प्‍यारे जवानों

आप सबको बड़ा सरप्राइज हुआ होगा कि मैं आज आपको बिना बताए आपका मेहमान बन गया। लेकिन मुझे लगता है कि मैं अपनों के बीच मेहमान कैसे बन सकता हूं और इसलिए मेरी इच्‍छा थी कि बिना बताए ही आपके बीच आ जाऊं। आप यहां परिवार से दूर, देश के लोग आनंद और उत्‍साह के साथ दिवाली मना सके, इसलिए इन बर्फीली पहाडि़यों के बीच, ये श्‍वेत चादर के बीच, जहां न कोई दीया जलाने की संभावना है, ऐसी दुर्गम परिस्थिति में अपने आप को खपा रहे हैं। अपनी जिंदगी देशवासियों की खुशी के लिए आप न्‍यौछावर कर रहे हैं। अपनी जवानी, भारत की जवानी गर्व कर सके, इसलिए आप हर पल, एक ही मंत्र को लेके, एक ही सपना लेकर के, एक ही संकल्‍प लेकर के, और वो है भारत माता की जय।यहां आपकी प्रेरणा, यही आपकी जिंदगी।

मैं समझता हूं, सभी देशवासियों के लिए आपके प्रति जो गौरव का मान है, उसका मूल कारण हर पल, हर परिस्थिति में देश के लिए जीना, देश के लिए मरना, यह आपका जीवन संदेश रहा है। इसलिए थलसेना हो, वायुसेना हो, नौसेना हो, देश के जवानों के प्रति सारा देश गर्व की अनुभूति करता है।

दुनिया का यह दुर्गम से दुर्गम क्षेत्र है, जहां भारत के जवान तैनात हैं। विश्‍व में कही भी पर इनकी कठिनाइयों वाला क्षेत्र नहीं है। विश्‍व में कही भी माइनस 30, माइनस 40 डिग्री temperature में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने आप को तैनात रखने का सौभाग्‍य विश्‍व को किसी को नहीं मिला है और आपने इसे उजागर करके दिखाया है।

मैं विशेष रूप से आया हूं, आपके बीच दिवाली के इस पावन पर्व पर, आपके बीच शरीक होने के लिए। मैं जानता हूं, कि परिवार के बीच दिवाली मनाने को जो आनन्‍द होता है, वह कुछ और होता है। लेकिन, आप तो भारत माता की भक्ति में ऐसे खप गये हैं, कि परिवार कहीं और दिवाली मना रहा है, आप कहीं और मातृभमि की रक्षा में तैनात हैं। मेरे यहां आने से आपके परिवार की कमी में भर नहीं सकता हूं, वह कमी तो रहनी ही रहनी है, लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि के रूप में, आपके बीच आ करके, मैं स्‍वयं गौरव अनुभव करता हूं। एक संतोष का भाव अनुभव करता हूं।

प्रधानमंत्री के रूप में मेरे लिए यह पहली दिवाली है। और पहली दिवाली को और अभी-अभी तो मैं चुनाव भी जीता हूं तो एक और भी तो उसमें जरा उमंग-उत्‍साह भरा हुआ है। इन सबको छोड़-छाड़ कर के मैंने दिवाली कुछ समय आपके साथ और कुछ समय श्रीनगर के बाढ़ पीडि़तों के बीच बिताने का तय किया है।

अभी जब श्रीनगर में बाढ़ भाई, जिस प्रकार से हमारे सेना के जवानों ने मानवता की ऊंचाई दिखाई है, हमारे कुछ जवानों को अपना जीवन देना पड़ा, उनकी जिंदगी बचाने के लिए और यही तो सबसे बड़ी मिसाल है। जो हमारे जवानों ने दिखायी है। आज भारत चैन से सोता है, क्‍योंकि आप दिन रात जगते हैं। वो सुख-शांति की जिंदगी जीता है, क्‍योंकि आप कष्‍ट झेलते हैं।

भाइयों-बहनों, अब तो सेना में भले ही कम मात्रा में, लेकिन महिलाओं ने भी अपना शौर्य-अपना सामर्थ दिखाना प्रारंभ किया है। यह हमें गौरव प्रदान करता है। सेना के जवानों के बीच आकर के मैं गर्व महसूस करता हूं। आप कल्‍पना कर सकते हैं कि सियाचिन में, इन बर्फीली पहाडि़यों में, कितने कितने हमारे नौजवान शहीद हो चुके हैं। सफेद चद्दर ओढ़कर के सौ गए और किसी का शरीर 21 साल के बाद मिलता है। पता नहीं, कितने ही ऐसे जीवन होंगे, जिनका अभी भी परिवार वालों को इंतजार होगा।

आजादी के लिए फांसी के तख्‍त पर चढ़ने वाले लोग इतिहास में अमर हो जाते हैं। ये आजादी के लिए जिए, मरे और आजादी के लिए मरे। और, आप वे लोग हैं , जो देश आजाद रहे, देश का सामान्‍य मानव सुख-चैन की जिदंगी जिये, इसलिए अपने आप को अर्पित करने के लिए प्रति पल संकल्‍पबद्ध रहते हैं।

ये बलिदान कम नहीं है। ये त्‍याग, ये तपस्‍चर्या,ये Discipline हमें गर्व दिलाती है, देश को गर्व दिलाती है। विश्‍व के अनेक फौज के अंदर भारत के फौजियों का अपना एक सम्‍मान है, उनके जीवन और आचरण के कारण, डिसिप्लिन के कारण, सामान्‍य मानवों के प्रति उनके व्‍यवहार के कारण और संकट के समय उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर करके उनके सुख-दुख को बांटना।

भारत की फौज सिर्फ दुश्‍मनों के लिए खतरा बनकर जीने वाली फौज नहीं है, वह दुश्‍मनों के लिए जितना संकट पैदा करती है, उतना ही अपनों के लिए जीवन प्रदान करती है। कोई भी ऐसा प्राकृतिक संकट नहीं आया है, जिसमें हमारी सेना के जवान पहुंचे ना हों। दिन-रात मेहनत ना किये हों। भारत आपके प्रति गौरव का अनुभव करता है। जब तक कोई इन बर्फीले ग्‍लेशियर को नहीं देखेगा, माइनस 30-40 डिग्री में जवान कैसे तैनात होता है, इसे देखेगा नहीं, उसे कल्‍पना नहीं आ सकती है कि हमारे फौज, हमारे हवान कितनी कठिनाइयों के बीच, कितने दुर्गम इलाकों के बीच, मातृभूमि की रक्षा के लिए पुरूषार्थ कर रहे हैं।

मेरा एक सौभाग्‍य है आज कि भारत के एक प्रधान सेवक के रूप में मुझे आपके हालात को अपनी आंखों से देखने का अवसर मिला है। अनुभव करने का अवसर मिला है। मैं इन ऊंचाईयों पर जब पहुंचा तो हमारे साथ वाले डॉक्‍टर हर पल मुझे देख रहे थे। मेरा बीपी चैक कर रहे थे मेरा, oxygen चेक कर रहे थे। उसी से पता चलता है कि कितनी गंभीर अवस्‍था में आप लोग रहते हैं, कितनी कठिनाइयों में आप रहते है।

मैं विश्‍वास दिलाता हूं मेरे देश के जवानों को, चाहे वो सीमा पर तैनात हों या कैंटोनमेंट में हो, वो सेवारत हो या सेवानिवृत हों, सवा सौ करोड़ का देश आपके साथ खडा़ हुआ है। आपके सपने, आपकी जिम्‍मेवारी, ये देश के सपने और देश की जिम्‍मेवारी है। यहां से निकलने के बाद कभी आपको किसी चीज के लिए किसी पर निर्भर रहना पड़े, ये मुझे मंजूर नहीं है। सेना के जीवन के बाद भी आप और आपका परिवार गौरव से जिये, सम्‍मान से जिये, ऐसी व्‍यवस्‍था हमेशा रहे, ये मेरी प्रतिबद्धता है, ये मेरी इच्‍छा है।

One Rank-One Pension, कितने दशक बीत गए, ये सपना आपका पूरा करना मेरे ही भाग्‍य में लिखा हुआ है। इसलिए, और मेरा लगाव भी है, आप लोगों के सा,थ मेरा लगाव भी है। हमारे जवानों के लिए एक हमेशा emotional विषय रहा है कि एक National level का war Memorial क्‍यों ना हो? मेरे साथियों, विश्‍व में हम गर्व कर सकें, ऐसा war memorial बनाने का हमने निर्णय ले लिया है, budget में उसका allocation कर दिया है, काम उसका चल रहा है, उसकी डिजाइन-विजाइन के लिए बहुत तेज गति से काम चल रहा है। इसलिए देश के लिए जीने-मरने वाले फौजी के लिए उमंग और जो उत्‍साह होता है, उसकी जो प्रेरणा होती है, उसकी चिंता करना पूरे देश की जिम्‍मेदारी है, शासन की जिम्‍मेदारी है। इसे निभाने के लिए मैं संकल्‍पबद्ध हूं।

