ऑनलाइन, ऑफ़लाइन और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहने के लिए मैं युवा मोर्चा की सराहना करता हूं: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस ईवीएम और आधार जैसी तकनीक का विरोध करती है, दूसरी तरफ बीजेपी हर क्षेत्र मंद प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देती है: पीएम मोदी
कर्नाटक में छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए अकेले राज्य में लगभग 11% मुद्रा ऋण स्वीकृत: प्रधानमंत्रीi
राजनीतिक मतभेदों के कारण कर्नाटक में कई बीजेपी कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या कर दी गई, ऐसे उदाहरण लोकतंत्र में मौजूद नहीं होंगे: प्रधानमंत्री मोदी
हमारा जोर शिक्षा की गुणवत्ता और अवसरों पर है: पीएम मोदी
अटल इनोवेशन मिशन का उद्देश्य छात्रों के बीच अनुसंधान और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य के युवाओं के जज्बे, एनर्जी, और Dedication की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी के महत्व को बताते हुए कहा “कर्नाटक के युवाओं ने हर जगह अपना लोहा मनवाया है। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, चाहे खेल का मैदान हो, चाहे बिजनेस हो, विज्ञान हो, हर क्षेत्र में कर्नाटक का युवा छाया हुआ है।“ प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी एप के माध्यम से संबोधन के दौरान कहा कि स्टार्ट अप और इनोवेशन के क्षेत्र में भी कर्नाटक के युवाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आज बेंगलुरु शहर स्टार्ट अप और इनोवेशन के हब के रूप में पहचाना जाता है। श्री मोदी ने राज्य के युवाओं को जीवंत, प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और मेहनतकश बताते हुए कहा कि कर्नाटक के युवाओं को केंद्र सरकार की पहल से भरपूर फायदा हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक में छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 1.27 करोड़ मुद्रा लोन दिए हैं, जिसकी रकम 50,000 करोड़ रुपये से भी अधिक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 12 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन दिए गए हैं और इनमें से करीब 11 प्रतिशत कर्नाटक के युवाओं को दिए गए हैं। इसी तरह केंद्र सरकार की स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत कर्नाटक के करीब 2,700 से अधिक उद्यमियों को बिजनेस क्रेडिट के रूप में 641 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिली है। उन्होंने बताया कि इसके तहत कर्नाटक में एवरेज लोन साइज 23 लाख रुपये है। इस कार्यक्रम के तहत कर्नाटक में करीब एक लाख नौजवानों को स्किल ट्रेनिंग दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर पूरे राज्य में 60 State-of-The-Art Namma BPO complexes स्थापित किए जाएंगे। स्थानीय Entrepreneurs को BPO Businesses स्थापित करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपये का Corpus Fund बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने पर भारत में स्टार्ट अप के सबसे बड़े Incubators और कार्यस्थल के तौर पर राज्य के हुबली, बेंगलुरू, रायचूर, मैसुरु, कलबुर्गी और मेंगलुरू में 6 हब विकसित किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में खेल सुविधाओं के Upgradation के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा। Chief Minister’s Young Leaders Program यानी CMYLP कार्यक्रम लॉन्च किया जाएगा, इसमें 50 अल्पसंख्यक Meritorious Candidates को राज्य के शासन में सहायता के लिए शामिल किया जाएगा।

श्री मोदी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने पर राज्य के कोडागु में फील्ड मार्शल करिअप्पा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इस विश्वविद्यालय में कई तरह के खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, Coaches को प्रशिक्षित किया जाएगा और Sports Management की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस विश्वविद्यालय में एक School of Sports Medicine भी शामिल होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर हुबली, शिवमोगा, मालपे, कोप्पल और चामराजनगर में पांच World Class Sports Centres बनाए जाएंगे, जहां हॉस्टल की सुविधा भी होगी।

