मनीला में भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

Your Excellency President दुतेर्ते,

Excellencies,

Mr. President,

मुझे ASEAN (आसियान) की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर पहली बार मनीला आकर हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इसके साथ ही हम ASEAN-India Dialogue Partnership के 25 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण वर्ष के दौरान Philippines (फिलीपींस) द्वारा आसियान के कुशल नेतृत्व और शिखर सम्मलेन के शानदार आयोजन के लिए मैं राष्ट्रपति महोदय के प्रति आभार प्रकट करता हूं।

आसियान-भारत की साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने में Country Coordinator के रूप में वियतनाम के योगदान के लिए मैं वियतनाम के माननीय प्रधानमंत्री को भी धन्यवाद देता हूं।

Excellencies,

आसियान की यह 50 वर्षों की महत्वपूर्ण यात्रा जितनी celebration के योग्य है, उतनी ही विचार करने योग्य भी है।

मुझे पूरा विश्वास है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर आसियान देश एक vision, एक पहचान और एक स्वतंत्र समुदाय के रूप में आगे भी मिल कर काम करते रहने का संकल्प लेंगे।

भारत की Act East Policy आसियान को ध्यान में रख कर ही बनाई गई है, और Indo-Pacific region के क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में इस संगठन का महत्व स्पष्ट है।

तीसरे ASEAN-India Plan of Action के अंतर्गत आपसी सहयोग के हमारे विस्तृत agenda की प्रगति अच्छी रही है, जिसमें politico-security, economic तथा cultural partnership के तीन महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।

Excellencies,

भारत एवं आसियान के बीच कायम सामुद्रिक संबंधों की वजह से हज़ारों वर्ष पहले हमारे व्यापारिक संबंध स्थापित हुए थे, तथा हमें साथ मिल कर इन्हें और मजबूत बनाना होगा।

इस क्षेत्र के हितों और शांतिपूर्ण विकास को ध्यान में रखते हुए, नियमों पर आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की स्थापना के लिए भारत आसियान को अपना समर्थन जारी रखेगा।

हमने अपने-अपने देशों में आतंकवाद तथा उग्रवाद से कड़ा संघर्ष किया है। अब समय आ गया है, जब हम इस महत्वपूर्ण विषय पर आपसी सहयोग बढ़ा कर इस चुनौती का मिल-जुल कर समाधान निकालें।

 Excellencies,

भारत-आसियान Dialogue Partnership के पच्चीसवीं वर्षगांठ समारोह का theme "Shared Values, Common Destiny” बिल्कुल उपयुक्त है। इस अवसर पर हमने बहुत से कार्यक्रम मिल-जुल कर आयोजित किये हैं।

मुझे विश्वास है कि इस यादगार वर्ष का समापन भी शानदार रहेगा। 25 जनवरी 2018 को नई दिल्ली में India-ASEAN Special Commemorative Summit में आपका स्वागत करने के लिए भारत और मै व्यक्तिगत रूप से उत्सुक हैं।

भारत के 69वें गणतंत्र दिवस समारोह के हमारे मुख्य अतिथियों के रूप में आसियान देशों के नेताओं का स्वागत करने के लिए सवा सौ करोड़ भारतवासी इंतज़ार कर रहे हैं।

हम सभी के बेहतर भविष्य के लिए आपके साथ मिल कर काम करने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ।

बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India solar capacity to quadruple, wind to triple over decade: Power ministry adviser

Media Coverage

India solar capacity to quadruple, wind to triple over decade: Power ministry adviser
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने बहरीन के राजा से बातचीत की
March 20, 2026
प्रधानमंत्री ने ईद की शुभकामनाएँ दीं और ऊर्जा तथा नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बहरीन के शाह महामहिम हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ सार्थक चर्चा की। इस चर्चा का उद्देश्य त्योहारों की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बात करना था।

प्रधानमंत्री ने महामहिम शाह हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा से बात की और ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर उन्हें तथा बहरीन की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन हमलों का वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर बुरा असर पड़ता है। श्री मोदी ने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला तथा सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। प्रधानमंत्री ने बहरीन में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए महामहिम द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने 'X' पर लिखा:

"बहरीन के शाह महामहिम हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ सार्थक चर्चा हुई। ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर उन्हें और बहरीन की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

हमने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। इस क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि इन हमलों का वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर बुरा असर पड़ता है।

नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला तथा सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया।

बहरीन में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए महामहिम द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।"