एंकर- मोदी जी नमस्कार आपका बहुत धन्यवाद हमसे बात करने का। आप पहली बार पीटीआई की वीडियो सर्विस को इंटरव्यू दे रहे हैं। आप शायद जानते ही होंगे कि बहुत ही कम समय में पीटीआई की वीडियो सर्विस ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है, और हमारे सब्सक्राइबर्स काफी प्रशंसा भी कर रहे हैं हमारी सर्विस की। तो आप हमसे बात कर रहे हैं यह बहुत मायने रखता है ना सिर्फ पीटीआई को बल्कि पीटीआई के सारे सब्सक्राइबर्स जो देश के हर कोने में है उनके लिए भी बहुत मायने रखता है।

पीएम मोदी- मेरे लिए भी पहला अवसर है कि जब मैं पीटीआई को उसके टीवी की दुनिया में मैं इंटरव्यू दे रहा हूं।

 

एंकर- जी जी तो ये यूनिक बात है और यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। ना सिर्फ हमारे लिए बल्कि हमारे सब्सक्राइबर्स के लिए भी जिन्होंने हम पर इतना विश्वास किया। तो इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद फिर से एक बार।

पीएम मोदी- जी धन्यवाद भैया।

 

एंकर- तो प्रधानमंत्री जी हम उड़ीसा में हैं भुवनेश्वर में हैं। एक तरह से भुवनेश्वर उड़ीसा जो है वह भी आपके लिए बीजेपी के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण राज्य है ना सिर्फ लोकसभा के लिए बट विधानसभा की जो अभी इलेक्शन होने वाली हैं। लेकिन बीजेपी का यहां पर कोई बड़ा चेहरा नहीं है नवीन बाबू हैं दिग्गज हैं बहुत लोकप्रिय नेता हैं तो उनका जो असर है वह बहुत ज्यादा है तो कैसे आप जीत पाएंगे ओडिशा?

पीएम मोदी- चुनाव हम जीतेंगे जनता के विश्वास के आधार पर। हमारे पास कोई चेहरा नहीं है ऐसा कहने के बावजूद भी आज असेंबली में सेकेंड लार्जेस्ट हाईएस्ट सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा है। लोकसभा में भी हम नंबर टू पे रहे हैं। और नंबर टू से नंबर एक पर जाने के लिए पिछले 5 साल मेरी पार्टी ने भरपूर मेहनत की है। दूसरा ओडिशा की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। हो सकता है कि केंद्र के लिए पॉजिटिव वोट करें लेकिन राज्य के लिए एक तबका जो है वो वर्तमान सरकार की एंटी इनकमबेंसी को लेकर के नेगेटिव वोट करेगा और मैं देख रहा हूं कि मैं जो रेलियो में जा रहा हूं नेगेटिव वोट की तीव्रता ज्यादा है और इसलिए बीजेडी का बचना बड़ा मुश्किल है।

 

एंकर- अच्छा अभी आपके 23 सीट है इस असेंबलीमें 147 में से तो कितना आपको लगता है कि आप कहां तक पहुंचेंगे।

पीएम मोदी- हम 400 पार के लक्ष्य के साथ निकले थे और चार चरण के चुनाव के बाद मैं विश्वास से कह सकता हूं कि हमारा अनुमान सही था, लेकिन हमारे अनुमान से ज्यादा जनता जनार्दन का संकल्प ज्यादा मजबूत था, जो हमें चार चरण में नजर आया है। और उसमें ओडिशा का भी बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन होगा।

 

एंकर- ओडिशा से बाहर निकलते हैं, आपका जो 400 का लक्ष्य है उसमें दक्षिण भारत और पूर्वी भारत में जो राज्य हैं उनमें जीतना बहुत अहम हो गया है आपके लिए। तो बंगाल ओडिशा और आंध्रा उसको मिलाकर आपकी क्या स्ट्रेटजी रही है और रहेगी इनको जीतने के लिए।

पीएम मोदी- एक तो हमारी स्ट्रेटजी पूरे देश के लिए समान है फिर एक बार मोदी सरकार, और 4 जून 400 पार, तो उसमें कोई राज्य या राज्यवार में कोई डिफरेंस नहीं होता है। दूसरा यह भ्रम फैलाया गया है और थोड़ा मैं ज्यादा समय ले लूंगा आपका लेकिन मैं कुछ विस्तार से बताना चाहता हूं। सालों से हमारे देश की ये जो एक इकोसिस्टम है, जो भांति-भांति के नैरेटिव गढ़ती है और देश को गुमराह भी करती है देश को तबाह भी करती है। और वो लंबे अर्से से लगे रहते हैं, जैसे, एक मान्यता थी कि भाजपा तो शहरी पार्टी है, अगर आप बारीकी से देखेंगे तो आपको ध्यान आएगा भाजपा गांव की भी पार्टी है। फिर नैरेटिव गड़ा गया कि भारत भाजपा तो उत्तर भारत की पार्टी है, गुजरात उत्तर भारत में नहीं गिना जाता। 25-30 साल से वहां सत्ता में है। महाराष्ट्र में हम कई बार सत्ता में रह चुके हैं। हम गोवा में लगातार तीन- चार बार से सत्ता पर हैं। हम कर्नाटक में राज कर चुके हैं। हम आंध्र में कभी पार्टनर रह चुके हैं। हम आज पुढ चरी में ऑलरेडी सरकार में है। तो ये एक भ्रम फैलाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ। फिर एक भ्रम फैलाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी पुरुष केंद्रित सोच वाली पार्टी है। हिंदुस्तान की पार्लियामेंट में सबसे ज्यादा वूमेन हमारे कार्यकाल में जीत करके आई, और उसमें भी सबसे ज्यादा वूमेन एमपी हमारे कार्यकाल में बनी। हमारी सरकार के संबंध में हमारी पार्टी लिए कहा गया तो बनिया ब्राह्मण की पार्टी है। आज सबसे ज्यादा दलित एमएलए एमपी बीजेपी के सबसे ज्यादा आदिवासी एमपी एमएलए बीजेपी के। सबसे ज्यादा ओबीसी एमएलए एमपी बीजेपी के। तो एक जानबूझ कर के भ्रम फैलाए रखा हुआ है वैसा ही एक भ्रम है हम साउथ में नहीं है। 2019 के चुनाव देख लीजिए 2019 के चुनाव में साउथ के राज्यों की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है। लेकिन भ्रम फैलाया हुआ है नैरेटिव चलता रहता है और इस बार भी मैं कहता हूं साउथ में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी होगी एनडीए उसमें और जोड़ेगा।

 

एंकर- तो आप कहना चाहते हैं कि BJP is a truly National Party?

पीएम मोदी- भारतीय जनता पार्टी डे वन से नेशनल पार्टी रही है और प्रेजेंस के कारण नेशनल होना एक बात है लेकिन हम विचारों से भी नेशनल हैं। हमारे लिए नेशन फर्स्ट ये हमारे आइडियोलोजी का आधार है। हम बंगाल के लिए भी कोई निर्णय करेंगे तो नेशन फर्स्ट के हिसाब से करेंगे हम केरल के लिए भी कोई निर्णय करेंगे नेशन फर्स के मानदंड के आधार पर करेंगे।

 

एंकर- एक सवाल है कांग्रेस के बारे में, आपने इतने सारे 100 से ज्यादा रैलियां की हैं और आपने लगातार आरोप लगाया है कांग्रेस के ऊपर कि वह एक मुस्लिम जो उनकी पॉलिसी है उनका मेनिफेस्टो है वह माइनॉरिटी अपीजमेंट, तुष्टीकरण की पॉलिसी है। आपने यह भी कहा कि वह हिंदुओं का धन, मंगलसूत्र लेकर मुसलमानों को दे देंगे तो आप क्या सच में मानते हैं कि वह ऐसा करेंगे या कैंपेन का हिस्सा है।

पीएम मोदी- सवाल मेरे मानने का नहीं है, दूसरा बिना सिर पैर के कैंपेन करना यह पाप है। मैं ऐसा पाप ना कभी किया है ना करना चाहता हूं। बिना सिर पैर के पाप करने का, काम का ठेका उन लोगों ने लेकर के रखा है। जिस दिन उनका मेनिफेस्टो आया था उसी दिन मैंने कहा था कि इस मेनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। कांग्रेस पार्टी का काम था, उसी दिन वह जवाब देते और बताते कि देखिए हमारे ये मुद्दे हैं मोदी जी जो कह रहे है वो सही नहीं है। एक बार भी जवाब नहीं दिया। फिर मुझे लगा कि अब मुझे धीरे-धीरे देश की जनता को एजुकेट करना पड़ेगा। जब ये कहे मेनिफेस्टो में कि अब ठेके जो दिए जाएंगे गवर्नमेंट कांट्रैक्ट उसमें भी माइनॉरिटी के लिए आरक्षण होगा, अब ब्रिज बनाना है ब्रिज बनाने का टेंडर कौन डालेगा भाई? जिसके पास रिसोर्सेस है जिसके पास एक्सपीरियंस है जिसके पास कैपेसिटी है जो धन लगा सकता है, टेक्नोलॉजी लगा सकता है वो आएगा। अब आप उसमें भी आरक्षण कर देंगे तो मेरे देश का विकास कहां जाकर रुकेगा। यह मेनिफेस्टो में लिखा हुआ है। उन्होने, मनमोहन सिंह जी ने खुद ने जिस मीटिंग में मैं मौजूद था, एज ए मुख्यमंत्री, उन्होंने कहा था देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। जब मैंने उदाहरण दिया तो इन्होने कहा नहीं-नहीं ये नहीं तो फिर मैंने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस और उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस लाकर के रख दी ये बात है। तो उनके दिमाग में क्या पड़ा है। तीसरा उन्होंने कर्नाटक में क्या किया? कर्नाटक में उन्होंने रातों-रात सभी मुसलमानों को ओबीसी बना दिया और ओबीसी का जो कोटा था उसमें डाका डाल करके उन्होंने कर दिया डायवर्ट, मतलब वोट बैंक और वोट जिहाद को संतुष्ट करने के लिए। अब दिल्ली में चुनाव में वोट पाने के लिए 2014 में इलेक्शन घोषित होने के बाद 123 प्राइम प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड को दे दी यह सारी चीजें बताती है मैं उसका हवाला दे रहा हूं और मैं मानता हूं कि चुनाव में मुझे ये लोग हैं जिन्होंने संविधान की जो सेकुलरिज्म का स्पिरिट है इसको उन्होंने अपनी चुनावी राजनीति के लिए तबाह करके रखा हुआ है। मुझे संविधान के उस पीरियड को इस्टैब्लिश करना है। इसलिए इन लोगों को एक्सपोज करना जरूरी है। और चुनाव अपनेआप में लोगों को एजुकेट करने का अवसर होता है।

 

एंकर- आप सही बोल रहे हैं, आपने कांग्रेस को अटैक किया, लेकिन इसके साथ-साथ माइनॉरिटी में एक घबराहट फैल गई है आपके बयानों की वजह से, तो उनके लिए कुछ कहना चाहेंगे आप।

पीएम मोदी- मैंने माइनॉरिटी के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा है। मैं कांग्रेस के वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ बोल रहा हूं। कांग्रेस संविधान के खिलाफ काम कर रही है इस पर मैं बोल रहा हूं। भारत के संविधान ने संविधान निर्माताओं ने बाबा साहब अंबेडकर ने इंक्लूडिंग पंडित नेहरू ने धर्म के आधार पर इस देश में आरक्षण नहीं होगा यह संविधान सभा ने तय किया है। अब आप उससे मुकर रहे हो, यह एक्सपोज करना मेरी जिम्मेवारी है। उस समय संविधान सभा में तो कोई मेरी पार्टी के लोग थे ही नहीं, देश के विद्वत जनों की सभा थी, उन्होंने निर्णय किया था।

 

एंकर- तो आपके शब्द माइनॉरिटी के खिलाफ नहीं सिर्फ कांग्रेस पार्टी के खिलाफ है।

पीएम मोदी- भारतीय जनता पार्टी कभी भी माइनॉरिटी के खिलाफ नहीं है। आज नहीं, कभी भी नहीं है। लेकिन हम, वे लोग तुष्टीकरण के रास्ते पर चलते हैं मैं संतुष्टिकरण के रास्ते पर चलता हूं। उनका अपीजमेंट पोलिटिक्स है, मेरा सबका साथ सबका विकास का पॉलिटिक्स है। हमलोग सर्व पंथ संभाव में विश्वास करते हैं हम बेसिकली सबको साथ लेकर के चलना चाहते हैं, हम किसी को स्पेशल सिटीजन मानने को तैयार नहीं है। सब सिटीजन को समान मानने को तैयार है।

 

एंकर- एक सवाल है ब्रांड मोदी पर, आप एक मिनट के लिए भूल जाइए कि आप नरेंद्र मोदी हैं, आप पोलिटिकल एनालिस्ट हैं, आप जरा एनेलाइज करके हमें बताइए कि क्या वजह है ब्रांड मोदी की सफलता की, जहां मैं बहुत मैंने इलेक्शन रैली कवर कीए हैं जहां भी जाता हूं सिर्फ मोदी नाम पर ही वोट गिरने वाले हैं मुझे ऐसा लगता है।

पीएम मोदी- एक तो मुझे पता नहीं है कि ब्रांड क्या होती है कैसे होती है। लेकिन मोदी का जीवन लोग देखते हैं। मोदी के काम को लोग देखते हैं। एक इंसान 13 साल तक एक अच्छे राज्य का मुख्यमंत्री रहा हो, 10 साल प्रधानमंत्री रहा हो, और उसकी 100 साल की मां सरकारी अस्पताल में आखिरी दिन बिताती हो, तो उस देश में ब्रांड की जरूरत नहीं पड़ती है, यह देश समझ सकता है कि जीवन कुछ और है। मेरा जब आप नेताओं के बगल में उनके भाई भतीजे चाचा मामा यही दुनिया देखते हैं मुझ पर मेरे पूरे कार्यकाल में आरोप क्या लगा? आरोप ये लगा बड़ा इंटरेस्टिंग है। मैं गुजरात में था और अमर सिंह भाई चौधरी कांग्रेस के नेता गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। बाद में तो चुनाव हार गए मैं मुख्यमंत्री था। तो उन्होंने एक दिन आरोप लगाया कि मोदी के पास ढाई सौ पेयर कपड़े हैं। मुझ पर सबसे बड़ा आरोप यह लगा। उस दिन मेरी एक पब्लिक मीटिंग थी। मैंने पब्लिक मीटिंग में कहा कि यह जो आरोप लगा है उसको मैं स्वीकार करता हूं। लेकिन ये हकीकत है कि उसमे या तो जीरो गलत है या तो नंबर टू दो गलत है फिर भी मैं स्वीकार करता हूं। उनका आंकड़ा गलत है फिर भी मैं स्वीकार करता हूं। फिर मैंने लोगों को पूछा पब्लिक में मुझे बताइए भाई आपको कैसा मुख्यमंत्री चाहिए? वो मुख्यमंत्री जो ढाई सौ करोड़ रुपए की चोरी करता है या वो मुख्यमंत्री चाहिए जिसके पास 250 कपड़े हैं, बताइए कौन चाहिए आपको? आपको वो मुख्यमंत्री चाहिए जिसके भतीजे ढाई सौ एकड़ जमीन, सरकारी जमीन कब्जा करके बैठ गए हैं वो चाहिए कि ढाई सौ कपड़े वाला चाहिए? एक स्वर से मेरे यहां गुजरात में जनता ने कहा कि हमैं ढाई सौ कपड़े वाला मुख्यममंत्री चलेगा। यानि उसके बाद उनको आरोप लगाने की हिम्मत नहीं रही। यह ब्रांड इससे बनती है। दूसरा मैंने कहा है देश की जनता को कि मैं बद इरादे से कुछ भी नहीं करूंगा। मैं इंसान हूं गलती हो सकती है बैड इंटेंसन से कभी नहीं करूंगा। और दूसरा मैंने कहा था कि मैं मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखूंगा। मैंने देश को ये वादे दिए हैं जिसको मैं आज भी लेटर स्पिरिट में फॉलो करता हूं।

 

एंकर- ये जो ब्रांड मोदी चलता जा रहा है इस बार तो आप फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे ही अगले 2029 में भी लगता है कि आप ही बनेंगे?