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। श्री मोदी ने कहा कि सरकार Quality of Education और Quantity of Opportunities दोनों पर ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार ने Higher Education Institutions की सभी परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाई है। देश में एजुकेशन सिस्टम को मजबूती देने के लिए एचआरडी मंत्रालय की ओर से कई स्तर पर काम चल रहे हैं। GIAN, SWAYAM, Smart India Hackathon, , Quality Education, रिसर्च और इनोवेशन इन सब को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि देश में 20 Institute of Eminence स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत कुछ चिन्हित Public Sector Institutions को 10 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सभी Indian Institute of Management को स्वायत्तता देने के लिए कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले ही यूजीसी ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शिक्षा के उच्च मानकों को पूरा करने वाले 60 उच्च शिक्षण संस्थानों को भी स्वायत्तता देने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014-15 और 2015-16 की बजट घोषणाओं के अनुरूप 6 नए आईआईटी स्थापित किए जा चुके हैं। इस बजट में Prime Minister's Research Fellowship योजना यानी PMRF घोषित की गई। इसके तहत सरकार हर साल 1,000 बीटेक के छात्रों को चिन्हित कर उच्च शिक्षण संस्थानों में पीएचडी के लिए फैलोशिप देने वाली है। Future Innovators की मदद के लिए स्कूलों और कॉलेजों में Innovation का Ecosystem बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अब रिसर्च को भी प्रथमिकता दी जा रही है। Atal Innovation Mission के तहत देशभर में 2,400 से भी अधिक Atal Tinkering Lab को मान्यता दी गई है। सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ सभी तरह के Premier Educational Institutions में जनरल और रिसर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए निवेश को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार Revitalising of Infrastructure and Systems in Education यानी RISE के तहत 1 लाख करोड़ के निवेश की योजना काम कर रही है।

भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके सवालों के जवाब भी दिए। रोजगार से जुड़े एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार पब्लिक और प्राइवेट के साथ पर्सनल सेक्टर में भी Opportunities बढ़ाने पर बल दे रही है। पहले की तुलना में Capital Expenditures में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, इसलिए Asset Creation के लिए अधिक से अधिक पैसा खर्च किया जा रहा है। रोडवे से लेकर रेलवे तक, Rural Electrification से लेकर के Digital connectivity तक, इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की गति कई गुना बढ़ गई है। जाहिर है जब निर्माण की गति दोगुना-तीन गुना बढ़ेगी तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत में एफडीआई रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत ने लंबी छलाग लगाई है। आज विदेशी एजेंसियां भी कह रही हैं कि भारत निवेश और व्यापार के लिए Best Destination में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर जगह Job Creation में तेजी आ रही है, विभिन्न एजेंसियां, नैसकॉम हो या जॉब पोर्टल सभी ने एक सुर में यह बात कही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्सनल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया है और हमने छोटे उद्यमियों पर भरोसा किया है। इसी का परिणाम है कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि Demonetization और जीएसटी से भी देश के संगठित क्षेत्र में रोजगार में बड़ा बदलाव आया है। ईपीएफओ के आंकड़े बताते हैं कि एनरॉलमेंट बढ़ा है और Formal jobs के अवसर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों में वेलनेस सेंटर बनाने की योजना से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, इसी प्रकार आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ गरीबों को चिकित्सा सुविधा मिलने वाली है, इससे भी छोटे शहरों में मेडिकल के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने वाले हैं।

राजनीतिक हिंसा से जुड़े एक सवाल पर श्री मोदी ने कहा “लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। जब इंसान अपने पर से भरोसा खो देता है, जब उसे लगता है कि न तर्क है, न हकीकत है, न सत्य कहने का सामर्थ्य है, न ही सत्य को स्वीकारने का सामर्थ्य है, तो वो राजनीतिक दृष्टि से हिंसा का मार्ग अपनाता है।“

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पहला पदक जीतने वाले कर्नाटक के प्रतिभावान खिलाड़ी पी गुरुराजा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पी गुरुराजा की विनम्रता से वह काफी प्रभावित हुए थे। कार्यक्रम के दौरान पी गुरुराजा ने अपना मेडल अपने गांव कुंडापुरा को, कर्नाटक को और देश को समर्पित करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की ही महिला बैडमिंटन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा को भी याद किया, जिन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों में अहम भूमिका निभाई थी।

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Text of Prime Minister's statement during the G7 Summit Session on Ensuring a Safe, Rapid and Efficient Rollout of AI
June 17, 2026

Excellencies,

मैं इस महत्वपूर्ण विषय को हमारी चर्चा का भाग बनाने के लिए मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का अभिनंदन करता हूँ। इसमें कोई शक नहीं है कि Artificial Intelligence मनुष्य द्वारा बनाई गई सबसे परिवर्तनकारी technologies में से एक है।

आज मानव जीवन का शायद ही कोई पहलू होगा, जिसे AI ने स्पर्श न किया हो। AI scientific रिसर्च को अभूतपूर्व गति दे रही है। Governance को अधिक effective और responsive बना रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, manufacturing जैसे क्षेत्रों को नई ताकत प्रदान कर रही है।

किन्तु, AI की वास्तविक कसौटी यह नहीं है कि हमारी मशीनें कितनी शक्तिशाली बनेंगी। इसकी असली कसौटी यह है कि सामान्य मानवी कितना empowered होगा। इस वर्ष भारत द्वारा आयोजित AI Impact Summit में हमने इसी सोच के साथ human-centric AI बनाने पर बल दिया। इस समिट में भारत ने अपना MANAV विज़न प्रस्तुत किया। यह vision AI में भारत के सभी प्रयासों को प्रेरित करता है।

हाल ही में “हिज़ होलीनेस द पोप” ने AI के विषय पर अपने पत्र में human values, inclusivity और meaningful human control को AI के विकास का आधार बनाने पर बल दिया है। भारत का MANAV vision और हिज़ होलीनेस का संदेश, दोनों एक ही मूल विचार को अभिव्यक्त करते हैं: टेक्नोलॉजी कितनी भी advanced क्यों न हो, उसके केंद्र में मानव ही रहना चाहिए।

Friends,

AI rollout में बच्चों के लिए safety सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। AI बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शिक्षा दे सकती है, उनकी creativity को बढ़ा सकती है, और learning को personalised बना सकती है। लेकिन safeguards के बिना यही टेक्नॉलजी उन्हें misinformation, deepfakes और exploitation के खतरे में डाल सकती है।

इन दोनों scenarios में फ़र्क टेक्नॉलजी का नहीं है। फ़र्क values का है, design का है, और governance का है। Digital space को हमें बच्चों के लिए learning का playground बनाना होगा, manipulation का tool नहीं।

Friends,

Frontier AI Models से Cyber Security के क्षेत्र में अभूतपूर्व संभावनाएं बन रही हैं। लेकिन Cyber Space में कोई भी देश तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता, जब तक सभी देश सुरक्षित न हों। इसलिए भारत ने हमेशा से Cyberspace को एक Global Public Good के रूप में देखा है। इसलिए इन महत्वपूर्ण AI Technologies तक पहुंच भी व्यापक और समावेशी होनी चाहिए। सभी लोकतांत्रिक देशों को ऐसे AI Models का access मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी Critical Information Infrastructure की सुरक्षा कर सकें और बढ़ते Cyber Threats का सामना कर सकें।

Friends,

Safety, speed और efficiency की integrated approach पर आगे बढ़ने के लिए मैं कुछ सुझाव रखना चाहूँगा:

पहला, हमें safe-by-design AI systems को बढ़ावा देना चाहिए। Safety को बाद में जोड़ा गया feature नहीं, बल्कि design का मूल तत्व बनाना होगा।

दूसरा, AI deployment के लिए हमें common standards, testing frameworks और regulatory sandboxes विकसित करने चाहिए, ताकि innovation और governance साथ-साथ आगे बढ़ें। हमारे सामने सिविल एविएशन और मेरीटाइम ट्रांसपोर्ट ऐसे उदाहरण है जहाँ हमने global rules सफलतापूर्वक विकसित किये, और पूरे विश्व को इसका लाभ मिला।

तीसरा, deepfakes, misinformation और cyber fraud के विरुद्ध वैश्विक सहयोग को मजबूत करना होगा। हमें वॉटरमार्क्स जैसी टेक्नोलॉजीज़ को बढ़ावा देना चाहिए ताकि deepfakes से बचा जा सके।

चौथा, हमारा प्रयास होना चाहिए कि AI का लाभ ग्लोबल साउथ के सभी देशों तक पहुंचे, ताकि वह विभाजनकारी नहीं समावेशी शक्ति बने।

Friends,

AI के विषय में हमारी सोच और नीति स्पष्ट होनी चाहिए। AI must expand human potential, empower human choice, and protect human dignity. हम इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर सभी पार्टनर्स के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद।