केंद्र सरकार युवाओं को समान अवसर देने के लिए समर्पित है: प्रधानमंत्री मोदी
मैं शहीद नजीर अहमद वानी और अन्य सभी बहादुर सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा और शांति बनाए रखने के लिए खुद को बलिदान कर दिया: पीएम मोदी
हम एक प्रतिबद्धता के साथ नागरिकता संशोधन विधेयक लाये हैं, अगर धर्म के आधार पर उनके साथ भेदभाव हुआ है तो देश उनके साथ खड़ा रहेगा: प्रधानमंत्री
हम एक संकल्‍प के साथ नागरिकता कानून में संशोधन का प्रस्‍ताव लाए हैं

"हम एक संकल्प के साथ नागरिकता कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाए हैं। ये देश के उस संकल्प का हिस्सा है जिसके मुताबिक हम उन सभी लोगों के साथ खड़े रहेंगे, जो कभी भारत का हिस्सा थे, लेकिन 1947 में बनी परिस्थितियों के चलते हमसे अलग हो गए। अब अगर आस्था के आधार पर उनका शोषण होता है, तो उनके साथ देश को खड़ा होना जरूरी है। इन सभी लोगों के हकों की रक्षा के लिए भारत हमेशा खड़ा रहेगा। न्याय और उनके जीवन के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जम्मू की अपनी जनसभा में नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में भी मां भारती की ऐसी संतानें हैं, जिनके साथ अत्याचार हुआ है, लेकिन उनकी पीड़ा पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उनके लिए अब सरकार नागरिकता कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाई है। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि कश्मीर से विस्थापित पंडितों का विषय बहुत ही भावनात्मक है और केंद्र की सरकार उनके अधिकार, सम्मान और गौरव के लिए प्रतिबद्ध एवं समर्पित है। हिंसा और आतंकवाद के जिस दौर में उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा, जो यातनाएं सहनी पड़ीं, उसे हिंदुस्तान कभी नहीं भूल सकता और उनकी यह पीड़ा हमेशा उनके मन में रही है। आज उन्हें संतोष है कि तीन-साढ़े तीन साल पहले कश्मीरी पंडितों के लिए पहल के तौर पर शुरू की गई बांदीपुर-गांदरबल ट्रांजिट एकमोडेशन विस्तार योजना का भी शिलान्यास हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राज्य में कश्मीरी पंडितों के लिए जिन 3 हजार पदों पर नियुक्ति की बात थी, उस पर भी काम शुरू हो चुका है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीते दिनों जिस तरह से लोगों ने राज्य में पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया, 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, हिंसा की कोई घटना नहीं हुई, यह अपने आप में अभूतपूर्व है। पीएम ने कहा कि अब वहां आतंकवाद से सख्ती से निपटा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू में विकास को गति देने वाली करीब 6 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसमें जम्मू में बनने वाले 750 बेड का अत्याधुनिक एम्स और अनंतनाग, बारामूला, डोडा, कठुआ और राजौरी में 5 मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी शामिल है। इनके लिए 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड भी जारी कर दिया गया है। अभी तक जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस की 500 सीटें ही थीं, इसके बाद ये दोगुनी हो जाएंगी। इसके अलावा कठुआ में इंजीनियरिंग कॉलेज और जम्मू में आईआईएमसी का नया कैंपस प्रोफेशनल एजुकेशन में युवाओं को नया अवसर देगा। जम्मू में आईआईटी की नई बिल्डिंग का काम पूरा हो चुका है और आईआईएम की बिल्डिंग का काम भी शुरू होने वाला है। पीएम मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार युवाओं को समान अवसर देने के लिए समर्पित है, जिसके लिए सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके लिए सरकार देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में करीब 25% सीटों की भी बढ़ोतरी करने जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में यातायात और बाकी इन्फ्रास्ट्र्क्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। 40 हजार करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत सड़क, पुल, सुरंग और एनएच का काम तेजी से शुरू हो गया है। चिनाब नदी पर बनने वाले पुल से सजवाल से इंद्रीपट्टन की दूरी 50 किलोमीटर से घटकर 5 किलोमीटर रह जाएगी। 2,100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे चेनानी- सुध महादेव- गोहा सड़क की सारी बाधाओं को भी दूर कर लिया गया है और अब इस पर तेजी से काम होगा। जम्मू-अखनूर-पुंछ हाइवे पर 5,100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे जम्मू-अखनूर सेक्शन पर भी तेजी से काम चल रहा है। पीएम ने बताया कि रातले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को चलाने की व्यवस्था भी कर ली गई है, जिसके पूरा होते ही राज्य को 850 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी। वहीं, 40 साल से लटके हुए शाहपुर-कंडी बांध परियोजना पर भी अब जम्मू-कश्मीर ने पंजाब से समझौता कर लिया है। इससे राज्य को बिजली मिलने के अलावा सांबा और कठुआ जिलों की 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस बार के बजट में सरकार किसानों के लिए ऐतिहासिक योजना लाई है। इसके तहत 5 एकड़ तक जमीन वाले 12 करोड़ से अधिक छोटे किसान परिवारों को हर वर्ष 6 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में मिलेंगे। 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में दिए जाने वाले इन पैसों की पहली किस्त कुछ ही दिनों में किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी से किसान का कर्ज कभी खत्म नहीं होता, बल्कि बिचौलियों की जेब मोटी होती जाती है। लेकिन, अभी सरकार जो योजना लाई है, उसका लाभ देशभर के हर 100 में से 90-95 किसानों को मिलेगा। इसके कारण आने वाले 10 वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में जमा होंगे। उन्होंने कहा कि ‘पीएम किसान समृद्धि योजना' बीते साढ़े चार वर्ष से किसानों की स्थिति सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों का एक बड़ा पड़ाव है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने शहीद नजीर अहमद वानी, औरंगजेब और इम्तियाज अहमद मीर जैसे वीरों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हर शहीद के परिवार को वे विश्वास दिलाते हैं कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि सीमा के पास रहने वालों की सुरक्षा के लिए 14 हजार बंकर भी बनाए जा रहे हैं।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the spirit of selfless service and dedication
August 21, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has said that the continuous flow of rivers teaches us how we can utilise our capabilities for the welfare of humanity. He noted that the spirit of selfless service, dedication and benevolence gives a new direction to the nation.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”

The Subhashitam conveys that human beings, dedicate your lives to the service and welfare of others. Just as rivers flow ceaselessly and selflessly, sustaining countless lives with their waters before ultimately merging into the ocean, so should we devote our time, abilities and resources to the well-being of others. The true purpose and fulfilment of human life lie in selfless service, compassion and the welfare of all.

The Prime Minister wrote on X;

“नदियों का अविरल प्रवाह सिखाता है कि हम किस प्रकार अपने सामर्थ्य का उपयोग मानवता की भलाई के लिए कर सकते हैं। निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की यही भावना राष्ट्र को नई दिशा देती है।

जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”