केन्‍या भारत का मूल्‍यवान मित्र और विश्‍वसनीय साझेदार है: प्रधानमंत्री मोदी
जन-जन का हमारा ऐतिहासिक संबंध हमारी व्‍यापक साझेदारी का मजबूत आधार है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था का चमकता स्‍थान है और केन्‍या मजबूत संभावनाओं की भूमि: प्रधानमंत्री मोदी
मुझे खुशी है कि केन्‍याता राष्‍ट्रीय अस्‍पताल में भारत में निर्मित अत्‍याधुनिक कैंसर उपचार मशीनी भाभाट्रोन की सुविधा होगी: मोदी
हमारे युवा की सफलता की संभावनाओं के बिना हमारे समाज विकसित नहीं हो सकते: प्रधानमंत्री मोदी
भारत और केन्‍या हिन्‍द महासागर से जुड़े हुये हैं। इसलिए समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे भूमिका महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री
हमारी अर्थव्‍यवस्‍था और समाजों के बीच गहरे सम्‍पर्क से विश्‍वसनीय सहयोग का आधार तैयार होता है: प्रधानमंत्री
इस साल के अंत में केन्‍या में भारत महोत्‍सव का आयोजन किया जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी
यदि हम वाणिज्यिक सम्‍पर्कों को और तेज बनाते हैं, तो हमारी अर्थव्‍यवस्‍थाएं लाभांवित हो सकती है: प्रधानमंत्री मोदी

महामहिम राष्‍ट्रपति उहुरू केन्‍याता,

उपराष्‍ट्रपति विलियम रूतो,

देवियों और सज्‍जनों,

महामहिम आपके द्वारा व्‍यक्‍त उदगारों के लिए आपको धन्‍यवाद,

मुझे नैरोबी आकर प्रसन्‍नता हुई है। मेरे तथा मेरे शिष्‍टमंडल के स्‍वागत और सत्कार के लिए मैं राष्‍ट्रपति केन्‍याता को धन्‍यवाद देता हूं। महामहिम मुझे बताया गया है कि आपके नाम ‘उहुरू’ का अर्थ है-स्‍वतंत्रता। एक प्रकार से आपकी जीवन यात्रा स्‍वतंत्र केन्‍या की यात्रा है। आज आपके साथ होना मेरे लिए सम्‍मान की बात है।

मित्रों,

केन्‍या भारत का मूल्‍यवान मित्र और विश्‍वसनीय साझेदार है। दोनों देशों के संबंध पुराने और समृद्ध हैं। हम दोनों देशों ने उपनिवेशवाद के विरूद्ध संघर्ष किया है। जन-जन का हमारा ऐतिहासिक संबंध हमारी व्‍यापक साझेदारी का मजबूत आधार है। यह संबंध बहु-आयामी हैं।

• कृषि और स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर विकास सहायता तक।

• व्‍यापार और वाणिज्‍य से निवेश तक।

• हमारी जनता से लेकर क्षमता सृजन और नियमित राजनीतिक विचार से लेकर रक्षा और सुरक्षा सहयोग तक हमारे संबंध है।

महामहिम राष्‍ट्रपति और मैंने संबंधों के सभी पक्षों की समीक्षा की।



मित्रों,

भारत विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था का चमकता स्‍थान है और केन्‍या मजबूत संभावनाओं की भूमि। भारत केन्‍या का सबसे बड़ा व्‍यापारिक सहयोगी है और केन्‍या में निवेश करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। लेकिन इससे अधिक हासिल करने की संभावना है।

राष्‍ट्रपति और मैंने इस बात पर सहमति व्‍यक्‍त की कि हमारी अर्थव्‍यवस्‍थाएं लाभांवित हो सकती है :

• यदि हम वाणिज्यिक सम्‍पर्कों को और तेज बनाते हैं।

• यदि हम विविधता पूर्ण व्‍यापार करते हैं, यदि हम अपने निवेश संबंधों का और विस्‍तार करते है।

इससे क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। इसमें सरकारें अपनी भूमिका निभायेंगी, लेकिन दोनों देशों के व्‍यापारों की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। अपने वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ाने की दोनों देशों की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। मैं इस संदर्भ में आज होने वाली भारत केन्‍या बिजनेस फोरम की बैठक का स्‍वागत करता हूं। भारत और केन्‍या दो विकासशील देश हैं। हम दोनों नवाचारी समाज हैं। महत्‍वपूर्ण यह है कि प्रोसेस, उत्‍पाद और प्रौद्योगिकी न केवल हमारे समाजों के लिए प्रासंगिक है, बल्कि इससे अन्‍य विकासशील देशों की जनता के जीवन में भी सुधार आता है। एम-पेसा की सफलता नवाचार का ऐसा उदाहरण है, जिससे पूरी दुनिया में लाखों लोग सशक्‍त हुये हैं। दोनों पक्ष नवा‍चारी प्रौद्योगिकी के वाणिज्यिकरण में एक साथ काम कर रहे हैं और यह बात बिजनेस फोरम की बैठक में भी दिखेगी।

मित्रों,

विकास की बहु-आयामी साझेदारी हमारे द्विपक्षीय संबंध का आधार है। विकास की हमारी प्राथमिकता कमोबेश एक-दूसरे जैसी है। एक सच्‍चे और विश्‍वसनीय सहयोगी के रूप में भारत विकास के अपने अनुभव तथा विशेषज्ञता को साझा करने के लिए तैयार है और केन्‍या के विकास उद्देश्‍यों में रियायती ऋण और क्षमता सहायता के लिए साथ काम करने को तैयार है। कृषि के मशीनीकरण, कपड़ा तथा छोटे और मझौले क्षेत्र के विकास में परियोजनाओं को ऋण देने के लिए भारत आशंवित है। हम 60 मिलियन डॉलर के भारतीय ऋण से बिजली सम्‍प्रेषण योजना की प्रगति को लेकर उत्‍साहित है। केन्‍या का अति सफल जियोथर्मल क्षेत्र तथा एलईडी अधारित स्‍ट्रीट लाइटिंग जैसी ऊर्जा सम्‍पन्‍न परियोजनायें जैसे क्षेत्रों में हम एक साथ काम कर सकते है। मैं समझता हूं कि स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र राष्‍ट्रपति उहुरू की प्रमुख प्राथमिकता है। भारत की मजबूती, विशेषकर फार्मास्‍युटिकल क्षेत्र में मजबूती, से केन्‍या में वहन करने योग्‍य और कारगर स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली का आकार देने में हम शामिल हो सकते हैं। इससे न केवल आपके समाज की आवश्‍यकताएं पूरी होंगी, बल्कि केन्‍या को क्षेत्रीय चिकित्‍सा केन्‍द्र बनने में भी मदद मिलेगी। इस संबंध में मुझे प्रसन्‍नता है कि प्रतिष्ठित केन्‍याता राष्‍ट्रीय अस्‍पताल में भारत में निर्मित अत्‍याधुनिक कैंसर उपचार मशीनी भाभाट्रोन की सुविधा होगी। हम एड्स बीमारी सहित आवश्‍यक दवाइयों और चिकित्‍सा उपकरण केन्‍या की जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली को दे रहे है।

मित्रों,

हम मानते हैं कि हमारे युवा की सफलता की संभावनाओं के बिना हमारे समाज विकसित नहीं हो सकते। इसके लिए हम शिक्षा, व्‍यवसायिक शिक्षा तथा कौशल विकास के क्षेत्र में केन्‍या के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

मित्रों,

हम अपनी विकास चुनौतियों को लेकर सचेत हैं। राष्‍ट्रपति और मैं सुरक्षा और स्थिरता की चिंतायें साझा करते हैं। भारत और केन्‍या हिन्‍द महासागर से जुड़े हुये हैं। हमारी समुद्री परंपराएं मजबूत रही हैं। इसलिए समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे घनिष्‍ठ सहयोग की महत्‍वपूर्ण भूमिका सम्‍पूर्ण रक्षा और सुरक्षा में है। रक्षा सहयोग पर हुये सहमति ज्ञापन से हमारे रक्षा प्रतिष्‍ठानों के बीच संस्‍थागत सहयोग और मजबूत होगा। इसमें स्‍टाफ आदान-प्रदान, विशेषज्ञता और अनुभव को साझा करना, प्रशिक्षण और संस्‍था निर्माण, हाइड्रोग्राफी सहयोग और उपकरण आपूर्ति शामिल हैं। राष्‍ट्रपति और मैं यह मानते हैं कि आतंकवाद और अतिवादी विचारों के तेजी से फैलाव हमारी जनता, हमारे देश, क्षेत्र और सम्‍पूर्ण विश्‍व के लिए समान चुनौती है। हम साइबर सुरक्षा, मादक द्रव्‍यों के खिलाफ लड़ाई और मानव तस्‍करी सहित सुरक्षा साझेदारी और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर सहमत हुये हैं।

मित्रों,

कल राष्‍ट्रपति और मैंने केन्‍या में भारतीय समुदाय के साथ अविस्‍मरणीय संवाद किया। जैसाकि राष्‍ट्रपति उहुरू ने कहा कि भारतीय मूल के बावजूद वे गौरवशाली कीनियाई है। हमारी अर्थव्‍यवस्‍था और समाजों के बीच गहरे सम्‍पर्क से विश्‍वसनीय सहयोग का आधार तैयार होता है। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्‍नता हो रही है कि इस साल के अंत में केन्‍या में भारत महोत्‍सव का आयोजन किया जाएगा।

महामहिम राष्‍ट्रपति उहुरू,

अंत में एक बार फिर मैं आपको, केन्‍या की सरकार और जनता को अपने स्‍वागत के लिए धन्‍यवाद देता हूं।

मैं तथा भारत की जनता भारत में आपके स्‍वागत के लिए आशान्वित है।

धन्‍यवाद।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
July 03, 2026

इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। जकार्ता में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के एक प्रमुख यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज़ एमपी के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल माननीय सुश्री सैम मोस्टिन एसी से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे जहां वे दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मेलबर्न से 10-11 जुलाई, 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में, प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे जिनमें पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों से भी बातचीत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत जन-संबंधों को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी भारतीयों की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे।