भारत और फिलिस्तीन के बीच प्राचीन एंव मैत्री संबंध: प्रधानमंत्री मोदी 
भारत फिलिस्तीन के विकास में सहयोगी साझेदार रहेगा: पीएम मोदी 
प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत और फिलिस्तीन के बीच पांच समझौते हुए

 

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति, माननीय श्रीमान महमूद अब्बास

फिलिस्तीन और भारतीय शिष्टमंडल के सदस्य,

मीडिया के सदस्य,

भाइयों और बहनों,

मैं, भारत के पुराने मित्र श्रीमान राष्ट्रपति महमूद अब्बास का उनकी भारत यात्रा पर स्वागत करके प्रसन्न हूं। भारत और फिलिस्तीन के बीच संबंध हमारी स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से दीर्घ एकजुटता और मित्रता के आधार पर बनी है। भारत फिलिस्तीन के कार्य में अपना सहयोग देने के लिए सदैव अविचल रहा है और हमें संप्रभु, स्वतंत्र, संयुक्त और व्यवहारिक फिलिस्तीन का इज़राइल के साथ शांतिपूर्वक सहसंबंध देखने की आशा है। मैंने राष्ट्रपति अब्बास के साथ हमारी बातचीत के दौरान आज अपनी स्थिति को पुनः दोहराया है।

मित्रों,

राष्ट्रपति अब्बास और मैंने अभी उपयोगी और विस्तृत चर्चा समाप्त की है जो हमारी भागीदारी को और अधिक मजबूत बनाएगी। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति और मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया पर आपस में विचार विनिमय किया है। हम इस बात पर सहमत हुए कि पश्चिमी एशिया में चुनौतियों को संतुलित राजनीतिक वार्तालाप और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना जरूरी है। भारत फिलिस्तीन और इज़राइल के बीच बातचीत को जल्दी शुरू होने की आशा करता है। द्विपक्षीय स्तर पर भारत फिलिस्तीन का महत्तवपूर्ण उपयोगी विकास भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति अब्बास और मैं इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनों देशों को व्यवहारिक सहयोग के माध्यम से फिलिस्तीन की अर्थव्यवस्था और वहां के लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए मिल-जुल कर काम करना होगा। हम फिलिस्तीन के विकास और क्षमता निर्माण के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे। आज हुए करारों से इस दिशा में हमारे सहयोग को सुदृढ़ करने की पुष्टि होती है। हमने सूचना प्रौद्योगिकी, युवा और कौशल विकास में भारत की तरफ से सहायता प्रदान करने की बात भी शुरू की है। भारत रामअल्लाह में सर्वोत्कृष्ट टेक्नोपार्क परियोजना के लिए परियोजना सहायता भी दे रहा है। एक बार यह प्रयोजना पूरी होने पर यह फिलिस्तीन में सूचना प्रौद्योगिकी हब के रूप में कार्य करेगा। जहां पर सूचना प्रद्योगिकी से संबंधित सभी प्रशिक्षण और सेवाओं के लिए एक ही छत के नीचे समाधान मिलेगा। हम योग आदान-प्रदान सहित हमारे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुदृढ़ करना चाहते हैं। हम अगले महीने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में फिलिस्तीन के लोगों से भागीदारी की इच्छा करते हैं। अंत में, मैं राष्ट्रपति महमूद अब्बास और उनके प्रतिनिधिमंडल को भारत में एक सुखद और लाभकारी वास की शुभकामना देता हूं मैं हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रपति अब्बास के साथ काम करने की आशा करता हूं।

धन्यवाद

बहुत-बहुत धन्यवाद 

 

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के लोगों को 'बस्तर पंडुम' त्योहार के विशेष आयोजन पर बधाई दी
February 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 7 से 9 फरवरी तक मनाए गए 'बस्तर पंडुम' उत्सव के लिए छत्तीसगढ़वासियों को हार्दिक बधाई दी है। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आदिवासी विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री मोदी ने कहा, “पहले जब भी बस्तर का नाम लिया जाता था तब माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि मन में आती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। आज बस्तर न केवल अपने विकास के लिए बल्कि यहां के लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए भी जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।” 

केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह की ओर से X पर किए गए एक पोस्ट के उत्तर में श्री मोदी ने कहा: 

"7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।"