और उसके लोगों की समृद्धि के लिए खड़ा रहा है। हम बांग्लादेश का एक विश्‍वसनीय और लंबे समय से विकास भागीदार रहे हैं। भारत और बांग्लादेश भी यही चाहते हैं कि हमारे सहयोग का लाभ निश्चित तौर पर हमारे लोगों को मिले। इस संदर्भ में बांग्‍लादेश के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन के लिए 4.5 अरब डॉलर की एक नई लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इससे पिछले छह साल के दौरान बांग्‍लादेश के लिए हमारे संसाधनों का आवंटन 8 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। ऊर्जा सुरक्षा हमारी विकास भागीदारी का एक अन्‍य महत्वपूर्ण आयाम है। और हमारी ऊर्जा साझेदारी लगातार विकास कर रही है। भारत से बांग्‍लादेश को पहले से हो रही 600 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति में आज हमने 60 मेगावॉट अतिरिक्‍त बिजली को जोड़ा है। मौजूदा इंटर-कनेक्‍शन से 500 मेगावॉट अतिरिक्‍त बिजली की आपूर्ति के लिए पहले ही प्रतिबद्धता जताई जा चुकी है। हम नुमलीढ़ से पर्वतिपुर तक डीजल तेल की पाइप लाइन के वित्तपोषण के लिए भी सहमत हुए हैं। हमारी कंपनियां बांग्‍लादेश को तेज गति से डीजल की आपूर्ति करने के लिए लंबी अवधि के समझौते कर रही हैं। पाइपलाइन का निर्माण पूरा होने तक नियमित तौर पर आपूर्ति के लिए हम एक समय सारणी तैयार करने के लिए भी सहमत हुए हैं। हम इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए अपने दोनों देशों की निजी क्षेत्र की कंपनियों को प्रोत्‍साहित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बांग्‍लादेश के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा कई समझौते पर हस्‍ताक्षर होने की उम्‍मीद है। भारत बांग्‍लादेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में एक इच्‍छुक साझेदार लगातार बना रहेगा और उसका लक्ष्‍य '2021 तक सभी के लिए बिजली' हासिल करना है।

मित्रों,

द्विपक्षीय विकास साझेदारी की सफलता, उप-क्षेत्रीय आर्थिक परियोजनाएं और व्‍यापक क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि के लिए कनेक्टिविटी काफी महत्वपूर्ण है। आज पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्‍यमंत्री के साथ हमने हमारी बढ़ती कनेक्टिविटी के लिए कई नए लिंक जोड़े हैं। कोलकाता एवं खुलना और राधिकापुर-बीरोल के बीच बस और रेल लिंक को आज बहाल कर दिया गया है। इन-लैंड जलमार्गों को भी युक्तिसंगत बनाया जा रहा है। और, तटीय जहाजरानी समझौते को लागू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वस्‍तुओं की दोतरफा ट्रांस-शिपमेंट में हुई प्रगति को देखकर भी हम काफी खुश हैं। हम बी.बी.आई.एन. मोटर वाहन समझौते के जल्‍द क्रियान्वयन के लिए तत्पर हैं। यह उप-क्षेत्रीय एकीकरण के एक नए युग में प्रवेश होगा।

मित्रों,

प्रधानमंत्री शेख हसीना और मैंने माना कि हमारे वाणिज्यिक सहयोग में विविधता लाने की जरूरत है। न केवल हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापक व्यापार भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बल्कि व्‍यापक क्षेत्रीय लाभ के लिए भी यह आवश्‍यक है। इस संदर्भ में प्रयास का एक प्रमुख हिस्सा दोनों देशों के व्यापार और उद्योग से होना चाहिए। हम प्रधानमंत्री के साथ यहां आए दमदार व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर खुश हैं। नए बॉर्डर हाट खोलने के लिए हमारा समझौता व्यापार के जरिए सीमा समुदायों को सशक्त बनाएगा और उन्‍हें उनकी आजीविका में मदद करेगा।

मित्रों,

प्रधानमंत्री शेख हसीना और मैंने क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण पहल की सफलता का उल्‍लेख किया है। भारत में बांग्‍लादेश के लगभग 1,500 सिविल सेवकों का प्रशिक्षण लगभग पूरा हो चुका है। हमने प्रशिक्षण के लिए इसी तरह का पहल करते हुए बांग्‍लादेश के करीब 1,500 न्‍यायिक अधिकारियों के लिए हमारे न्‍यायिक अकादमियों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्‍ध कराएंगे।

मित्रों,

हालांकि हमारी साझेदारी से हमारे लोगों के लिए समृद्धि आती है लेकिन यह उन्‍हें कट्टरतावाद एवं उग्रवाद जैसी ताकतों से बचाने के लिए भी काम करती है। उनका विस्‍तार न केवल भारत और बांग्लादेश के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। आतंकवाद से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शेख हसीना के दृढ़ संकल्प की हम तारीफ करते हैं। आतंकवाद के प्रति उनकी सरकार की 'शून्‍य-सहिष्‍णुता' की नीति हम सब के लिए एक प्रेरणा है। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमारे लोगों और इस क्षेत्र के लिए शांति, सुरक्षा और विकास हमारी भागीदारी के केंद्र बिंदु होंगे। आज हमने अपने सशस्त्र बलों के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए एक ऐसा कदम उठाया है जिसका लंबे समय से इंतजार था। बांग्‍लादेश की रक्षा संबंधी खरीद में मदद के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इस लाइन ऑफ क्रेडिट के कार्यान्‍वयन में हम बांग्‍लादेश की जरूरतों और प्राथमिकताओं से निर्देशित होंगे।

मित्रों,

हमारे दोनों देशों की साझा भूमि सीमा सबसे लंबी सीमाओं में से एक है। जून 2015 में मेरी ढाका यात्रा के दौरान हमने भूमि सीमा समझौते को अंतिम रूप दिया था। अब उसे लागू किया जा रहा है। हमारी साझा भूमि सीमाओं के अलावा हमारी साझा नदियां भी हैं। वे हमारे लोगों और उनकी आजीविका को बनाए रखती हैं। और जिस नदी ने सबसे अधिक ध्‍यान आकर्षित किया है वह तीस्‍ता है। यह भारत के लिए, बांग्‍लादेश के लिए और भारत-बांग्‍लादेश संबंध के लिए काफी महत्वपूर्ण है। मैं बेहद प्रसन्‍न हूं कि पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री आज मेरे सम्‍मानित अतिथि हैं। मैं जानता हूं कि बांग्‍लादेश के लिए उनकी भावनाएं उतनी ही अच्‍छी हैं जितनी मेरी। मैं आपको और बांग्लादेश के लोगों को अपनी प्रतिबद्धता और सतत प्रयास के लिए आश्‍वस्‍त करता हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि केवल मेरी सरकार और माननीय शेख हसीना, आपकी सरकार तीस्ता जल साझेदारी का शीघ्र समाधान तलाश सकती हैं और उसे अंजाम दे सकती हैं।

मित्रों,

बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान भारत के एक अच्‍छे मित्र और दमदार नेता थे। बांग्‍लादेश के जनक के लिए सम्‍मान और गहरी श्रद्धा व्‍यक्‍त करते हुए हमने राजधानी में एक प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर रखा है। हम बंगबंधु के जीवन और उनके कार्यों पर संयुक्‍त रूप से एक फिल्‍म बनाने के लिए भी सहमत हुए हैं जिसे 2020 में उनकी जन्‍म शताब्‍दी वर्ष के अवसर पर रिलीज किया जाएगा। बंगबंधु के 'अनफिनिस्‍ड मेमोरीज' के हिंदी अनुवाद को जारी करने के लिए भी मुझे प्रधानमंत्री शेख हसीना जी के साथ सम्‍मानित किया गया है। उनका जीवन, संघर्ष और बांग्‍लादेश की स्‍थापना में उनका योगदान भविष्‍य की पीढि़यों को प्रेरित करते रहेंगे। साल 2021 में बांग्‍लादेश की आजादी के स्‍वर्ण जयंती वर्ष को मनाने के लिए हम संयुक्‍त रूप से लिबरेशन वार ऑफ बांग्‍लादेश पर एक डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍म बनाने के लिए सहमत हुए हैं।

महामहिम,

आपने बंगबंधु की विरासत और उनकी दृष्टि को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। आपके नेतृत्‍व में बांग्‍लादेश आज उच्‍च वृद्धि और विकास की राह पर अग्रसर है। भारत में हम बांग्‍लादेश के साथ अपने संबंधों को लेकर खुश हैं। यह संबंध पीढि़यों से हमारे खून में बसा है। यह संबंध हमारे लोगों के बेहतर और सुरक्षित भविष्‍य के लिए है। महामहिम, इन शब्‍दों के साथ मैं एक बार फिर भारत में आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्‍वागत करता हूं।

धन्‍यवाद,

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!