प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉम्बे आर्ट सोसायटी के नए भवन परिसर का उद्घाटन किया 
कला हमारे जीवन को हमारे इतिहास से जोड़ता है: प्रधानमंत्री 
कला की कोई सीमा नहीं है, यह मुक्त है: प्रधानमंत्री 
कला को किसी विशेष क्षेत्र, जाति, धर्म या समय के बंधन में नहीं बांधा जा सकता: प्रधानमंत्री मोदी

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बॉम्बे आर्ट गैलरी के नए भवन परिसर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कला को किसी विशेष क्षेत्र, जाति, धर्म या समय के बंधन में नहीं बांधा जा सकता। श्री मोदी ने कहा कि यह हमारे जीवन को हमारे इतिहास से जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि कला की कोई सीमा नहीं है और यह सभी बंधनों से मुक्त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कला को समाज की ताक़त बताते हुए कहा कि यह पहले कलाकार के दिल और दिमाग में बनता है और उसके बाद यह कागज या कैनवास पर प्रदर्शित होता है।

 

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s pharma exports cross $28 bn till February, likely to end up with growth in rupee terms in FY26

Media Coverage

India’s pharma exports cross $28 bn till February, likely to end up with growth in rupee terms in FY26
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 5 अप्रैल 2026
April 05, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉम्बे आर्ट सोसायटी के नए भवन परिसर का उद्घाटन किया 
कला हमारे जीवन को हमारे इतिहास से जोड़ता है: प्रधानमंत्री 
कला की कोई सीमा नहीं है, यह मुक्त है: प्रधानमंत्री 
कला को किसी विशेष क्षेत्र, जाति, धर्म या समय के बंधन में नहीं बांधा जा सकता: प्रधानमंत्री मोदी

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बॉम्बे आर्ट गैलरी के नए भवन परिसर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कला को किसी विशेष क्षेत्र, जाति, धर्म या समय के बंधन में नहीं बांधा जा सकता। श्री मोदी ने कहा कि यह हमारे जीवन को हमारे इतिहास से जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि कला की कोई सीमा नहीं है और यह सभी बंधनों से मुक्त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कला को समाज की ताक़त बताते हुए कहा कि यह पहले कलाकार के दिल और दिमाग में बनता है और उसके बाद यह कागज या कैनवास पर प्रदर्शित होता है।

 

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए