हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के लिए काफी संभावनाएं हैं हम यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन दे रहे हैं: प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बाद, अब हिमाचल प्रदेश ईमानदारी के युग का इंतजार कर रहा है: पीएम मोदी
हम भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कदम उठाते रहेंगे, जिन लोगों ने गरीबों को लूटा है, उन्हें बख्शा  नहीं जायेगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
हम चाहते हैं कि हमारे युवाओं को रोज़गार, बच्चों को अच्छी शिक्षा और बुजुर्गों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए: पीएम मोदी
हमारी सरकार किसानों के लिए सबसे व्यापक फसल बीमा योजना लेकर आई: प्रधानमंत्री
अधिक से अधिक डिजिटल लेनदेन करें, भीम ऐप लेनदेन के तरीके को बदल सकता है: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने हिमाचल के लोगों से डिजिटल लेन-देन को अपनाने का आग्रह किया और कहा कि इसी से इलाके की तस्वीर बदलने वाली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये ईमानदारों के लिए स्वर्णिम युग है और उनकी कोशिश है कि ईमानदारी का काम बढ़े और ईमानदारी का काम हो। श्री मोदी ने कहा, “ हमें हिमाचल में भी ईमानदारी के युग का इंतजार है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमाचल में टूरिज्म की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने UDAN योजना की शुरुआत करने के बाद रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज एयर कनेक्टिविटी का बहुत बड़ा काम हुआ है, जो न्यू इंडिया की नींव डालने वाला काम है। श्री मोदी ने कहा कि “भारत सरकार ने टूरिज्म पर बल देने के लिए हिमाचल में विशेष फोकस किया है।”

प्रधानमंत्री ने नयी एविएशन पॉलिसी को जनहित में बताते हुए कहा कि शिमला के लोग अब महज 7 रुपये प्रति किमी खर्च कर 1 घंटे में हवाई जहाज से दिल्ली पहुंच सकते हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस देश मे जो सुविधाएं अमीरों को प्राप्त है, वो मेरे देश के गरीबों को भी मिलनी चाहिए। श्री मोदी ने कहा, “जो सामान्य व्यक्ति हवाई चप्पल पहनकर घूमता है वो मुझे हवाई जहाज में भी मिलना चाहिए, ये मेरा सपना है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की भी याद दिलायी। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी ओर से करारा प्रहार था जिसे वो आगे भी जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा, “मैं वादा करता हूं कि जिन-जिन लोगों ने गरीबों को लूटा है उनको लौटाना ही पड़ेगा। तब तक मैं चैन से बैठने वाला नहीं हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमाचल के फल उत्पादकों के लिए भी उन्होंने बड़ा फैसला किया है। कोल्डड्रिंक कंपनियों को अब हर बोतल में 5 फीसदी फलों का जूस डालना होगा। श्री मोदी ने कहा, “अगर 5 पर्सेंट भी जूस डालते हैं तो फल उत्पादकों को अपना माल बेचने के लिए सोचने की जरूरत नहीं होगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल के लोगों को सलाह दी कि वे मोबाइल फोन को ही अपना बैंक बना लें और उसी से कारोबार करें। श्री मोदी ने कहा, “हिमाचल में आंदोलन खड़ा कर देना चाहिए। भीम एप के लिए आंदोलन। टूरिज्म को ताकत मिल जाएगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने वन रैंक वन पेंशन की चर्चा करते हुए कहा कि पिछली सरकारें बस इसका नाम लेती थीं, लेकिन कभी कोई तैयारी उन्होंने नहीं की। जहां OROP पर पिछली सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट रखा था, उसे पूरी छानबीन और वास्तविकता समझने के बाद उन्होंने इसके लिए 11.5 हजार करोड़ का बजट दिया। सारी किस्तें पहुंच गयी हैं। बस आखिरी किस्त बाकी रह गयी है।

भारत को विश्व में तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था वाला देश बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास ही एकमात्र रास्ता है। श्री मोदी ने कहा, “बच्चों की पढाई का प्रबंध हो, नौजवानों के लिए कमाई की व्यवस्था हो, किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था हो, बुजुर्गों के लिए दवाई की व्यवस्था हो, ऐसा मेरा देश आगे बढ़ना चाहिए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दवा के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने जनहितकारी कदम उठाए हैं। हृदयरोगियों को स्टेंट के लिए 40 लाख और सवा लाख रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब वे 6-7 हजार में उपलब्ध हो रहे हैं। इतना ही नहीं 700 से ज्यादा दवाइयां जो 300 से 600 रुपये में मिलती थीं, अब वे बहुत सस्ती मिलने लगी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए हिमाचल के किसानों को इसमें शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 100 रुपये में महज 2 रुपये देकर किसान इसमें शामिल हो सकते हैं और जो हर विपरीत स्थिति में उनकी फसल को सुरक्षा देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने पुराने दिनों की याद दिलायी जब एक सांसद को गैस चूल्हा का कनेक्शन देने के लिए 25 कूपन मिला करते थे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति ये है कि सरकार 3 साल में 5 करोड़ लोगों को गैस चूल्हे का कनेक्शन देने जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक साढ़े तीन करोड़ नौजवान इसका फायदा उठा चुके हैंइसके तहत बहुत कम ब्याज पर 50 लाख तक की मदद बेरोजगार नौजवानों को दी जाती है।

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।