प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान का दौरा किया, राष्ट्रपति अल्माज़बेक अतामबायेव और प्रधानमंत्री तेमिर सरियेव से मुलाकात की
श्री मोदी ने बिश्केक में विजय स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति अतामबायेव को रेशम एवं उन्नत किस्म के ऊन का हस्तनिर्मित कालीन उपहार में दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान-भारत माउंटेन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया
श्री मोदी ने भारत सरकार की ओर से किर्गिस्तान के फील्ड अस्पताल को चिकित्सा उपकरण उपहार में दिये
पीएम मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जुलाई को किर्गिस्तान पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी की मध्य एशिया यात्रा का यह चौथा पड़ाव था। किर्गिस्तान की उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण रही क्योंकि बीस साल में यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री तेमिर सरियेव ने हवाई अड्डे पर उनका हार्दिक स्वागत किया। वहां पहुँचने के तुरंत बाद श्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया।

12 जुलाई की सुबह श्री नरेन्द्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में विजय स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

बाद में, उन्होंने राष्ट्रपति अतामबायेव के साथ व्यापक बैठक में भाग लिया। राष्ट्रपति अतामबायेव ने अला-अर्चा स्टेट निवास पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। दोनों की बैठक में भारत-किर्गिस्तान सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर वार्ता हुई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई।

Glad to meet President Atambayev. His contribution to democracy & development is admirable.

Posted by Narendra Modi on Sunday, July 12, 2015

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति अतामबायेव को रेशम एवं उन्नत किस्म के ऊन का हस्तनिर्मित कालीन उपहार में दिया।

Presented President Almazbek Atambayev a hand-knotted carpet. The carpet is made of very fine grade wool blended with silk.

Posted by Narendra Modi on Sunday, July 12, 2015

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। संयुक्त प्रेस वक्तव्य में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और किर्गिस्तान को इनके साझा लोकतांत्रिक मूल्य एकजुट करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अतामबायेव दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, कृषि, रक्षा, पर्यटन, संस्कृति और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत बनाने पर बल दिया। श्री मोदी ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का मजबूत समर्थन करने के लिए किर्गिस्तान की सराहना की।

Sharing my remarks at the joint press meet with President Atambayev. https://nm4.in/1ISWmj0

Posted by Narendra Modi on Sunday, July 12, 2015

प्रधानमंत्री के सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया था। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “किर्गिस्तान के लोग सदियों से विचारों के धनी रहे हैं और धर्म के प्रचार-प्रसार एवं व्यापार के क्षेत्र में उनका अहम योगदान रहा है।” उन्होंने लोकतंत्र और विकास के प्रति राष्ट्रपति अतामबायेव के दूरदर्शी सोच की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान संसद के अध्यक्ष श्री एसिल्बेक जीनबेकोव से भी मुलाकात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री तेमिर सरियेव के साथ भी विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने भारत और किर्गिस्तान के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

श्री मोदी ने भारत सरकार की ओर से किर्गिस्तान के फील्ड अस्पताल को चिकित्सा उपकरण उपहार में दिये।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने किरगिज़-भारत माउंटेन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर में आयोजित प्रस्तुति में भाग लिया। श्री मोदी ने किरगिज़-भारत माउंटेन बायो-मेडिकल रिसर्च सेंटर के दूसरे चरण का शुभारंभ करने पर अपनी ख़ुशी जताई। उन्होंने डीआरडीओ से संबंधित वैज्ञानिकों के एक दल से भी मुलाकात की।

श्री मोदी और किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ एक टेली-मेडिसिन लिंक का भी शुभारंभ किया।

Very happy to initiate 2nd phase of Kyrgyz-India Mountain Bio-Medical Research Centre.

Posted by Narendra Modi on Sunday, July 12, 2015

महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें मध्य एशिया के दो देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करके अत्यंत ख़ुशी हुई है। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को विश्व मानव की संज्ञा दी। श्री मोदी ने गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी ने आतंक और जलवायु परिवर्तन जैसी दो प्रमुख चुनौतियों को कम करने का रास्ता दिखाया है। भारतीय समुदाय के कई लोगों एवं छात्रों ने इस आयोजन में भाग लिया। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री और मेयर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

यात्रा समाप्त होने से पहले श्री नरेन्द्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत करने और अपने आतिथ्य के लिए किर्गिस्तान के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा जताई कि आगे आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.