Published By : Admin |
October 16, 2016 | 19:12 IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में ब्रिक्स-बिम्सटेक आउटरीच शिखर सम्मेलन को संबोधित किया
हम समान चुनौतियों और चिंताओं से जुड़े हैं: प्रधानमंत्री
प्रौद्योगिकी दूरियों को कम कर सकती है और समुदायों को जोड़ती है, यह हमारे दैनिक जीवन में परिवर्तन ला सकती है: प्रधानमंत्री
पर्यावरण और आपदा प्रबंधन ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम एक साथ काम कर सकते हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में आयोजित ब्रिक्स-बिम्सटेक आउटरीच समिट को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम सब दुनिया की दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम समान चुनौतियों और चिंताओं से जुड़े हुए हैं। यहां कई आर्थिक संभावनाएं हैं। हमारी उन्नति, विकास, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी को लेकर संयुक्त आकांक्षाएं हैं।’
तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दूरियों को मिटा सकता है और समुदायों को जोड़ सकता है और हमारे दैनिक जीवन में परिवर्तन ला सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम पर्यावरण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक साथ काम कर सकते हैं।’
Together we represent almost two thirds of humanity. We are united by similar challenges & concerns: PM @narendramodi
विकसित राजस्थान की मजबूत नींव, विकसित भारत के संकल्प को और अधिक ताकत दे रही है: पीएम मोदी
March 07, 2026
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"आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ समेत पूरे हड़ौती क्षेत्र के लिए नई उम्मीद और नई उपलब्धि का दिन है": प्रधानमंत्री
1,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट, आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है: प्रधानमंत्री
इस विमान पत्तन के चालू होने पर कोटा समेत पूरे क्षेत्र में यात्रा आसान हो जाएगी और व्यापार में तेजी से वृद्धि होगी": प्रधानमंत्री
कोटा आज संपर्क के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है"
"अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है": प्रधानमंत्री
"कोटा और बूंदी से होकर गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक नया द्वार खोल रहा है": प्रधानमंत्री
कोटा और पूरे हाड़ौती के अंचल के, मेरे सभी साथियों को फिर से एक बार नमस्कार।
अभी पिछले ही हफ्ते मुझे राजस्थान की यात्रा पर आने का अवसर मिला था। अजमेर की पावन धरती से हमने राजस्थान के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। उसी कार्यक्रम में राजस्थान के 21 हजार से अधिक नौजवान साथियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए थे। अब अजमेर यात्रा के कुछ ही दिनों बाद, आज मुझे कोटा से जुड़े हुए इस महत्वपूर्ण एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को शुरू करने का अवसर मिल रहा है। एक ही हफ्ते में राजस्थान में विकास के इन दो बड़े कार्यक्रमों का बहुत बड़ा संदेश है। ये बताते हैं कि आज राजस्थान किस गति से आगे बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर हो, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर हों, किसानों और माताओं-बहनों के लिए योजनाएं हों, राजस्थान में हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है।
साथियों,
आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए, एक नई आशा और नई उपलब्धि का दिन है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट, आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है। मैं कोटा और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को, एयरपोर्ट के शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
मुझे याद है, नवंबर 2023 में जब मैं कोटा आया था, तब मैंने कोटा की जनता से एक वादा किया था। मैंने कहा था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल एक सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार करके दिखाया जाएगा। आज मुझे प्रसन्नता है कि वो क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थीं। अब यह स्थिति बदलने जा रही है। जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा, तो कोटा समेत आसपास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा।
साथियों,
कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी एक बड़ा केंद्र है। कोटा वह अनूठा क्षेत्र है, जहां न्यूक्लियर हो, कोयला आधारित हो, गैस और पानी हो, ऊर्जा के लगभग सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। हाड़ौती की यह धरती अपनी धरोहरों के लिए भी उतनी ही प्रसिद्ध है। कोटा कचौरी का जायका, कोटा डोरिया साड़ी, इसके साथ-साथ कोटा स्टोन और सैंड स्टोन की चमक, इन्होंने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। यहां का धनिया हो, बून्दी का बासमती चावल हो, इसकी महक अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचती है। ये क्षेत्र अपने परिश्रम, उत्पादन और संभावनाओं के लिए जाना जाता है। अब कोटा का ये नया एयरपोर्ट, यहां की संभावनाओं को कई गुना बढ़ाने का काम करेगा।
साथियों,
कोटा और हाड़ौती की यह धरती उद्यम और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। सदियों से देश-दुनिया के श्रद्धालु, यहां श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशव-राय-पाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहे हैं। गरड़िया महादेव से दिखने वाला चम्बल का दृश्य, हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी जैसे वन्यजीव अभयारण्य, इस पूरे क्षेत्र को वाइल्ड-लाइफ टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाते है। जब हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी, तो देश और दुनिया से पर्यटक यहाँ आएँगे, और इसका सीधा लाभ यहाँ के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
साथियों,
वैसे भी कोटा आज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से चारो तरफ जुड़ रहा है, बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बून्दी से होकर गुजर रहा है, पूरे क्षेत्र के विकास का नया द्वार खोल रहा है। अब दिल्ली, वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज़ कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहाँ नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री के लिए यह क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का ये नया अध्याय कोटा के विकास को और गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा।
साथियों,
मैं इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए, कोटा के सांसद, श्रीमान ओम बिरला जी के निरंतर प्रयासों की भी सराहना करना चाहता हूं। उनकी हमेशा यही कोशिश रही है कि कोटा के लोगों का जीवन बेहतर बने, उन्हें नए अवसर मिलें। एयरपोर्ट हो, ट्रिपल आईटी का नया कैंपस हो, सड़कों का विस्तार हो, कोटा के विकास के लिए वे लगातार सेवाभाव से काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण ही कोटा और इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल रही है।
साथियों,
ओम बिरला जी, जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वे संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं, वे संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं, वे आज किसी पक्ष के सदस्य नहीं हैं, वो पक्ष, प्रतिपक्ष से पूरी तरह ऊपर हैं, और मैं देख रहा हूं, जब उनको सदन में देखता हूं, तब मुझे विचार आता है कि शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वो लोकतभा अध्यक्ष के तौर पर भी एक अच्छे मुखिया की तरह, सबको साथ लेकर के चलने की भूमिका में रहते हैं और सदन में जितने भी हमारे माननीय सांसदगण हैं, उनको वो अच्छे से संभाल लेते हैं, उनकी भावनाओं को, उनके आग्रहों को बहुत ही आदर करते हैं, और एक एैसे स्पीकर महोदय हैं, जो सांसदों का सर्वाधिक सम्मान करने का स्वभाव रखते हैं। और कभी-कभी कुछ बड़े घरानों के अहंकारी उत्पाती अगर कोई छात्र आ भी जाते हैं, वो अपना हुडदंग करने की आदत तो छोड़ते नहीं हैं, तो भी वो सदन के मुखिया की तरह सबको संभालते हैं, किसी को भी अपमानित नहीं करते हैं, सबके कड़वे बोल भी झेल लेते हैं, और आपने देखा होगा हर बार वो मुस्कुराते हैं, एक मीठी हसी उनके चेहरे पर हमेशा रहती है। शायद वो भी एक कारण है कि सदन में वो सर्वप्रिय हैं।
साथियों,
जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो विकास की संभावनाओं में भी नई तेजी आती है। बीते 11 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बने नए एयरपोर्ट्स ने, विकास को नई गति दी है। 2014 से पहले देश में 70 के करीब एयरपोर्ट ही बने थे। आज यह संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। इन नए एयरपोर्ट्स ने, हवाई यात्रा को आसान किया है, पर्यटन को बढ़ावा दिया है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दी है। हम दिल्ली के आसपास ही देखें तो कई सारे नए एयरपोर्ट्स शुरू हुए हैं। हिसार में एयरपोर्ट बना है, हिंडन में एयरपोर्ट बना है, जेवर में नया एयरपोर्ट बना है, जब ये एयरपोर्ट बनते हैं, नए टर्मिनल बनते हैं, तो छोटे शहरों में भी नए उद्यम पहुंचते हैं,नई कंपनियां पहुंचती हैं। मुझे विश्वास है कि कोटा का यह नया एयरपोर्ट भी, आने वाले समय में इस क्षेत्र के विकास को इसी तरह नई गति देगा।
साथियों,
जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर काम करती हैं, जब नीयत साफ होती है और संकल्प मजबूत होता है, तब विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। आज राजस्थान में वही हो रहा है। विकसित राजस्थान की यही मजबूत नींव, विकसित भारत के संकल्प को और ताकत दे रही है। मुझे पूरा विश्वास है, हम सब मिलकर एक ऐसा राजस्थान बनाने में सफल होंगे, जो समृद्ध भी हो, सशक्त भी हो और अवसरों से भरा हुआ भी हो। इसी विश्वास के साथ, आप सभी को इस शिलान्यास के अवसर पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, बहुत-बहुत धन्यवाद। वंदे मातरम।