मालदीव भारत के सबसे करीबी पड़ोसी देशों में से एक: प्रधानमंत्री मोदी
भारत मालदीव की समग्र प्रगति, सुरक्षा और आर्थिक विकास में भागीदार के लिए तैयार: प्रधानमंत्री
भारत का आर्थिक विकास पड़ोसी देशों के विकास के बिना अधूरा: प्रधानमंत्री मोदी
भारत और मालदीव व्यापार, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाएंगे

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन जी और मीडिया के मेरे साथियों,

आज भारत और मालदीव्स की सहभागिता के इतिहास में एक अहम दिन है।

आपकी इस भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। दिल्ली में आपकी मौजूदगी, मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत खुशी की बात है...आपका आना एक दोस्त के आने का ऐहसास कराता है।

लदीव्स भारत के सबसे घनिष्ट सहयोगियों में से एक है। संस्कृति की पुरानी कड़ियाँ,  दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी मेल-जोल, और हिंद महासागर की लहरें, हमें जोड़ती हैं।

Excellency यामीन,

मालदीव्स की प्रगति, सुरक्षा और आर्थिक विकास, जितना आपका मकसद है, उतना ही भारत का भी लक्ष्य है। मालदीव्स की स्थिरता और सुरक्षा भारत के सामरिक हितों से सीधे-सीधे जुड़ी हुई है।    

मालदीव्स की समस्याएं,  हमारी भी चिंता हैं।   

मेरा मानना है कि भारत का आर्थिक विकास हमारे पड़ोसी देशों की तरक्की के बिना अधूरा है। 'Neighbours First’, न सिर्फ हमारी नीति है, बल्कि हमारे सिद्धांतों का अहम हिस्सा भी है।

दोस्तों,

मैंने राष्ट्रपति यामीन के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों से जुड़े सभी विषयों पर विस्तार से बातचीत की है। ये साफ है कि भारत और मालदीव्स के संबंधों का दायरा हमारे साझे सामरिक, सुरक्षा, आर्थिक, और विकास के मकसद से परिभाषित है।  हम मालदीव्स की सुरक्षा जरूरतों के प्रति जागरुक हैं।    

राष्ट्रपति यामीन भी इस बात से सहमत हैं कि मालदीव्स भारत के सामरिक और सुरक्षा हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील रहेगा।    

हमारा सांझा मत है कि भारत और मालदीव्स की समंदर की सीमाओं की सुरक्षा का सबसे बेहतर और इकलौता जरिया हमारी मजबूत दोस्ती है।   पूरे हिंद महासागर में शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए भी ये बहुत ही जरूरी है। 

हिंद महासागर में  net security provider  के तौर पर  भारत अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझता है। धरती के इस हिस्से में अपने सामरिक हितों की रक्षा के लिए भारत पूरी तरह तैयार है।   

हमारी आज की बातचीत में कई अहम विषयों पर सहमति बनी है।

रक्षा  के क्षेत्र में एक Concrete एक्शन प्लान को जल्द ही लागू करने से  हमारी सुरक्षा सहभागिता और मजबूत होगी।   

बंदरगाहों का विकास, लगातार ट्रेनिंग  और क्षमता में सुधार, जरूरी उपकरणों की सप्लाई, और समंदर का surveillance, इस के अहम अंग होंगे।    

भारत और  मालदीव्स मिलकर उथुरु थाईला फालु - UTH - में पोर्ट से जुड़ी सुविधाओं  का विकास करेंगे।

I-Haven का विकास मालदीव्स की प्राथमिकता है। भारत इस प्रोजेक्ट में मालदीव्स के साथ पार्टनरशिप   के लिए तैयार है।

हमने  मालदीव्स में पुलिस अकादमी की स्थापना, रक्षा मंत्रालय की इमारत का निर्माण और सुरक्षा से जुड़े Infrastructure प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने का फैसला किया है।    

दक्षिण एशिया में सीमा पार से आतंकवाद और कट्टरवादी सोच के हावी होने से हो रहे नुकसान और खतरों के प्रति राष्ट्रपति यामीन और मैं पूरी तरह सजग हैं...सचेत हैं।    

इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, दोनों देशो की एजेंसियों के बीच information exchange और   मालदीव्स की पुलिस और सुरक्षा सेनाओं की ट्रेनिंग और उनकी क्षमताओं में विकास, हमारे सुरक्षा सहयोग का अहम हिस्सा है।

राहत और बचाव के काम में, प्राकृतिक आपदाओं के वक्त अपनी दोस्ती को...अपनी पार्टनरशिप को   और मजबूत करने पर भी दोनों देश सहमत हैं।   

दोस्तों,

हम दोनों ने व्यापार,  आर्थिक और निवेश में साझेदारी के विकास पर भी विस्तार से बात की। भारत में होने वाले तीसरे Maldives Investment Forum का हम स्वागत करते हैं।  ये दोनों देशों के बीच निवेश और कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में सहभागिता हमारी प्राथमिकता है। साल 1995 में भारत ने मालदीव्स में जो अस्पताल बनाया था, उसको upgrade करना,  डॉक्टरों की टीम को और मजबूत करना, स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं का निर्माण, दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आधुनिक तकनीक, इस के   अहम अंग हैं।   

Tourism के क्षेत्र मे आज हुआ समझोता दोनों देशो के economic और people-to-people ties को बढायेगा |

आज हमारे सहयोग की उड़ान, जल और थल को पार कर अंतरिक्ष को छू रही है।  South Asia Satellite के समझौते पर आज हुए हस्ताक्षर से  मालदीव्स और दूसरे दक्षिण एशियाई देशों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में  भरपूर लाभ मिलेगा।   

मालदीव्स सांस्कृतिक धरोहर का धनी है। प्राचीन मस्जिदों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और उनकी मरम्मत के लिए आज हुआ समझौता हमारे सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाएगा।   

दोस्तों,

राष्ट्रपति यामीन जी ने  मालदीव्स में हो रहे राजनीतिक तथा institutional सुधारों  के बारे में भी मुझे जानकारी दी है। भारत हर ऐसी कोशिश का समर्थन करता है जो मालदीव्स को, उस के नागरिकों को और राजनीति को सशक्त बनाए।

Excellency यामीन,

मालदीव्स की सफलता के सफर में भारत एक ऐसा दोस्त है जो हर हालात में मालदीव्स के साथ कदम से कदम मिला कर चलेगा । भारत हमेशा मालदीव्स की जनता का   सुदृढ़ मित्र   और विश्वसनीय पार्टनर रहेगा।

इन शब्दों के साथ मैं एक बार फिर आप का  भारत की धरती पर स्वागत करता हूं।   

धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने कृषि और फसलों को मानव जीवन का आधार बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 11, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह दर्शाया गया है कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:

"कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।

ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।
कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥

#12YearsOfKisanSamriddhi"

खेती और फसल ही मानव जीवन के आधार हैं। जो इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है।