स्टैंड-अप इंडिया" पहल का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाना एवं उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम बनाना है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बाबू जगजीवन राम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी
हमें उन व्यक्तियों को हमेशा याद रखना चाहिए जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया, चाहे वो किसी भी पार्टी के हों: पीएम मोदी
युवाओं को रोजगार खोजने की बजाय रोजगार बनाने पर ध्यान देना होगा: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने 5,100 ई-रिक्शे वितरित किये, लाभार्थियों से बातचीत की एवं कौशल विकास केन्द्र का उद्घाटन किया
गरीबों की भागीदारी से भारत की विकास यात्रा को बल मिलेगा: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ‘स्‍टैंड अप इंडिया’ पहल का शुभारम्‍भ किया, जिसका उद्देश्‍य अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। इस पहल में इन श्रेणियों के कम-से-कम दो इच्छुक उद्यमियों को ऋण मुहैया कराने की परिकल्‍पना की गई है। इसके तहत 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जायेगा। इस अवसर पर 5100 ई-रिक्‍शा का वितरण भी किया गया।

प्रधानमंत्री ने बाबू जग‍जीवन राम की जयंती पर उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की और विभिन्‍न आधिकारिक पदों पर रहते हुए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण अवधि में उनके महान योगदान एवं राष्ट्र की सेवा का स्‍मरण किया।

नौकरी चाहने वालों को नौकरी देने वालों में तब्‍दील करने के अपने विजन के बारे में विस्‍तार से बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍टैंड अप इंडिया पहल से दलितों और आदिवासियों के जीवन में महत्‍वपूर्ण बदलाव आएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा और भी ज्‍यादा मजबूत तब होगी, जब इसकी पटकथा गरीबों द्वारा लिखी जायेगी। उन्‍होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अपने बच्‍चों, खासकर बालिकाओं को शिक्षित करने का आग्रह किया।

 इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘चाय पे चर्चा’ के दौरान कुछ लाभार्थियों के परिवारों से बातचीत की। लाभार्थियों ने यह बताया कि ई-रिक्‍शा किस तरह से उनके जीवन को बेहतर बनायेगा। प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे अपने बच्‍चों को शिक्षित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने एक ई-रिक्‍शा बुक किया और मंच की ओर थोड़ी दूर तक ई-रिक्‍शा की सवारी की और इसके साथ ही सेलफोन के जरिये इस सवारी का भुगतान किया।  

 

PM Modi paid tribute to Babu Jagjivan Ram on his birth anniversary. PM emphasized that this initiative would empower the 'job seekers' to become the 'job creators.'

PM also flagged off distribution of 5,100 e-rickshaws by Bhartiya Micro Credit (BMC) under the Pradhan Mantri Mudra Yojna scheme.

  

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s industrial output quickens to 7.3% in June from 5.1% in May as manufacturing, electricity growth accelerates

Media Coverage

India’s industrial output quickens to 7.3% in June from 5.1% in May as manufacturing, electricity growth accelerates
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
July 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान देने के साथ-साथ अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें सुविचारों एवं सुसंस्कारों से गढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा—

“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

इस सुभाषित में यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो सही दिशा प्रदान करते हैं, ज्ञान एवं सत्य का बोध कराते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं तथा जीवन में सत्य की समझ विकसित कर आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उन्हें ही गुरु के छह रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।

प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”