पिछले दो वार्षिक समिटों में हमारी भागीदारी की यात्रा में फोकस में नयापन और गति, दोनों देखे गए हैः राष्ट्रपति पुतिन से पीएम मोदी
हमने वार्षिक सैन्य औद्योगिक कॉन्फ के लिए सहमति जताई है जोकि स्टेकहोल्डरों को दोनों तरफ से संस्थागत होने व एक-दूसरे को समर्थन करने की अनुमति प्रदान करेगाः पीएम
भविष्य को ध्यान में रखते हुए हम एक साइंस एंड टैक्नोलॉजी कमीशन का गठन करने के लिए सहमति जताई हैः पीएम मोदी
पिछली बार आयोजित हुए समिट के बाद से ही हम हमारी आर्थिक भागीदारी को लगातार बढ़ा रहे हैं, उसमें विविधता ला रहे हैं और उसे और अधिक गहरा कर रहे हैः पीएम मोदी
हमारे दो देशों के बीच बिज़नेस और इंडस्ट्री आज और अधिक जुड़े हुए हैं और रिश्ते पहले की तुलना में अधिक गहरे हो रहे हैं। व्यापार और निवेश सम्बन्धी करारों में बढ़ोतरी हो रही हैः पीएम मोदी
सीमा पार से हो रहे आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई के प्रति रूस की समझ की हम गहरी सराहना करते हैं जोकि हमारे समूचे क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैः पीएम
हमने वैश्विक आर्थिक और वित्तीय बाजारों के द्वारा ठानी गई चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई हैः पीएम

महामहिम राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन,

रूस तथा भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सम्‍मानीय सदस्‍यगण,

मीडिया के सदस्‍यगण

भारत के पुराने मित्र राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन का आज यहां गोवा में स्‍वागत करते हुए मुझे हर्ष हो रहा है। रूस में जैसा कि कहा जाता है :-

स्तारीय द्रुग लुछे नोविख़ द्वुख (इसका अर्थ है : दो नये मित्रों से एक पुराना मित्र बेहतर होता है)

महामहिम पुतिन, भारत के प्रति आपके गहरे प्‍यार से मैं अवगत हूं। आपका व्‍यक्तित्‍व हमारे संबंधों की शक्ति का स्रोत है और जटिल व बदलते अंतर्राष्‍ट्रीय संदर्भ में आपके नेतृत्‍व में हमारी रणनीतिक साझेदारी के स्‍थायित्‍व को सार्थकता प्रदान की है। सच्‍चे अर्थों में यह हमारे विशेष एवं अद्वितीय संबंध हैं।

मित्रों,

पिछली दो वार्षिक शिखर वार्ताएं हमारी साझेदारी में नए विषयों एवं प्रयासों की साक्षी रहीं है। श्री पुतिन और मैंने हाल में हमारी सं‍लिप्‍तता के सम्‍यक परिदृश्‍य पर विस्‍तृत एवं उपयोगी वार्ता को पूरा किया है। हमारी मुलाकात के सार्थक नतीजे हमारी नीतिगत साझेदारी के विशेष स्‍वरूप को स्‍पष्‍ट रूप से परिलक्षित करते हैं। कामोव 226 टी हेलीकॉप्‍टर के निर्माण, फ्रीगेटों के निर्माण तथा अन्‍य रक्षा सामग्री की खरीद एवं निर्माण में भारत की प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षात्‍मक प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। इससे हमें मेक इन इंडिया के लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में भी मदद मिलती है। हम वार्षिक सैन्‍य औद्योगिक सम्‍मेलन पर काम करने को भी सहमत हुए हैं, जो दोनों देशों के स्‍टेकहोल्‍डरों को सहयोग की स्‍थापना एवं इसे गति प्रदान करने में सहायक होगा। यह परियोजनाएं दोनों देशों के सशक्‍त एवं बहुआयामी रक्षा साझेदारी की मजबूती के लंबे इतिहास में एक नया अध्‍याय है और हम दोनों ही इससे गौरवान्वित हुए हैं। कुछ ही क्षण पूर्व कूडनकुलम 2 के राष्‍ट्र को समपर्ण तथा कूडनकुलम 3 और 4 की आधारशिला रखे जाने से हमने सिविल न्‍यूक्लियर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग के परिणामों को देखा है और अन्‍य आठ रिएक्‍टरों के प्रस्‍तावित निर्माण के साथ हमारा न्‍यूक्लियर सहयोग दोनों देशों के लिए अत्‍याधिक लाभकारी रहेगा। यह हमारी ऊर्जा सुरक्षा, उच्‍च प्रौद्योगिकी तक पहुंच एवं भारत में स्‍थाई तौर पर विनिर्माण की हमारी जरूरतों के अनुरूप है। पिछले वर्ष में मास्‍कों में मैंने कहा था कि हम रूस के हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में अपनी वृहद मौजूदगी दर्ज कराएंगे। अकेले चार महीनों में हमने हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की दिशा में हमने सशक्‍त नये, गहन, संलिप्‍तता को स्‍पष्‍ट रूप से व्‍यक्‍त कर दिया है। भारतीय कंपनियों ने रूस के तेल और गैस क्षेत्र में 5.5 विलियन अमरीकी डॉलर का निवेश किया है। राष्‍ट्रपति पुतिन के सहयोग से हम इस दिशा में अपनी संलिप्‍तता को तैयार हैं तथा कार्यक्षेत्र के विस्‍तार के इच्‍छुक हैं। हम अपने दो देशों के बीच गैस पाइप लाइन मार्ग पर भी संयुक्‍त रूप से अध्‍ययन कर रहे हैं। सुदृढ़ न्‍यूक्लियर सहयोग, एल एन जी स्रोत और तेल और गैस क्षेत्र में साझेदारी तथा नवीकरणीय उर्जा में संलिप्‍तता से हमारे दोनों देशों के बीच उत्‍साहवर्धक ‘ऊर्जा सेतु’ का निर्माण हो सकता है।

