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प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, भव्य स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नेतनयाहू का धन्यवाद किया 
भारत और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध भले ही सिर्फ 25 वर्ष पुराने हैं, लेकिन हम सदियों से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं: प्रधानमंत्री मोदी 
इजरायल के साथ हमारे संबंध आपसी विश्वास पर आधारित: पीएम मोदी 
विज्ञान, इनोवेशन और अनुसंधान भविष्य में भारत और इजरायल के बीच संबंधों की नींव होगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इस्राइल के तेल अवीव में हुए एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित किया।

उन्होंने यह कहते हुए अपनी बात शुरू की कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस्राइल के दौरे पर आया है और आजादी के बाद ऐसा करने में 70 साल का लंबा समय लग गया।

उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत करने और उनकी पूरी यात्रा के दौरान सम्मान देने के लिए इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि भले ही दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते 25 साल पुराने ही हों, लेकिन भारत और इस्राइल के संबंध कई शताब्दियों से हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है, 13वीं शताब्दी में भारतीय सूफी संत बाबा फरीद यरुशलम आए थे और उन्‍होंने यहां एक गुफा में साधना की थी।

प्रधानमंत्री ने भारत और इस्राइल के बीच पारंपरिक, सांस्कृतिक, विश्वास और मित्रतापूर्ण संबंधों का वर्णन किया। उन्होंने भारत और इस्राइल के त्योहारों में समानता का भी जिक्र किया। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने होली और पुरिम, दीवाली और हनुका का उदाहरण दिया।

प्रधानमंत्री ने इस्राइल द्वारा की गई शानदार तकनीकी प्रगति और उसकी लंबी बहादुरी एवं शहादत की परंपरा का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पहले विश्व युद्ध के दौरान हैफा की आजादी में भारतीय सैनिकों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद किया। उन्होंने भारतीय यहूदी समुदाय के भारत और इस्राइल दोनों के लिए किए गए योगदान का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने इस्राइल की नवाचार की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने जियो-थर्मल पावर, सौर पैनल, एग्रो-बायोटेक्नॉलाजी और सुरक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रगति की है।

प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में भारत में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने जीएसटी लागू करने, प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी, बीमा एवं बैंकिंग क्षेत्र के सुधार और कौशल विकास समेत कई पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दूसरी हरित क्रांति के लिए इस्राइल के साथ साझेदारी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान भविष्य में भारत और इस्राइल के संबंधों का आधार बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में सुरक्षित बचे बच्चे मोशे होल्तजबर्ग से हुई मुलाकात को भी याद किया।

उन्होंने इस्राइल में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया कि इस्राइल में अनिवार्य सैन्य सेवा करने के बावजूद उन्हें ओसीआई कार्ड दिया जाएगा। प्रधानमंत्री कहा कि इस्राइल में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्हें यह भी घोषणा की कि जल्द ही दिल्ली, मुंबई और तेल अवीव के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू कर दी जाएगी।

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के 250वें सत्र पर आयोजित विशेष चर्चा को संबोधित किया
November 18, 2019
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राज्यसभा उन लोगों को चुनावी राजनीति से दूर राष्ट्र के विकास में योगदान करने का अवसर देती है: प्रधानमंत्री मोदी
हमें सदन में रुकावटों की बजाय संवाद का रास्ता चुनना चाहिए, एनसीपी-बीजेडी की विशेषता है कि दोनों ने तय किया है कि वो लोग सदन के वेल में नहीं जाएंगे: पीएम मोदी
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राज्यसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लंबे समय तक विपक्ष कम था, लेकिन आज ऐसा कम ही देखने को मिलता है। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों का कल्याण करना हमारा काम है, संघीय ढांचे देश के विकास के लिए सबसे अहम शब्द है। केंद्र सरकार जो नीतियां तैयार करती हैं, उन्हें राज्य सरकार किस प्रकार आगे बढ़ाएगी वो ये ही सदन तय करता है।