पीएम मोदी- पहली बात यह है कि मैं बनने के लिए पैदा ही नहीं हुआ हूं। मैं कुछ करने के लिए पैदा हुआ। और मेरा मिशन है 2047 में मेरे देश को विकसित भारत बनाना। कुछ मुझे करना है और उस करने के लिए मुझे जो करना पढ़े वो करता रहता हूं मैं। मैं कहता हूं ना मैं बनने के लिए पैदा ही नहीं हुआ मैं करने के लिए पैदा हुआ हूं। बनना वगैरह तो जनता जनार्दन की इच्छा होती है।

 

एंकर- आपने अभी कहा कि 400 का लक्ष्य तो पूरा हो ही जाएगा। अगर इसी लक्ष्य से अगली सरकार बनती है 400 सीट आपकी हो जाती है तो जो सरकार होगी वो इस फाउंडेशन पर बनेगी कि आपके 400 से ज्यादा सीट है। इसका मतलब जो अपोजिशन है वो ना के बराबर रह जाएगी क्या यह डेमोक्रेसी के लिए सही है।

पीएम मोदी- पहली बात यह है लोकतंत्र में विपक्ष का सफल होना बहुत जरूरी है। लेकिन मैं 2014 से 2024 तक का मेरा अनुभव है कि दुर्भाग्य से हमारे देश का विपक्ष विपक्ष के रूप में भी विफल गया है। वह कुछ कंट्रीब्यूट नहीं कर पा रहे। हाउस में डिबेट होनी चाहिए वो नहीं हो रही है। हुड़दंग करने के सिवा कुछ कर नहीं रहे। हम पार्लियामेंट में दो लोग थे, लेकिन एक सक्षम विपक्ष की भूमिका अदा की थी। और हमारा स्टॉलवर्ड लीडर एक भी नहीं था, फिर भी इतिहास में हमारी प्रेजेंट दर्ज है क्यों? क्योंकि हम कंस्ट्रक्टिव काम करने वाले लोग हैं। डिस्ट्रक्टिव सोच हम रखते नहीं है। लोकतंत्र में चुनाव हो जाए हो जाए उसके बाद हमें देश के हित में अपनी भूमिका निभानी है। दुर्भाग्य से कांग्रेस पार्टी एक ऐसी परिस्थितियों में जकड़ी हुई है कि वह किसी और की सरकार को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। वे मानने को तैयार नहीं कि देश की जनता ने कोई और सरकार चुनी है। वो मानने को तैयार नहीं कि देश में कोई और प्रधानमंत्री बन चुका है, 10 साल हो गए, जब तक य साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम उनका है तब तक वह सकारात्मक से सोच ही नहीं पाएंगे। सवाल है नंबर का मुद्दा नहीं है क्वालिटी का मुद्दा है। आप कुछ क्वालिटेटिव कुछ रोल तो कर सकते हो नहीं कर सकते हो।

 

एंकर- प्रधानमंत्री जी सवाल तो बहुत है लेकिन समय बहुत कम है तो मैं आशा करता हूं कि अगला इंटरव्यू और विस्तार में हो हमारे साथ।

पीएम मोदी- विजय जी मुझे बहुत अच्छा लगा कि मेरा पीटीआई का पहला इंटरव्यू और आपने सबने स्वयं ने समय निकाल कर के आप आए मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। और जगन्नाथ जी की कृपा के नीचे हम बैठे हैं और उज्ज्वल भविष्य के लिए जगन्नाथ जी के आशीर्वाद बने रहेंगे। मेरी पीटीआई को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। आपके वाचक और दर्शक एक पूरा आपका कुनबा बढ़ रहा है मेरी बहुत बहुत शुभकामनाएं।

 

एंकर- बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत धन्यवाद मोदी जी

पीएम मोदी- थैंक यू

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।