जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने 'सतत विकास, जलवायु और ऊर्जा' जैसे क्षेत्रों में सभी देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया
जलवायु परिवर्तन: पीएम मोदी ने विकासशील देशों की जी-20 में भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया
सरकार के द्वारा चलाई जा रही स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन योजनाएं एसडीजी के अनुरुप हैं: जी-20 में पीएम मोदी

हैम्बर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे कार्य सत्र में 'सतत विकास, जलवायु और ऊर्जा' पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन क्षेत्रों में सभी देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीकी सहायता, ओडीए प्रतिबद्धताओं, बुनियादी ढांचा, श्रम सुधार और स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि जी-20 को इन क्षेत्रों में अपनी भूमिका बढ़ाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नियमित रूपरेखा के माध्यम से भारत की विभिन्न पहल का उल्लेख किया और संयुक्त राष्ट्र के दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय समीक्षा की बात कही। प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन देशों के गठबंधन का प्रस्ताव रखा जो टेक्नोलॉजी की पहचान कर सकते हैं, एक व्यवस्था विकसित कर सकते हैं और क्षमताओं का निर्माण कर सकते हैं और कहा की भारत इसका नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

जलवायु परिवर्तन पर बल देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकासशील देशों को विकास के लिए अधिक से अधिक अवसर देने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन योजनाएं एसडीजी के अनुरुप है।

 

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प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" 

यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।

देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