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प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

ईरान के राष्ट्रपति के साथ वार्ता:

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 74वें सत्र के अवसर पर अलग से ईरान के राष्ट्रपति डॉ. हसन रूहानी से आज न्यूयॉर्क में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए।

सभ्‍यताओं के स्‍तर पर भारत और ईरान के पुराने संबंधों के संदर्भ में दोनों नेताओं ने 2015 में उफा में हुई पहली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में भी प्रगति का सकारात्मक आकलन किया। उन्होंने विशेष रूप से चाबहार बंदरगाह के परिचालन का उल्लेख किया और कहा कि यह अफगानिस्तान और मध्‍य एशिया क्षेत्र के लिए एक प्रवेश द्वार की तरह है।

प्रधानमंत्री मोदी ने महत्‍वपूर्ण खाड़ी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के हित में कूटनीति, संवाद और विश्वास बहाली को प्राथमिकता देने के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

दोनों पक्ष 2020 में अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाने पर भी सहमत हुए।

साइप्रस के राष्ट्रपति के साथ चर्चा:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्‍ट्र महासभा के 74वें सत्र के अवसर पर अलग से साइप्रस के राष्‍ट्रपति निकोस अनासतासियादेस से भेंट की।

दोनों नेताओं ने सितंबर, 2018 में भारत के राष्‍ट्रपति की साइप्रस यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुयी प्रगति की व्‍यापक स्‍तर पर पर चर्चा की।

भारत और साइप्रस के बीच 2018-19 में, द्विपक्षीय व्यापार 464 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। दोनों नेताओं अपने देश की अर्थव्‍यवस्‍थाओं की मजबूती और क्षमताओं के अनुरूप द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिषद के प्रस्‍तावित विस्‍तार की स्थिति में उसमें भारत की स्‍थायी सदस्‍यता के अलावा एनएसजी और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भी भारत की उम्‍मीदवारी के समर्थन के लिए साइप्रस सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने बदले में साइप्रस गणराज्य की स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एकता के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया।

दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे सहित क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति अनासतासियादेस को आमंत्रित किया।

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संसद सत्र को कार्यों और चर्चाओं के आधार पर तौला जाए, न कि व्यवधानों के आधार पर : पीएम
November 29, 2021
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नमस्कार साथियों,

संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। हिन्दुस्तान में चारों दिशाओं में से इस आज़ादी के अमृत महोत्सव के नीमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं, कदम उठा रहे हैं, और आजादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का अपना कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है। यह खबरे अपने आप में भारत के उज्जवल भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

कल हमने देखा है। पिछले दिनों संविधान दिवस भी, नए संकल्प के साथ संविधान के spirit को चरित्रार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है इन सबके परिपेक्ष में हम चाहेगें, देश भी चाहेगा, देश का हर सामान्य नागरिक चाहेगा कि भारत का यह संसद का यह सत्र और आगे आने वाला भी सत्र आजादी के दीवानों की जो भावनाएं थी, जो spirit था, आजादी के अमृत महोत्सव का जो spirit है, उस spirit के अनुकूल संसद भी देश हित में चर्चा करे, देश की प्रगृति के लिये रास्ते खोजे, देश की प्रगृति के लिए नये उपाय खोजें और इसके लिए यह सत्र बहुत ही विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक निर्णय करने वाला बने। मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा contribution किया उस तराजू पर तौला जाएं, ना कि किसने किताना जोर लगाकर के संसद के सत्र को रोक दिया यह मानदंड़ नहीं हो सकता। मानदंड यह होगा कि संसद में कितने घंटे काम हुआ, कितना सकारात्मक काम हुआ। हम चाहते हैं, सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और आजादी के अमृत महोत्सव में हम यह भी चाहेंगे कि संसद में सवाल भी हो, संसद में शंति भी हो।

हम चाहते हैं, संसद में सरकार के खिलाफ, सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज़ प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा, चेयर की गरिमा इन सबके विषय में हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए। पिछले सत्र के बाद करोना की एक विकट परिस्थिति में भी देश ने 100 करोड़ से अधिक डोज़ेज, करोना वैक्सीन और अब हम 150 करोड़ की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नए वैरिएंट की खबरें भी हमें और भी सर्तक करती हैं, और सजग करती है। मैं संसद के सभी साथियों को भी सतर्क रहने की प्रार्थना करता हूँ। आप सभी साथियों को भी सतर्क रहने के लिए प्रार्थना करता हूँ। क्योंकि आप सबका उत्तम स्वास्थ्य, देशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य ऐसी संकट की घड़ी में हमारी प्राथमिकता है।

देश की 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को इस करोनाकाल के संकट में और अधिक तकलीफ न हो इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से अनाज मुफ्त में देने की योजना चल रही है। अब इसे मार्च 2022 तक समय आगे कर दिया गया है। करीब दो लाख साठ हजार करोड़ रुपये की लागत से, अस्सी करोड़ से अधिक देशवासियों को गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे इसकी चिंता की गई है। मैं आशा करता हूँ कि इस सत्र में देश हित के निर्णय हम तेजी से करे, मिलजुल करके करें। सामान्य मानव की आश- अपेक्षाओं को पूर्ण करने वाले करें। ऐसी मेरी अपेक्षा है।... बहुत- बहुत धन्यवाद।