मैं देशवासियों को भी इस ऊंचाई से दीपावली की आज मैं शुभकामनाएं दे रहा हूं। शायद ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा। मैं उन चोटियों तक हो आया हूं, जहां माइनस 30 डिग्री temperature रहता है। जहां हमारे जवान तैनात हैं। मैं इस ऊंचाई से भार‍तवासियों को, भारत के साथ जीने-मरने वाले जवानों के साथ खड़ा रह कर एक विशिष्‍ट रूप में दीपावली की शुभकामनाएं देता हूं। मैं विश्‍वास करता हूं कि आप जो दिवाली की दीया जला रहे हैं, उस रोशनी के मूल में हमारे इन जवानों का पसीना भी है, उनका त्‍याग भी है, तपस्‍या भी है। इसलिए दिवाली के इस पावन पर्व पर हम भी हमारी रक्षा करने वाले हमारा दीया कभी बुझ न जाए। इसमें जिदंगी खपाने वाले उन जवानों का स्‍मरण करते रहे, उनका गौरव करते रहें। एक स्‍वाभिमानी राष्‍ट्र के रूप में हम भी, जवान अगर सीमा की रक्षा करता है तो नागरिक सामान्‍य मानव के सपनों की चिंता करे और ये दोनों का साथ-साथ चलना ही राष्‍ट्र के उज्‍जवल भविष्‍य की गारंटी होती है।

मैं फिर एक बार आप सबको दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला, ऐसी दुर्गम जगह पर आने का अवसर मिला, ये मेरा सौभाग्‍य रहा है। मैं आपका हूं, मैं आपके लिए हूं, आपके बीच हूं, प्रतिपल आपके साथ हूं, ये विश्‍वास दिलाने आया हूं और हम सब मिलकर के मां भारती की सेवा में लगे हैं और अच्‍छी भारत मां की सेवा करेंगे। इस विश्‍वास को आगे बढ़ाते चलेंगे, इसी भावना के साथ फिर एक बार आपको भी और इन दुर्गम पहाडि़यों से देशवासियों को भी मेरी दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

विश्‍वभर में फैले हुए भारतीय समाज को भी दीपावली की मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत बहुत धन्‍यवाद। भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

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यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे: हरदोई में पीएम मोदी
April 29, 2026
यह परिवर्तनकारी अवसंरचना परियोजना उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी और विकास को गति देगी : प्रधानमंत्री
जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवनरेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस युग में उनके पास से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवनरेखा बनेगा : प्रधानमंत्री
हाल ही में, मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला : प्रधानमंत्री
मैंने तब कहा था कि ये उभरते एक्सप्रेसवे विकासशील भारत के भाग्य को आकार देने वाली जीवनरेखाएं हैं और ये आधुनिक मार्ग आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रहे हैं : प्रधानमंत्री
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ेगा, बल्कि यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा : प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

गंगा मइया की जय।

गंगा मइया की जय।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश जी पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जितिन प्रसाद जी, पंकज चौधरी जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

सर्वप्रथम, मैं भगवान नरसिंह की इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मां गंगा कृपा बहाती हुई गुजरती है। इसलिए, ये पूरा क्षेत्र ही तीर्थ से कम नहीं है। और मैं मानता हूं यूपी को एक्सप्रेसवे का ये वरदान, ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं।

साथियों,

जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में, उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेसवे, ये यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा। ये भी अद्भुत संयोग है कि पिछले चार-पांच दिनों में, मैं मां गंगा के सानिध्य में ही रहा हूं। 24 अप्रैल को मैं जब बंगाल में था, तो मां गंगा के दर्शन किए थे, और फिर कल तो मैं काशी में था। आज सुबह ही फिर बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है, और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

साथियों,

आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है, और जो खबरें आ रही हैं, उनसे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही हैं, लंबी-लंबी का कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार वोटिंग हो रही है। लोग भय मुक्त होकर वोट दे रहे हैं। ये देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है, बड़ी संख्या में वोटिंग कर रही है। अभी वोटिंग खत्म होने में कई घंटे बाकी हैं, मैं बंगाल के जनता से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस पर्व में ऐसे ही उत्साह से भाग लें।

साथियों,

कुछ समय पहले जब बिहार में चुनाव हुए, तो बीजेपी एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में महा नगरपालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत, इन सबके चुनाव के नतीजे आए हैं। और आप मेरे उत्तरप्रदेश वासियों को खुशी होगी, 80 से 85 प्रतिशत नगर पालिका और पंचायतों को भाजपा ने जीत ली है। और मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे, देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे।

साथियों,

देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है। दिसम्बर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने मैं शाहजहाँपुर आया था। अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है, और आप देखिए, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवेज में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडॉर एक्सप्रेसवे, ये 5 साल के भीतर-भीतर बनकर तैयार हो गया है। आज

हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, तो साथ ही, इसके विस्तार की योजना पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही, गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिए फ़र्रुख़ाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर, इसे अन्य एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। ये है, डबल इंजन सरकार का विजन! ये है भाजपा सरकार के काम करने की स्पीड! ये है, भाजपा सरकार के काम का तरीका!

भाइयों-बहनों,

कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे, विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।

साथियों

अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतज़ार करना पड़ता था! एक बार घोषणा हो गई, तो वर्षों तक फाइलें चलतीं थीं! चुनाव के लिए पत्थर लग जाता था, उसके बाद सरकारें आती रहतीं थीं, जाती रहतीं थीं, लेकिन, काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी तो पुराने फाइलें ढूंढने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है, और तय समय में लोकार्पण भी होकर के रहता है। इसलिए ही, आज यूपी के एक्सप्रेसवेज़ से भी ज्यादा रफ्तार अगर कहीं है, तो वो यूपी के विकास की रफ्तार ही है।

साथियों,

ये एक्सप्रेसवे केवल एक हाइस्पीड सड़क नहीं है। ये नई संभावनाओं का, नए सपनों का, नए अवसरों का गेटवे है। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 600 किलोमीटर लंबा है। पश्चिमी यूपी में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूँ। मध्य यूपी में शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली। पूर्वी यूपी में प्रतापगढ़ और प्रयागराज, इनके आस पास के दूसरे जिले, गंगा एक्सप्रेसवे, इससे इन इलाकों के करोड़ों लोगों का जीवन बदलेगा।

साथियों,

इन क्षेत्रों को गंगा जी और उनकी सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है। लेकिन, पहले की सरकारों ने जिस तरह किसानों की उपेक्षा की, उसके कारण किसान परेशानियों में ही घिरकर के रह गए! यहाँ के किसानों की फसलें बड़े बाज़ारों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। लॉजिस्टिक्स का अभाव था। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। अब उन कठिनाइयों का समाधान भी तेजी से होगा। गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी। यहाँ खेती के लिए जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। इससे हमारे किसानों की आय बढ़ेगी।

साथियों,

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियाँ तो दौड़ेंगी ही, इसके किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे। इसके लिए हरदोई जैसे दूसरे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, शाहजहाँपुर, उन्नाव समेत सभी 12 जनपदों में नए उद्योग आएंगे। अलग-अलग सेक्टर्स जैसे फार्मा, टेक्सटाइल आदि के क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

साथियों,

हमारे ये युवा मुद्रा योजना और ODOP जैसी योजनाओं, उसकी ताकत से खुद भी नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। यहाँ छोटे उद्योग, MSMEs को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, संभल का handicraft, बुलंदशहर के सिरेमिक, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर, प्रतापगढ़ के आंवला प्रॉडक्ट्स, ये सब बड़े स्केल में देश दुनिया के मार्केट में पहुंचेगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। आप मुझे बताइए, क्या पुरानी सपा सरकार में हरदोई, उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर बनाने की कल्पना तक हो सकती थी क्या? हमारे हरदोई से भी एक्सप्रेसवे गुजरेगा, ये कोई सोच सकता था क्या कभी? ये काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है।

साथियों,

पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था। वही उत्तर प्रदेश, आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। ये एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। लेकिन, इसके पीछे उतनी ही बड़ी तैयारी भी है। क्योंकि, यूपी के पास इतनी असीम क्षमता है। देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का potential यूपी के पास है। इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को manufacturing हब बनाने के लिए कर रहे हैं। यूपी में नए उद्योग और कारखाने लगेंगे, यहाँ जब बड़ी मात्रा में निवेश आएगा, तभी यहाँ आर्थिक प्रगति के दरवाजे खुलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

भाइयों-बहनों,

इसी विज़न को केंद्र में रखकर बीते वर्षों में लगातार काम हुआ है। आप सब खुद भी महसूस कर रहे हैं, जिस यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर के लिए जाना जा रहा है। यूपी की इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया से कंपनियाँ आतीं हैं। यूपी में हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आज अगर भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है तो, उसमें बहुत बड़ा योगदान यूपी का है। आज भारत जितने मोबाइल बना रहा है, उसमें आधे मोबाइल हमारे यूपी में बन रहे हैं। अभी कुछ ही हफ्ते पहले, मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास भी किया है।

साथियों,

आप सब जानते हैं, AI के इस दौर में, सेमीकंडक्टर कितनी बड़ी फील्ड बनती जा रही है। यूपी उसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र

यूपी के लोगों के लिए खुल रहा है।

साथियों,

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की सामरिक ताकत भी बन रहा है। आज देश के दो डिफेंस कॉरिडॉर्स में से एक यूपी में है। बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियाँ यहाँ अपनी फ़ैक्टरी लगा रहीं हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, आज वो यूपी में बन रहीं हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में जो छोटे-छोटे पार्ट्स चाहिए होते हैं, उनकी सप्लाइ के लिए MSMEs को काम मिलता है। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर को हो रहा है। छोटे-छोटे जिलों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख सकते हैं।

साथियों,

आज उत्तर प्रदेश इतनी तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि, यूपी ने पुरानी सियासत को भी बदला है, और नई पहचान भी बनाई है। आप याद करिए, एक समय यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी। आज वही यूपी, देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवेज वाला प्रदेश बन चुका है। पहले यहाँ पड़ोस के जिले तक जाना भी बड़ा मुश्किल था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है।

भाइयों-बहनों,

हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है। लेकिन, पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनतीं थीं। लेकिन, अब यूपी की कानून व्यवस्था का देश भर में उदाहरण दिया जाता है।

भाइयों बहनों,

संसाधनों का बंदरबाँट करने वाले जिन सपाइयों के हाथ से सत्ता गई है, उन्हें यूपी की ये प्रगति

पसंद नहीं आ रही है। वो एक बार फिर यूपी को पुराने दौर में धकेलना चाहते हैं। वो एक बार फिर, समाज को बांटना और तोड़ना चाहते हैं।

साथियों,

समाजवादी पार्टी विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है। अभी बीते दिनों देश ने एक बार फिर सपा और काँग्रेस जैसी पार्टियों का असली चेहरा देखा है। केंद्र की NDA सरकार संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी। अगर ये संशोधन पास हो जाता, तो, साल 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण मिलता! बड़ी संख्या में हमारी माताएँ बहनें सांसद विधायक बनकर दिल्ली-लखनऊ पहुँचती। वो भी, किसी और वर्ग की सीटें कम हुये बिना! लेकिन, सपा ने इस संशोधन बिल के खिलाफ वोट किया।

साथियों,

इस बिल से सभी राज्यों की सीटें भी बढ़तीं। हमने संसद में साफ साफ कहा था, सभी राज्यों की सीटें एक ही अनुपात में बढ़ेंगी। लेकिन यूपी को गाली देकर पॉलिटिक्स करने वाली DMK जैसी पार्टियां, उन्हें इस बात पर आपत्ति थी कि यूपी की सीटें क्यों बढ़ेंगी? आप देखिए, समाजवादी पार्टी संसद में उन्हीं के सुर में सुर मिला रही थी। ये सपा वाले यहाँ से आपके वोट लेकर संसद जाते हैं, और, संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़े होते हैं। इसीलिए, यूपी के लोग कहते हैं, समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती है। ये लोग हमेशा महिला विरोधी राजनीति ही करेंगे। ये हमेशा तुष्टीकरण और अपराधियों के साथ खड़े होंगे। सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति ही करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है।

साथियों,

आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है- विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सब देख रहे हैं, आज पूरी दुनिया कैसे

युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में हालात खराब हैं। लेकिन, भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बाहर के दुश्मनों को ये पसंद नहीं आ रहा। भीतर बैठे कुछ लोग भी सत्ता की भूख में भारत को नीचा दिखाने की कोशिशों में लगे हैं। फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि, विकास के नए-नए कीर्तिमान भी गढ़ रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम आधुनिक से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। मुझे विश्वास है, गंगा एक्सप्रेसवे, जिन संभावनाओं को हमारे दरवाजे तक लेकर आएगा, यूपी के लोग अपने परिश्रम और अपनी प्रतिभा से उन्हें साकार करके रहेंगे। इसी संकल्प के साथ, आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद!