प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आज नै पी तॉ, म्यांमा रवाना हुए।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आज नै पी तॉ, म्यांमा रवाना हुए।


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि भारत माता के लिए सब कुछ बलिदान करने का उनका जज्बा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-
"स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकंपितुमर्हसि |
धर्म्याधि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियौ न विद्यते ||"
इस श्लोक में यह बताया गया है कि जब व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सजग हो जाता है, तो उसके मन में किसी भी प्रकार की झिझक या भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की वेदी पर धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष एक योद्धा के लिए आत्म-कल्याण का सबसे उत्कृष्ट और गौरवशाली मार्ग है।
देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम सभी देशवासियों को गौरवान्वित करता है। मां भारती के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 8, 2026
स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि |
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते || pic.twitter.com/FNuJ4tXyvX