मित्रो,

भविष्‍य की ओर कदम बढ़ाते हुए हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग की स्‍थापना के लिए भी सहमत हो गए हैं। इसके जरिए हमारा समाज संयुक्‍त विकास, विभिन्‍न क्षेत्रों में उन्‍नत प्रौद्योगिकियों के विकास और आदान-प्रदान से लाभान्वित होगा। पिछली शिखर वार्ता की भांति हम अपनी आर्थिक संलिप्‍तता और विविधिकरण और इसका सुदृढ़ीकरण जारी रखेंगे। हमारे दोनों देशों के बीच व्‍यापार और उद्योग की स्थिति आज कहीं ज्‍यादा गहरी हुई है। व्‍यापार और निवेश में सहयोग ऊद्धर्गामी बना है और राष्‍ट्रपति पुतिन के समर्थन से हम यूरासियान आर्थिक यूनियन मुक्‍त व्‍यापार करार के साथ भारत के तेजी से जुड़ाव की आशा रखते हैं। ग्रीन कॉरीडोर तथा अंतरराष्‍ट्रीय उत्‍तर दक्षिण परिवहन कॉरीडोर को मजबूत बनाने, तर्कसंगत संबंध तथा हमारे देशों के बीच बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करने में सहायक होगा। राष्‍ट्रीय निवेश एवं सरंचना निधि (एन आई आई एफ) और प्रत्‍यक्ष निवेश निधि (आई डी आई एफ) के बीच एक बिलियन अमरीकी डॉलर की निवेश निधि की शीघ्र स्‍थापना के लिए हमारे प्रयास हमारी संरचनागत साझेदारी को गतिशील बनाने में मददगार होंगी। हम दोनों देशों में क्षेत्रीय और सरकारी स्‍तर पर आर्थिक सहयोग के भी इच्‍छुक हैं।

मित्रों,

इस शिखर वार्ता की सफलता भारत रूस साझेदारी को जोड़ने की एक मजबूत कड़ी के रूप में प्रदर्शित हुई है। इससे अंतरराष्‍ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर दबावों के बावजूद हमारे शक्तिशाली वैचारिक तथा स्थितिगत सामंजस्‍य रेखांकित होते हैं। आतंकवाद से लड़ने की जरूरत पर रूस की राय हमारी अपनी सोच का ही प्रतिबिम्‍ब है। हम सीमापार आतंकवाद से लड़ाई, जो हमारे संपूर्ण क्षेत्र के लिए खतरा बनी हुई है, के संबंध में हमारे प्रयासों पर रूस के समर्थन के हम पक्षधर हैं। हमने आतंकवादियों और उनके समर्थकों से निपटने के लिए ‘जीरो टालरेंस’ की आवश्‍यकता की पुष्टि की है। राष्‍ट्रपति पुतिन और मेरे विचार अफगानिस्‍तान की स्थिति तथा पश्चिम एशिया की दशा पर एक जैसे ही रहे हैं। हम अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक और वित्‍तीय बाजारों के अनसुलझे प्रश्‍नों से उत्‍पन्‍न चुनौतियों पर निकट से काम करने पर भी सहमत हुए हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र, पश्चिम एशिया शिखर वार्ता, जी-20, शंघाई सहयोग संगठन के साथ हमारे निकट सहयोग से वस्‍तुत: वैश्विक स्‍तर पर संभावना व इस कार्य क्षेत्र में हमारी भागीदारी मजबूत हुई है।

महामहिम पुतिन

हम अगले वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ की ओर अग्रसर हो रहे हैं और भारत एवं रूस अतीत की उपलब्धियों का जश्‍न मनाने जा रहा है। हम एक ऐसी आदर्श साझेदारी के काम में जुटे हैं जहां हमारी आम आकांक्षाएं तथा 21वीं सदी के लिए हमारे संयुक्‍त लक्ष्‍यों के अनुरूप हों। हमारी निकटस्‍थ मैत्री ने सुस्‍पष्‍ट दिशा, नई ताजगी, सशक्‍त गति तथा हमारे संबंधों की सार्थकता को उजागर किया है। आसन्‍न क्षेत्रीय एवं वैश्विक धरातल पर यह शक्ति एवं सार का स्रोत है, शान्ति और स्‍थायित्‍व का परिचालक है।

रूसी भाषा में कहावत भी है :

इंडियाई रस्सीया-रुका अब रुकु व स्वेतलोय बदूशीय

(भारत और रूस एक उज्‍जवल भविष्‍य के लिए साथ-साथ हैं)

धन्‍यवाद। आपका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

 

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Prime Minister extends greetings on Jan Aushadhi Diwas 2026
March 07, 2026
PM highlights transformative impact of Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana

On the occasion of Jan Aushadhi Diwas 2026, the Prime Minister, Shri Narendra Modi extended his greetings to all those who have been positively impacted by the Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana. Shri Modi said that this initiative reflects our commitment to ensuring that every citizen has access to quality medicines at affordable prices. Through Jan Aushadhi Kendras, countless families are saving on healthcare expenses and receiving proper treatment, Shri Modi added.

The Prime Minister also shared a glimpse of the transformative impact of the Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana.

The Prime Minister wrote on X;

“On #JanAushadhiDiwas2026, my best wishes to all those who have been positively impacted by the Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana. This initiative reflects our commitment to ensuring that every citizen has access to quality medicines at affordable prices. Through Jan Aushadhi Kendras, countless families are saving on healthcare expenses and receiving proper treatment.” 

“A glimpse of the transformative impact of Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana.

#JanAushadhiDiwas2026”