राष्ट्र की प्रगति और शांति के लिए प्रार्थना करता हूं: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री ने केदारनाथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के कार्यों का जायजा लिया।
केदारनाथ विकास परियोजना से केदारनाथ धाम में ढांचागत सुविधाएं विकसित होंगी।
केदारनाथ विकास परियोजना से जुड़े परिश्रमी लोगों को सलाम करता हूं- प्रधानमंत्री मोदी
हम चाहते हैं कि केदारनाथ धाम में ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्री आएं। हम इस स्थान को पर्यावरण के अनुकूल बना रहे हैंः प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर में 18 मई की सुबह को पूजा-अर्चना की।

पूजा-अर्चना करने के बाद, प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम में जारी विकास परियोजनाओं का जायजा लिया। विकास के ये प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के दिल के काफी करीब हैं। इन योजनाओं से केदारनाथ में उच्चस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे केदारनाथ धाम आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

प्रधानमंत्री ने जिन कार्यों का जायजा लिया, उनमें शंकराचार्य समाधि स्थल भी शामिल है। इस समाधि का काम मंदिर के उत्तरी पश्चिमी दिशा में प्रारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्थल केदारनाथ के आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाएगा और इसे कुछ इस तरह से विकसित किया जाएगा, जिससे यह स्थल मंदिर की भव्यता में चार चांद लगाए।

पीएम मोदी ने सरस्वती घाट पर जारी कार्य का जायजा लिया। उन्होंने आस्था पथ पर जारी कार्य का भी निरीक्षण किया। आस्था घाट पर श्रद्धालुओं के लिए टहलने-घूमने और स्नानादि की व्यवस्था विकसित की जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि इन कार्यों के संपन्न होने से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।

प्रधानमंत्री को केदारपुरी प्रोटेक्शन वॉल और तीर्थ पुरोहित आवासीय सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करें, ताकि तीर्थयात्री निकट के वासुकी ताल की यात्रा भी आसानी से कर सकें। वासुकी ताल ऐतिहासिक और अमूल्य ब्रह्मकमल पुष्प के लिए विख्यात है।

प्रधानमंत्री ने गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच यातायात की सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में भी अधिकारियों से बातचीत की। दोनों स्थानों को रोप-वे से भी जोड़ने पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ पुनर्निर्माण के कार्य में जुटे केदारनाथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के कर्मचारियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस कार्य में उत्तराखंड और देश के विभिन्न हिस्सों के लोग जुड़े हैं, और ये लोग कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। इस कार्य से जुड़े लोगों ने इन कठिन परिस्थितियों में खुद को साबित किया है और कार्य की तेज गति को सुनिश्चित किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि निर्माण कार्य में जुटी टीम के सदस्यों की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ के चारों ओर वीडियो और तस्वीरों के जरिए यह प्रदर्शित किया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य किस तरह से आगे बढ़ा, किस समय कार्य की स्थिति क्या थी। इससे लोग समझ पाएंगे कि निर्माण कार्य में जुटी टीम ने किस तरह से परिश्रम की पराकाष्ठा करके कार्य को आगे बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के दौरान भैरो मंदिर के मार्ग पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति के बारे में भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने किसी भी कीमत पर पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में पेयजल और शौचालय की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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PM shares a Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of complete and scientifically grounded knowledge
February 18, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today shared a Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of complete and scientifically grounded knowledge. Such a complete true wisdom leads an individual to fullness, Clarity and the supreme realisation of truth.

The PM quoted an ancient Sanskrit verse on X:

“ज्ञानं तेऽहं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेषतः।

यज्ज्ञात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते।।”