हम कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग को और मजबूत करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने इजरायल की कंपनियों को उदारीकृत एफडीआई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ भारत में और अधिक निवेश के लिए आमंत्रित किया
हम इजरायल के साथ काम कर रहे हैं ताकि हमारे लोगों के लिए दूसरे देशों में जाकर काम करना आसान हो: प्रधानमंत्री
इजरायल के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मजबूत भागीदारी के लिए दो तरफा व्यापार और निवेश हमारे विजन का अभिन्न अंग
मैं और मेरे साथी प्रधानमंत्री नेतनयाहू भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बराबर प्रतिबद्ध: पीएम मोदी

महामहिम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू

मीडिया के सदस्य

पहली बार भारत के दौरे पर आए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का स्वागत करते हुए मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है।

येदीदीहायाकर, बरूख़िमहाबायिमलेहोदू!       

(मेरे अच्छे दोस्त, भारत में आपका स्वागत है!)

प्रधानमंत्री जी भारत और इजराइल के बीच मित्रता की यात्रा में आपके दौरे की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी।

आपका दौरा भारत और इजराइल के बीच राजनयिक संबंधों के 25 वर्षों की स्मृति के भी बिल्कुल अनुरूप है।

2018 में हमारे पहले सम्माननीय मेहमान के रूप में आपका दौरा हमारे नये वर्ष के कैलेंडर की विशेष शुरुआत को चिन्हित करता है। यह एक ऐसा अवसर है जिस समय पूरे भारत में लोग बसंत के आगमन, नवीकरण, आशा और फसल पकने की खुशियां मना रहे हैं। लोहड़ी, बिहू, मकर सक्रांति तथा पोंगल के त्यौहार भारत की विविधता में एकता की भव्यता को दर्शाते हुए मनाए जा रहे हैं।

मित्रों !

पिछले वर्ष जुलाई में अपनी यादगार यात्रा के दौरान मैं 1.25 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं और मित्रता का महत्वपूर्ण संदेश लेकर गया था। मैं अपने मित्र बीबी के नेतृत्व में इजरायल के लोगों के उदार प्रेम तथा भव्य स्वागत से सराबोर था।

उस यात्रा के दौरान मैंने और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक-दूसरे से तथा अपने-लोगों से आशा और विश्वास तथा विविध विकास एवं आधुनिक सहयोग और संयुक्त प्रयासों तथा पारस्परिक सफलताओं की सामरिक भागीदारी करने का वादा किया था। ऐसे वायदों का निर्वाह अधिकांशत: स्‍वाभाविक भाई-चारे तथा मित्रता से होता है जिन्होंने हमें शताब्दियों से जोड़े रखा है जैसा कि ये हमारे प्राय: सभी क्षेत्रों में सहभागिता से स्पष्ट है।

और यह हमारे साझा लक्ष्य और वचनबद्धता का ही एक पैमाना है कि उस यात्रा की 6 माह की अल्पावधि के उपरांत आपका विशेष रूप से भारत आगमन हुआ है। आज और कल प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की तथा उन संभावनाओं और अवसरों, जिनके हमें संकेत मिले हैं तथा जिन्हें समझने की आवश्यकता है, पर अपने वार्तालाप को तरोताजा किया।

हमारी बातचीत बहुत विस्तृत और गहन थी। इसमें और अधिक करने की इच्छा पर विशेष जोर था। प्रधानमंत्री जी, मैं परिणाम हासिल करने में उतावलेपन के लिए जाना जाता हूं।

एक राज की बात यह है कि आप भी ऐसे ही हैं।

पिछले वर्ष तेल अवीव में आपने नौकरशाहों की लालफीताशाही को समाप्त करने तथा तीव्र गति से आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की थी।

प्रधानमंत्री जी यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हम भी भारत में वैसा ही कर रहे हैं। हमने अपने पूर्व निर्णय के कार्यान्वयन के लिए सांझे उतावलेपन को अपनाया है।

परिणाम भी धरातल पर नजर आ रहे हैं। हमारी आज की बातचीत में हमारी संलिप्तता में तेजी लाने और अपनी साझेदारी की ऊंचाइयां छूने की संसृति मुख्य थी।

तीन प्रकार से हम इसका अनुसरण करेंगे:

पहला- हम उन क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा स्तंभों को सुदृढ बनाएंगे जिनका हमारे लोगों के जीवन से सीधा संबंध है। ये क्षेत्र हैं, कृषि, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी और सुरक्षा।

हमने विशिष्टताओं के उन केंद्रों को छूने के लिए अपने विचारों का आदान-प्रदान किया जो उन्नत इजराइली प्रणालियों और प्रौद्योगिकी अपनाकर कृषि सहयोग के मुख्य आधार हैं।

सुरक्षा के मामले में मैंने इजराइली कंपनियों को उदारीकृत एफडीआई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है ताकि वे हमारी कंपनियों के साथ मिलकर भारत में अधिक निर्माण कर सकें।

दूसरा,

हम तेल एवं गैस, साइबर सुरक्षा, फिल्म तथा स्टार्ट-अप जैसे कम तलाशे गए क्षेत्रों में सहयोग करने का साहस कर रहे हैं। अभी-अभी किए गए समझौतों में यह परिलक्षित होगा। इनमें बहुत से क्षेत्र विविधिकरण तथा व्यापक संलिप्तता की       हमारी इच्छा के संकेतक हैं।

और तीसरा,

हम अपने भूगोलों के बीच लोगों और विचारों के प्रवाह को सहज बनाने के लिए वचनबद्ध हैं। इसके लिए नीति के सरलीकरण, अवसंरचरना तथा संपर्क साधनों और सरकार से इतर सहायता के संघटकों को पल्लवित करने की आवश्यकता है।

हम इसे सरल बनाने के लिए इजरायल के साथ प्रयासरत हैं कि लोग एक-दूसरे के देश में काम कर सकें, भ्रमण के लिए जाएं जिसमें लंबी अवधि तक काम करना भी शामिल है। दोनों ओर के लोगों को एक-दूसरे के और निकट लाने के लिए इजरायल में जल्द ही एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र खोला जाएगा।

हमने विज्ञान संबंधी शैक्षणिक विधाओं से 100 युवा लोगों के द्विपक्षीय भ्रमण का वार्षिक आदान-प्रदान शुरू करने का भी विनिश्चय किया है।

मित्रों !

सुदृढ साझेदारी के लिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना हमारे विजन का एक मुख्य अंग है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैं इस दिशा में और अधिक करने की जरूरत पर सहमत हैं। पिछले वर्ष तेल-अविव में बैठक के पश्चात हम द्विपक्षीय मंच के तहत अपने सीईओज के साथ दूसरी बार बातचीत करेंगे।

मैं उस व्यापारिक समूह का स्वागत करता हूं जो प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने साथ लाए हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति के परिप्रेक्ष्य में भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

हमने अपने क्षेत्रों तथा विश्व में स्थायित्व और शांति के लिए सहयोग की भी समीक्षा की।

मित्रों !

कल, भारतीय भूमि पर कदम रखने के पश्चात अपने पहले पड़ाव में प्रधानमंत्री नेतन्याहू इजरायल में हैफा की लड़ाई में एक शताब्दि पूर्व अपना जीवन बलिदान करने वाले बहादुर भारतीय सिपाहियों की याद में पुन: नामकरण किए गये तीन मूर्ति हैफा चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मेरे साथ आए।

हम दोनों देशों ने कभी भी अपने इतिहास तथा अपने वीरों को नहीं भुलाया। हम प्रधानमंत्री नेतन्याहू की इस भावना का अत्यधिक मान करते हैं।

इजरायल के साथ मौजूदा साझेदारी के भविष्य की ओर झांकने से मैं उम्मीद और आशावाद से भर जाता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू में मैं ऐसा प्रतिरूप पाता हूं जो भारत-इजरायल संबंधों को इन ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बराबर वचनबद्ध है।

अंत में प्रधानमंत्री जी मैं एक दिन बाद अपने गृह राज्य गुजरात में आपके साथ रहने के अवसर से उत्साहित हूं।

वहां, हमें अपने कृषि, प्रौद्योगिकी तथा नवपरिवर्तन जैसे विविध क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग संबंधी वादे की पूर्ति होते देखने का एक अवसर मिलेगा।

मुझे आशा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू, श्रीमती नेतन्याहू तथा शिष्टमंडल भारत में आपका ठहराव एक यादगार होगा।

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। टोडा रब्‍बा।   

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कैमिकल पार्कों के विकास के लिए भव्य-रसायन योजना को कैबिनेट की मंजूरी
July 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

इस योजना के लिए कुल 3,030 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये पार्क की भीतरी अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं की स्थापना की लागत को पूरा करने और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के रूप में आवंटित किए जाएंगे। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगी।

केंद्र सरकार उक्त योजना के तहत प्रत्येक पार्क के लिए संबंधित राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम 500 करोड़ रुपये का योगदान करने के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान करेगी

भव्य रसायन योजना से अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है:

  • इससे कच्चे माल की सोर्सिंग (अपस्ट्रीम), अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति (डाउनस्ट्रीम) और सहायक उद्योगों सहित संपूर्ण मूल्य श्रृंखलाओं में रासायनिक उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और माल ढुलाई और प्रबंधन लागत कम होगी।
  • साझा बुनियादी ढांचा सुविधाओं और मूलभूत उपयोगिताओं के माध्यम से, रसायन उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यह लागत योजना प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी और भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
  • इससे भारतीय रसायन उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बेहतर ढंग से एकीकृत होने में मदद मिलेगी, जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और आयात प्रतिस्थापन में सुधार होगा।
  • यह योजना पर्यावरण के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर भारतीय रसायन उद्योग के सतत विकास को बढ़ावा देगी। इस पारिस्थितिकी तंत्र में केंद्रीकृत सुविधाएं होंगी, जैसे साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र, उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा, और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना। इससे पर्यावरण नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा, जिससे उद्योग का विकास पर्यावरण के अनुकूल तरीके से होगा।
  • रसायन क्षेत्र के विकास से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे रोजगार सृजन में वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था का अधिक विकास होगा। यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
यह स्वीकार करते हुए कि क्षेत्र रसायन और पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन करता है जिनका उपयोग कृषि, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न उद्योगों में होता है, भव्य रसायन योजना शुरू करने से घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करके, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाकर और रोजगार सृजित करके इस क्षेत्र के विकास में सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और इस प्रकार आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

उक्त योजना के तहत, केंद्र सरकार प्रतिस्पर्धी, प्रदर्शन आधारित वित्त पोषण तंत्र (चैलेंज रूट) के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा तीन समर्पित रासायनिक पार्कों के विकास में सहायता प्रदान करेगी। प्रत्येक पार्क में कम से कम आठ वर्ग किलोमीटर (कम से कम 2,000 एकड़) का निर्बाध भूमि क्षेत्र होगा। ये पार्क रासायनिक उद्योग के लिए सामान्य अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं के रूप में सुगम अवसंरचना प्रदान करेंगे। इसमें निम्नलिखित शामिल है:
  • सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी),
  • उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा (टीएसडीएफ),
  • जल आपूर्ति और वितरण प्रणालियां,
  • विलायक पुनर्प्राप्ति और आसवन सुविधाएं,
  • भाप उत्पादन और वितरण नेटवर्क,
  • परस्पर जुड़ा हुआ पाइपलाइन नेटवर्क,
  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाएं।