प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की शाश्वत संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सदियों से हुए अनगिनत हमलों के बावजूद इसकी सुदृढ़ता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सभ्यता की यात्रा देशवासियों की सामूहिक शक्ति के कारण ही कायम रही है, जिन्होंने अटूट समर्पण के साथ राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की है।
एक्स पर एक संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए, उन्होंने सामूहिक एकजुटता के गहरे अर्थ पर विचार किया:
“हमारी महान संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत अनगिनत हमलों की भी साक्षी रही है। यह देशवासियों की सामूहिक शक्ति ही है, जिसने हमारी सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा अक्षुण्ण रखा है।
वनानि दहतो वह्नेः सखा भवति मारुतः।
स एव दीपनाशाय कृशे कस्यास्ति सौहृदम् ।।”