उत्तराखंड के देहरादून में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब उत्तराखंड को विकास के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्री मोदी ने चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा कि यह परियोजना उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने केदारनाथ में हुए हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से चारधाम तीर्थ केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

श्री मोदी ने कहा कि चारधाम यात्रा केंद्रों पर तीर्थयात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं अपर्याप्त हैं जिसकी वजह से कई श्रद्धालु यात्रा नहीं कर पाते। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जल्दी में शुरू की गई योजनाओं का अल्पकालिक राजनीतिक लाभ मिल सकता है लेकिन इससे लोगों को मिलने वाला लाभ सीमित होता है।'

श्री नरेंद्र मोदी ने कहा चारधाम यात्रा परियोजना से न केवल क्षेत्र में विकास होगा बल्कि इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केंद्र ने भारतीय गांवों के विद्युतीकरण का काम मिशन मोड में कर रही है। श्री मोदी ने कहा, 'कई दशकों से 18 हजार से ज्यादा गांव अंधेरे में जी रहे थे लेकिन हमने उनके विद्युतिकरण का जिम्मा उठाया है। हम ग्रामीण क्षेत्र के जीवन को रोशनी से भरना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि उज्जवला योजना के तहत अगले तीन सालों में गरीबों को 5 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'उत्तराखंड साहस की भूमि है। पिछले 40 सालों से पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे लेकिन पिछली सरकारों ने उनकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा और जैसे ही चुनाव नजदीक आए उनके लिए 500 करोड़ रुपये जारी कर दिए। लेकिन वास्तविकता में, ओआरओपी का बजट 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। जब हम सत्ता में आए, तो हमने उनकी जरूरतों को देखा और वन रैंक वन पेंशन को लागू कर दिया। इसका हमारे जवानों को बहुत लाभ मिला।'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी स्तरों से भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'हमने भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए एक कदम उठाया है। इंटव्यू के दौरान अभ्यर्थियों से नौकरी देने के नाम पर घूस लिया जाता था। हमने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के लिए इंटरव्यू की बाध्यता ही समाप्त कर दी।'

 प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को सजा दी जाएगी और इसकी शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'देश की जनता ने कई समस्याओं के बावजूद भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ जंग में अपना योगदान दिया। हमारा प्रयास भारत की ईमानदार और कानून की पालन करने वाली जनता के हाथों को मजबूत बनाना है।'

कार्यक्रम के दौरान पार्टी के विभिन्न कार्यकर्ता और कई केंद्रीय मंत्री भी वहां मौजूद थे।

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Total Urea stocks currently at 61.14 LMT, up from 55.22 LMT in March 2025

Media Coverage

Total Urea stocks currently at 61.14 LMT, up from 55.22 LMT in March 2025
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।