पीएम मोदी ने जन भागीदारी को लेकर समस्याओं के अनेकों मुद्दों पर दिए सवालों के जवाब
यदि कोई सोचे की नागरिकों का रोल वोटिंग के बाद समाप्त तो एक लोकतंत्र की भावना अधूरी। लोकतंत्र में भागीदारी आवश्यक: पीएम
पीएम ने की उन यंग कॉन्ट्रीब्यूटर्स से मुलाकात जिन्होंने किया पीएमओ एप को विकसित
पीएम ने 'इंडिया फर्स्ट' को अपनी विदेश नीति के केंद्र का हिस्सा बताया।
शिकायत निवारण प्रक्रिया लोकतंत्र की सबसे बड़ी मज़बूती: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वंय को गोरक्षक कहने वाले लोगों के प्रति अपने आक्रोश का इजहार किया “जो स्वंय को गोरक्षक के नाम पर अपनी दुकानें चला रहे हैं और ऐसे मिथ्या गो रक्षकों के प्रति आपराधिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। सहभागी गर्वनेंस के लिए सरकार के वेब प्लेटफार्म MyGov. के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित अद्वितीय “टाऊन हाल” विचार-विमर्श में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों को ऐसे लोगों के डोजियर तैयार करने चाहिए। इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि प्लास्टिक खाने से किस प्रकार गायों की मौत हो रही है, उन्होंने गाय के कल्याण के लिए वास्तव में चिंतित लोगों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करने का प्रयास करें कि गाय प्लास्टिक न खाने पाएं।

प्रधानमंत्री ने अच्छे गर्वनेंस, विदेश-नीति और सहभागी लोकतंत्र जैसे विविध विषयों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की भावना तब तक अधूरी है जब कोई वोट देने के साथ ही नागरिक की भूमिका को समाप्त मान ले। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहभागी लोकतंत्र आवश्यक है। उन्होंने कहा “अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति” उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी की नीतियां और इसके लाभ लक्षित हितग्रहियों तक अवश्य पहूंचने चाहिए। उन्होंने कहा अच्छी गर्वनेंस वही है जो प्रक्रिया में रुकावटें न बने। उन्होंने आगे कहा कि शिकायत निवारण प्रणालियां लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।

श्री नरेंद्र मोदी ने कहा यदि कोई ऐसा एक क्षेत्र है जो अर्थव्यवस्था को ताकत प्रदान कर सके तो वह कृषि है। ग्रामीण शहरी मिशन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका मिशन गांव की आत्मा को बचाये रखने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना है।

हथकरघा विषय पर प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र को “राष्ट्र के लिए खादी-फैशन के लिए खादी” का नारा दिया और यह एक ऐसा सिद्धांत है जो लोगों के लिए मार्गदर्शक का काम कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने “देश पहले” को अपनी विदेश नीति का केंद्र बिंदू बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवेश ने भारत को अन्य देशों के साथ जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने करीब 100 मिनट तक चले अपने विचार-विमर्श के दौरान स्वास्थ्य की देखभाल और पर्यटन के विषयों पर भी अपने विचार रखे।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम तथा MyGov. प्लेटफार्म में योगदान करने वाले युवाओं के साथ मंच पर विचार-विमर्श किया।

प्रधानमंत्री ने नया PMO App का भी शुभारंभ किया और वे इस App के विकास में योगदान करने वाले युवाओं से भी मिले।

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प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों पर प्रकाश डाला
January 07, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारतीय परंपरा के शाश्‍वत ज्ञान पर विचार करते हुए उन मूल्यों को रेखांकित किया जो राष्ट्रीय जीवन और व्यक्तिगत आचरण का मार्गदर्शन करते रहते हैं।

प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि सच्ची सुंदरता सद्गुणों से निखरती है, वंश चरित्र से गौरवान्वित होता है, ज्ञान का मूल्य सफलता में निहित है और धन का अर्थ जिम्मेदारीपूर्ण आनंद है। उन्होंने कहा कि ये मूल्य न केवल शाश्वत हैं बल्कि समकालीन समाज में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। ये भारत की प्रगति, जिम्मेदारी और सद्भाव की सामूहिक यात्रा की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।

श्री मोदी ने एक्‍स पर एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए लिखा:

“गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।

सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥”