"Providing electricity to everyone across the country is the topmost priority of the Union Govt"
"Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana to be launched on August 28th"
"PM's impassioned appeal in Vidarbha: exhorts farmers to avail the benefits of the new scheme "
"Dedicates to the Nation the Mouda Super Thermal Power Project Stage-1 (1000 MW)

देश भर में सभी को बिजली मुहैया कराना केंद्र सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता।

“प्रधानमंत्री जन धन योजना” 28 अगस्‍त को शुरू की जाएगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज घोषणा की कि देश भर में सभी को बिजली मुहैया कराना उनकी सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री 1000 मेगावाट का मौदा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्‍ट चरण-1 राष्‍ट्र को समर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि जो भी देश प्रगति करना चाहता है उसे ढांचागत सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी। उन्‍होंने कहा कि अगर हम टिकाऊ ढांचागत सुविधाएं मुहैया करा दें तो विकास की गुंजाइश बढ़ जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी तरह की ढांचागत सुविधाओं में बिजली सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि यह लोगों के जीवन स्‍तर में बदलाव लाने का एक अहम साधन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कई साल गुजर जाने के बावजूद देश के सभी कोनों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। यही नहीं, अनेक क्षेत्रों में बिजली की भारी किल्‍लत देखी जा रही है। प्रधानमंत्री ने सभी को बिजली मुहैया कराने का संकल्‍प दोहराया। प्रधानमंत्री ने बताया कि भूटान, नेपाल और जम्‍मू–कश्‍मीर के हालिया दौरों के दौरान उन्‍होंने पनबिजली पर विशेष बल दिया था। उन्‍होंनें कहा कि सरकार का उद्देश्‍य ऊर्जा के सभी स्रोतों का दोहन करना है, जिसके तहत स्‍वच्‍छ ऊर्जा खासकर सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री ने इस मौके पर विदर्भ के कर्ज जाल में फंसे किसानों की बुरी दशा की याद दिलाई, जो आत्‍महत्‍या करने पर विवश हो गए थे। उन्‍होंने कहा कि अगर इन किसानों को बिजली सुलभ होती तो वे अपने खेतों में सिंचाई के लिए आवश्‍यक जल पहुंचाने तथा अपनी फसल को बचाने में कामयाब हो जाते और इस तरह वे कर्ज जाल में फंसने से बच जाते।

श्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्‍त को ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ शुरू करने की घोषणा की और किसानों से नई योजना का लाभ उठाने को कहा जिसमें एक बैंक खाता, एक डेबिट कार्ड और एक लाख रुपए की बीमा राशि शामिल है। उन्‍होंने ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ का भी जिक्र किया, जिसके पीछे मुख्‍य उद्देश्‍य किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्‍त जल मुहैया कराना है।

महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल श्री के. शंकरनारायणन, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और बिजली राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल भी इस मौके पर उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री आंतरिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें उन्होंने आंतरिक ज्ञान को ब्रह्मांड का सच्चा सार बताते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की विरासत और संस्कृति ने हमेशा यह सिखाया है कि सच्चा ज्ञान और उसका सही सदुपयोग ही किसी राष्ट्र की प्रगति के आधार हैं। उन्होंने बताया कि इसी मार्ग पर चलते हुए देश के युवा एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह ज्ञान, जो हमारे भीतर ही स्थित है और सामान्य ज्ञान से कहीं अधिक श्रेष्ठ है, महान और विद्वान व्यक्तियों द्वारा पूजनीय माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:

"हमारी विरासत और संस्कृति हमें यही सिखाती आई है कि सच्चा ज्ञान और उसका सदुपयोग ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। इसी मार्ग पर चलकर आज हमारे देश के युवा समृद्ध और सशक्त भारत को गढ़ने में जुटे हैं।

अन्तःस्थमेव यज्ज्ञानं ज्ञानादपि च यत्परम्।

तदेव सर्वसंसारसारं सद्भिरुपास्यते॥"

जो ज्ञान हमारे भीतर स्थित है और जो सामान्य या बाहरी ज्ञान से भी श्रेष्ठ है, वही इस समस्त संसार का असली सार है। श्रेष्ठ पुरूषों और ज्ञानियों द्वारा उसी आंतरिक ज्ञान की उपासना की जाती है।